गंगा इमली- पौष्टिक तत्वों से भरपूर एक जंगली फल

मेरठ

 10-05-2021 08:52 AM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें साग-सब्जियाँ

गंगा इमली एक जंगली सदाबहार पेड़ है जिसे शायद इसके जलेबी जैसे घुमावदार आकार के कारण जंगली जलेबी के नाम से भी जाना जाता है। मूल रूप से मैक्सिको (Mexico) का यह फल कई देशों जैसे संयुक्त राष्ट्र अमेरिका (United States of America), पेरू (Peru), ब्राजील (Brazil), ग़ुवाना (Guyana), क्यूबा (Cuba), कंबोडिया (Cambodia), लाओस (Laos), चीन (China), थाईलैंड (Thailand), मलेशिया (Malaysia), जमैका (Jamaica), फिलीपिंस (Philippines) और इंडोनेशिया (Indonesia) आदि में भी बड़ी मात्रा में पाया जाता है। भारत में जंगल जलेबी के पेड़ केरल, तमिलनाड़ु, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र में पाए जाते हैं। इसके पेड़ की ऊँचाई 20 मीटर तक बढ़ती है और इसकी कांटेदार शाखाओं और पर्णपाती पत्तियों के कारण यह सदैव हरे-भरे दिखाई देते हैं। सुगंधित सफेद-हरे फूल और भूरे या लाल फल (जो कच्चे होने पर हरे और पकने पर लाल-गुलाबी रंग के होते हैं) या "फली" वाला यह पेड़ विभिन्न नामों से जाना जाता है। तेलुगु में इसे "सीमा चिन्ताकाया", तमिल में "कोडुका पुली", कन्नड़ में “सीमा हुनसे” कहा जाता है। जबकि अन्य अंग्रेजी नामों में मनीला इमली, मद्रास थॉर्न, मंकी पॉड और कैमाचाइल आदि प्रमुख हैं।

वनस्पति विज्ञान और वैज्ञानिक शब्दावली में इसे पूथेशैल्लोबीयम डलस (Pithecellobium Dulce) नाम से जाना जाता है। इसकी खेती व्यावसायिक तौर पर नहीं की जाती और एक जंगली फल होने के कारण इसके लाभकारी गुणों से कम ही लोग परिचित होते हैं। आइए चर्चा करते हैं कि किस प्रकार यह फल हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गुणकारी होता है। इसमें प्रोटीन (Protein), वसा, कार्बोहैड्रेट (Carbohydrates), कैल्शियम (Calcium), फास्फोरस (Phosphorus), लौह, थायामिन (Thymine), रिबोफ्लेविन (Riboflavin) आदि कई आवश्यक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में विद्यमान होते हैं। साथ ही यह विटामिन ए, सी, बी1, बी2 व बी3 (Vitamin A, C, B1, B2 and B3) के विशाल भंडार होते हैं। यह फल दाँतों और हड्डियों को मजबूत बनाता है और मधुमेह के रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखता है। इसकी लकड़ियों का इस्तेमाल इमारती लकड़ी की तरह किया जाता है। इसके पेड़ की छाल से बने काढ़े का उपयोग दस्त, त्वचा रोगों, मधुमेह और आँख की जलन व सूजन आदि रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसकी पत्तियाँ यौन संचारित रोगों के इलाज और दर्द निवारक के रूप में उपयोग में लाई जाती हैं। इस फल के अन्य लाभदायक गुणों में वज़न कम करने में सहायक, आँतों की समस्या का उपचार, त्वचा रोग संबंधी उपचार, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक, तनाव कम करने में सहायक आदि शामिल हैं। एक अध्ययन से पता चला है कि इसकी पत्तियों में पाए जाने वाले कैंसर-रोधी तत्वों ने केवल चुनिंदा एपोप्टोसिस (Apoptosis) की प्रक्रिया के माध्यम से मानव स्तन कैंसर कोशिकाओं को कम करने में मदद की है और इसके सेवन से ट्यूमर (Tumor) के विकास को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। मानसिक रोगों और हृदय संबंधी रोगों के उपचार में भी यह फल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जंगल जलेबी टैनिन (फिनोल) (Tannin (Phenols)) और क्वेरसेटिन (फ्लेवोनोइड) (Quercetin (Flavonoid)) जैसे शक्तिशाली फाइटोकेमिकल्स (Phytochemicals) से भरपूर होते हैं। इन फलों के अन्य इथेनॉलिक (Ethanolic) अर्क में हेपटाकैसोनोइक एसिड (Heptacosanoic Acid), टेट्राकोनसोल (Tetracosanol), हेक्साडेकोनिक एसिड (Hexadecanoic Acid) और स्टिगमास्टरोल (Stigmasterol) शामिल हैं। इसके बीज में सैपोनिन (Saponins), ग्लाइकोसाइड (Glycosides), पॉलीसेकेराइड (Polysaccharides), क्वेरसेटिन (Quercetin), कैम्पेरफोल (Kaempferol), एस्कॉर्बिक एसिड (Ascorbic Acid) और फॉर्मिक एसिड (Formic Acid) पाया जाता है। इसमें लगभग 17 असंतृप्त वसा अम्ल और 9 संतृप्त वसा अम्ल होते हैं।
जंगल इमली शून्य (0) डिग्री सैल्सियस से छियालीस (46) डिग्री सैल्सियस के बीच के किसी भी तापमान वाले वातावरण में और 5 सेंटीमीटर से 15 सेंटीमीटर की औसत वार्षिक वर्षा के साथ अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अच्छी तरह पनपता है। सूखी मिट्टी इसके लिए उत्तम मानी जाती है हालाँकि यह जलोढ़ मिट्टी और रेत पर नदी के किनारे भी पाया जाता है। यह फल मुख्यत: अप्रैल से जून के महीनों में लगता है। इसके पेड़ की लकड़ी का उपयोग ईंधन, चौखट, बक्से, कृषि उपकरण और गाड़ी के पहिये बनाने के लिए भी किया जाता है। जंगल इमली को कच्चा ही खाया जाता है और पेय पदार्थ जैसे नींबू पानी या शरबत आदि के लिए इसे पकाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बीजों में 30-37.5 - 67.11% प्रोटीन पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे भविष्य में पशु-आहार के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। कई देशों में इस फल और इसके पेड़ के कई हिस्सों का उपयोग पारंपरिक दवा के रूप में भी किया जाता आ रहा है। ऐसा माना जाता है कि इसके पौधे के गैर-निर्दिष्ट भागों का उपयोग अर्क के रूप में किया जाता है जो कि रक्तस्राव और टीबी को भी समाप्त करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

