Machine Translator

मेरठ की नादिर अली एण्ड कम्पनी

मेरठ

 05-02-2018 11:19 AM
ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

भारत एक उत्सव प्रेमी देश है, और भारत के किसी भी उत्सव में संगीत शामिल ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता। विवाह समारोह में तो संगीत का विशेष महत्त्व है। बारात में जब बैंड वाले अपना संगीत बजाते हैं तो सबसे संकोची लोगों के तक पैर उनकी धुन पर थिरकने लगते हैं। तो चलिए आज बात करते हैं इसी बैंड बाजे में प्रयोग होने वाले संगीत वाद्ययंत्रों की।

बहुत कम लोगों को पता होगा परन्तु भारत में बैंड बाजे के काम के साथ सम्बंधित सबसे बड़ा और सबसे पुराना नाम है नादिर अली एंड कंपनी। नादिर अली एंड कंपनी मेरठ के जली कोठी में स्थित है तथा कई वर्षों से वे भारत के संगीत वाद्ययंत्रों के सबसे बड़े उत्पादक हैं। इसकी शुरुआत 1885 में हुई थी जब नादिर अली ने अपने भाई के साथ मिलकर पीतल के उपकरणों का आयात करने की शुरुआत की। शुरूआती दौर में उन्होंने यंत्रों के छोटे छोटे भाग बनाने शुरू किये और करीब 1920 से वे कोठी अतानस में स्थित एक बड़ा कारखाना चलाने लग गए थे जहाँ बैंड बाजा सम्बंधित सभी निर्माण किया जाता था तथा उनकी मरम्मत भी की जाती थी। कहा जाता है कि कोठी अतानस में किसी कारणवश आग लग जाने के कारण आज उसका नाम जली कोठी पड़ चुका है और लोग उसका असल नाम भुला चुके हैं।

जब द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप से बैंड बाजे का शिपमेंट बाधित हो गया था, तब नादिर अली एंड कंपनी को भारी बढ़ावा मिला। इस कारण उनके व्यापार ने और गति पकड़ ली। यहाँ तक कि आज भी नादिर अली एंड कंपनी भारतीय सेना के साथ साथ विदेशी सेनाओं को भी अपने उत्पाद उपलब्ध कराती है। आज जली कोठी किसी भी बैंड वाले के लिए एक मंदिर से कम नहीं है। जली कोठी में प्रवेश करते ही हमें हर तरफ बैंड बाजे से सम्बंधित काम होता दिखना शुरू हो गया चाहे वह मरम्मत का हो, निर्माण का हो, या बैंड वालों की पोशाक का। समय के साथ जली कोठी में नादिर अली के कई और प्रतियोगी भी आये परन्तु इसमें कोई शक नहीं है कि इस व्यापार को बढ़ावा देने की शुरुआत नादिर अली ने ही की थी।



RECENT POST

  • निरपेक्ष गरीबी दर और उसकी वैश्विक स्थिति
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     20-10-2019 10:00 AM


  • भारत व विश्व की बेहतरीन मवेशी नस्लें
    स्तनधारी

     19-10-2019 11:56 AM


  • प्लास्टिक प्रदूषण ले रहा है समुद्री जीवन की जान
    समुद्र

     18-10-2019 11:04 AM


  • मेरठ का औघड़नाथ मंदिर और 1857 की क्रांति
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-10-2019 10:56 AM


  • स्वस्थ आहार व उन्नत कृषि को प्रोत्साहित करता विश्व खाद्य दिवस
    साग-सब्जियाँ

     16-10-2019 12:38 PM


  • कैसे कर्नाटक जाकर प्रसिद्ध हुआ उत्तर प्रदेश का ये पेड़ा?
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-10-2019 12:37 PM


  • विश्व की सबसे प्राचीनतम लिपियों में से एक है सिंधु लिपि
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-10-2019 02:36 PM


  • शरद पूर्णिमा का धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-10-2019 10:00 AM


  • अंग्रेज़ों के समय से चली आ रही भारत की यह निजी रेल
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     12-10-2019 10:00 AM


  • राष्ट्रीय वृक्ष के रूप में सुशोभित बरगद का पेड़
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     11-10-2019 10:56 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.