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मेरठ और दोआब में इसाई धर्म की शुरुआत

मेरठ

 04-01-2018 06:14 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

सेंट जॉन द बैप्टिस्ट चर्च उत्तर भारत का सबसे पुराना चर्च माना जाता है जो 1819 में बनाया गया था। बेगम समरू द्वारा बनाया गया बासिलिका ऑफ़ आवर लेडी ऑफ़ ग्रेसेस उत्तर भारत का सबसे बड़ा चर्च है। ईस्ट इंडिया कंपनी के आने के साथ यहाँ पर इसाई धर्म भी स्थापित होने लगा। प्रोजेक्ट कैंटरबरी के एयर चाटरटन द्वारा लिखित अ हिस्ट्री ऑफ़ द चर्च ऑफ़ इंग्लैंड इन इंडिया: सिंस द अर्ली डेज ऑफ़ द ईस्ट इंडिया कंपनी सन् 1924 साल के वृतांत के अनुसार रेवेरंड ज. फिशर ईस्ट इंडिया कंपनी के पादरी मेरठ में इसाई चर्च के प्रथम अन्वेषक थे। इन्हें मदद करने वाले कैप्टेन और श्रीमती शेरवूड ने यहाँ पर मिशनरी स्कूल शुरू किया और धर्म प्रचार की जिम्मेदारी भी संभाली। रेवरेंड सी. टी. होएर्नेल ने धर्म विस्तार का तथा श्रीमान बोवले और श्रीमान कोर्री ने मूल निवासियों को बपतिस्मा (इसाई दीक्षा) देने का कार्य किया। श्रीमती होएर्नेल और उनकी बेटियों ने पहली बार मेरठ में ज़नाना मिशन का काम शुरू किया जिसके अंतर्गत वे हिन्दू और मुस्लिम लड़कियों को घर जाकर पढ़ाती थीं। इन्ही के साथ–साथ बेगम समरू ने भी अपनी शह में इसाई धर्म का प्रचार एवं प्रसार करवाया। उसने बासिलिका के साथ मेरठ शहर में मूलनिवासी धर्मान्तरित ईसायों के लिए छोटा गिरिजाघर भी बनवाया। बेगम समरू के न्योते की वजह पहली बार प्रोटोस्टेंट इसाई मिशनरी भारत में आया। जॉन चेम्बर्लेन इस बैप्टिस्ट इसाई को लेकर बेगम समरू हरिद्वार में गयी जहाँ पर जॉन चेम्बर्लेन हर दिन उपस्थित हिन्दू तीर्थयात्रियों को हिंदी में लिखी इसाई धर्म प्रणाली बांटकर हर रोज़ हिंदी में अनुवादित इसाई धर्म-पुस्तक में से पढ़ाते थे। लेकिन इसपर लार्ड हेस्टिंग्स, जो तभी गवर्नर जनरल थे ने रोक लगा दी क्यूंकि उनके हिसाब से यह धार्मिक तनाव उत्पन्न कर सकता था। 1857 की क्रान्ति में इसाई धर्म प्रचार के कार्य को पहली बड़ी रूकावट का सामना करना पडा जिसके बाद भारत में स्वंतंत्रता संग्राम के निर्णायक सालों में और भारत स्वत्रन्त्र होने पर यह कार्य बहुत ही कम हो गया। मगर मेरठ शहर की भारतीय जनगणना रिपोर्ट (2011) के अनुसार आज भी यहाँ पर तक़रीबन 0.31% इसाई धर्म का पालन करने वाले लोग हैं। 1. द हिस्ट्री ऑफ़ क्रिस्चानिटी इन इंडिया- फ्रॉम द कमेंसमेंट ऑफ़ द क्रिस्चियन एरा, वॉल्यूम 4: जेम्स हौग्ह 2. इन द दोआब एंड रोहिलखंड- नार्थ इंडियन क्रिस्चानिटी 1815- 1915: जेम्स आल्टर 3. अ हिस्ट्री ऑफ़ द चर्च ऑफ़ इंग्लैंड इन इंडिया: एयर चाटरटन http://anglicanhistory.org/india/chatterton1924/22.html 4. मेरठ डाटा सेनसस 2011: http://www.censusindia.co.in/district/meerut-district-uttar-pradesh-138



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