संदर्भ:
https://bit.ly/3b07TRy
https://bit.ly/33inM1b
https://bit.ly/3ejzHSG
https://bit.ly/2RrBJao
https://bit.ly/3nLWJoD
https://bit.ly/35wkzua

चित्र संदर्भ
1.गंगा इमली का एक चित्रण (Youtube)
2.गंगा इमली का एक चित्रण (Flickr)
3.गंगा इमली के वृक्ष का एक चित्रण (Flickr)

RECENT POST

  • भगवान गौतम बुद्ध के जन्म से सम्बंधित जातक कथाएं सिखाती हैं बौद्ध साहित्य के सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:49 AM


  • हमारे बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक देश में शैक्षिक जगत से विलुप्‍त होता भाषा अध्‍ययन के प्रति रूझान
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:06 AM


  • अपघटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, दीमक
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:31 PM


  • भोजन का स्थायी, प्रोटीन युक्त व् किफायती स्रोत हैं कीड़े, कम कार्बन पदचिह्न, भविष्य का है यह भोजन?
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:11 AM


  • मेरठ में सबसे पुराने से लेकर आधुनिक स्विमिंग पूलों का सफर
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     13-05-2022 09:38 AM


  • भारत में बढ़ रहा तापमान पानी की आपूर्ति को कर रहा है गंभीर रूप से प्रभावित
    जलवायु व ऋतु

     11-05-2022 09:07 PM


  • मेरठ की रानी बेगम समरू की साहसिक कहानी
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     11-05-2022 12:10 PM


  • घातक वायरस को समाप्‍त करने में सहायक अच्‍छे वायरस
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     10-05-2022 09:00 AM


  • विदेश की नई संस्कृति में पढ़ाई, छात्रों के लिए जीवन बदलने वाला अनुभव हो सकता है
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     09-05-2022 08:53 AM


  • रोम के रक्षक माने जाते हैं,जूनो के कलहंस
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     08-05-2022 07:33 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id