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मेरठ में इंसान एवं जानवर

मेरठ

 24-05-2017 12:00 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति
इंसानों और जानवरों का एक बेहद गहरा आपसी रिश्ता प्राचीन काल से चला आ रहा है| इसका सबसे बड़ा उदहारण यह है की प्राचीन काल से ही मानव और जानवर एक ही वातावरण में रहें तथा आपसी ज़रूरतों को पूर्ण किया| आज के समाज में प्रत्येक इंसान किसी न किसी तरह से जानवरों तथा पशुओ पर निर्भर है| अगर राज्य की सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की विज्ञप्ति को आधार मानें तो मेरठ जिले मे करीब डेढ़ लाख गायें तथा करीब साढ़े छः लाख भैंसे हैं| इसके अलावा करीब 45 हज़ार बकरियां 19 हज़ार सुअर व करीब 1.5 लाख मुर्गियाँ हैं| प्रति एक लाख पशुधन पर मेरठ जिले मे 4 जानवरों के अस्पताल कार्यरत हैं| यहाँ पर रहने वाले प्रत्येक 12 इंसान पर एक दुधारू जानवर है| यहाँ डेयरी का रोजगार और साथ ही साथ मुर्गी पालन का व्यवसाय आम जनता को रोजगार दिला सकता है| सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में पोल्ट्री-खाद्य, पशु का चारा – दोनों उद्योग, व्यवसायवृद्धि की काफी क्षमता रखते हैं|

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