मेरठ के चर्च और उनकी वास्तुकला

मेरठ

 03-01-2018 06:43 PM
वास्तुकला 1 वाह्य भवन
मेरठ का इतिहास बहुत ही रोचक रहा है। सिंधु घाटी सभ्यता/हड्डपा काल से लेकर 1857 के प्रथम स्वत्रंत्रता संग्राम तक मेरठ कई ऐतिहासिक पड़ावों का साक्षी रह चुका है। मेरठ की कई पुरानी इमारतें, उस काल की वास्तुकला को अधोरेखित करते हुए, इतिहास के सभी पड़ावों का साक्ष्य प्रदर्शित करती आज भी खड़ी हैं। इन्ही में से हैं मेरठ में बने चर्च। ये सभी चर्च यूरोपियन, गोथिक रिवाइवल और क्लासिकल स्टाइल में बने हुए हैं। सरधना में स्थित रोमन कैथोलिक चर्च उसके ऐतिहासिक वास्तुकला के कारण आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की राष्ट्रीय विरासत के महत्वपूर्ण पुरास्थलों की फेहरिस्त में शामिल किया गया है। सेंट जॉन द बैप्टिस्ट या जॉनस चर्च के नाम से जाना जाने वाला चर्च उत्तर भारत का सबसे पुराना चर्च माना जाता है। यह 1819 में ब्रिटिश सेना के लिए बनवाया गया था। मेरठ में ब्रिटिश सैन्य की छावनी होने के कारण ब्रिटिश सैनिकों और उनके परिवार के लिये तथा आम ब्रिटिश नागरिकों के लिये यहाँ पर चर्च बनवाए गए थे। सेंट जॉन चर्च उसकी वास्तुकला के लिए काफी प्रसिद्ध है। यह गोथिक रिवाइवल और क्लासिकल स्टाइल के वास्तुकला को मद्देनज़र रखते हुए बनाया गया है। नुकीले मेहराब, कोनेदार छत, नोकदार बेल टावर(चर्च की घंटी का मीनार), उठंगाना, मीनार, चर्च शिखा, समप्रमाण परियोजना या फिर असममिति‍क अंग्रेजी ल शब्द की तरह बनी चर्च परियोजना, ये सब इस प्रकार के वास्तुकला की मुख्य विशेषताएं हैं। इनमे भीतरी जगह खुली रहती थी तथा बड़ी हवादार खिड़कियाँ भी इस्तेमाल की जाती थीं। भारतीय हवामान के अनुसार यह वास्तुकला फायदेमंद थी। इसी के जैसे और भी चर्च मेरठ में बनाए गए जो इसी वास्तुकला का इस्तेमाल कर बनाए गए थें। बेगम समरू ने यहाँ पर बासिलिका ऑफ़ आवर लेडी ऑफ़ ग्रेसेस, वर्जिन मेरी को पूजने वाला चर्च 1809 में बनवाया। इसे वास्तुविद अंतोनियो रेघेल्लीनी ने बनाया था और इसकी वास्तुकला पर गोथिक के साथ-साथ भारतीय वास्तुकला का भी प्रभाव है। इन दो इसाई प्रार्थना स्थलों के साथ यहाँ पर और भी कई पुराने ब्रिटिश काल के चर्च हैं। उनमे से एक सेंट थॉमस चर्च है जो रेवरेंड सी. टी. होएर्नेल मिशनरी ने बनवाया था। सेंट जोसफ कैथेड्रल ये बड़ा गिरिजाघर भी बेगम समरू ने बनवाया था जहाँ पर ब्रिटिश सैनिक बड़ी संख्या में प्रार्थना करने के लिए आया करते थे। आज ये सभी चर्च अपनी सुन्दर वास्तुकला तथा ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं और आज भी इतिहास का साक्ष्य देते हुए इस्तेमाल में भी। 1. आगरा सर्कल, उत्तर प्रदेश, लिस्ट ऑफ़ नेशनल मोनुमेंट्स: http://asi.nic.in/asi_monu_alphalist_uttarpradesh_agra.asp 2. हेरिटेज साइट्स ऑफ़ इंडिया- मेरठ: http://www.heritagesitesofindia.in/uttar-pradesh/meerut/ 3. मेरठ: https://wiki.fibis.org/w/Meerut 4. मेक हिस्ट्री- आर्किटेक्चरल स्टाइल्स: http://gimliheritage.ca/pdfs/Architectural%20Style%20Guide.pdf 5. पेन्सिलवेनिया हिस्टोरिकल एंड म्यूजियम कमिशन-http://www.phmc.state.pa.us/portal/communities/architecture/styles/classical-revival.html 6.रिसर्चिंग हिस्टोरिक बिल्डिंग्स इन द ब्रिटिश ऐयल्स: http://www.buildinghistory.org/style/gothicrevival.shtml



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