रावण का ससुराल: मेरठ

मेरठ

 05-01-2018 06:02 PM
सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

ऐसी मान्यता है कि मेरठ रावण का ससुराल था। कहतें हैं कि मेरठ का पुराना नाम मयाराष्ट्र था जिसकी स्थापना दैत्य वंश के राजा मयासुर ने की थी जो रावण की पत्नी मंदोदरी के पिता थें। मेरठ से रामायण का एक और किस्सा जुड़ा है- मेरठ से गुजरते वक़्त जब श्रवण कुमार अपने बूढ़े माता-पिता को तीर्थ यात्रा पर ले जा रहे थे तब उन्हें बहुत प्यास लगी इसलिए उन्होने अपने माता-पिता को कांवड़ सहित धरती पर रख पानी लाने चले गए। उसी वक़्त वहाँ राम के पिता राजा दशरथ शिकार हेतु आये थे। उन्हें नदी में श्रवण कुमार के बर्तन की आवाज़ सुनकर लगा की कोई पशु पानी पीने आया है तो उन्होंने शब्दभेदी बाण चलाया जो श्रवण कुमार को लगा जिससे श्रवण कुमार की मृत्यु हो गयी। दशरथ से पुत्र हत्या की बात सुन कर श्रवण कुमार के अंधे माता-पिता ने उन्हें पुत्र वियोग का श्राप दिया। रामायण के साथ-साथ महाभारत का भी मेरठ से रिश्ता है। मेरठ-बड़ौत मार्ग पर; वर्तमान बरनावा (वार्णावत) को पांडवो से जुड़े लाक्षागृह जिसे दुर्योधन ने पांडवो को मारने हेतु बनवाया था, उसकी जगह माना जाता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने हाल ही में यहाँ पर उत्खनन करने का निर्णय लिया है। मेरठ से करीब 37 किमी दूर बसा हस्तिनापुर महाभारत के कौरव और पाण्डवों की राजधानी थी। भारतीय पुरातत्त्वज्ञ श्रीमान ब्रज बासी लाल (बी बी लाल) नाम से विख्यात हैं, उन्होंने हस्तिनापुर में 1950-52 में उत्खनन किया था। उसके प्राप्त नतीजों के अनुसार उन्होंने हस्तिनापुर पीरियड II (दो): 11th–8th ईसा पूर्व को महाभारत काल के दृश्यमान संबंध के आधार पर जोड़ा है। पुरातत्व नियमावली के अनुसार इस काल को चित्रित धूसर मृदभाण्ड संस्कृति (पीजीडब्लू कल्चर: पेंटेड ग्रे वेयर) से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में महाभारत से सम्बंधित जगहों की परिक्रमा का धार्मिक पर्यटन कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। साथ में जोड़े गए नक़्शे में भारत के उस समयकालीन सभ्यता की जगहों को बताया गया है। 1. http://asi.nic.in/asi_exca_imp_uttarpradesh.asp 2. https://en.wikipedia.org/wiki/Mandodari 3. https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/Go-on-ancient-trail-with-Mahabharata-circuit/articleshow/47792132.cms 4.http://www.bl.uk/onlinegallery/onlineex/apac/other/019xzz000001115u00006000.html 5. वाल्मीकि रामायण- बुक 7, उत्तर काण्ड-मन्मथ नाथ दत्त 6. http://asi.nic.in/asi_monu_alphalist_uttarpradesh_agra.asp



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