Post Viewership from Post Date to 09-Nov-2020
City Subscribers (FB+App) Website (Direct+Google) Email Instagram Total
1538 3 0 0 1541

***Scroll down to the bottom of the page for above post viewership metric definitions

कोविड-19 के चलते विश्‍व मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य दिवस का महत्‍व

मेरठ

 10-10-2020 03:27 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

प्रत्‍येक वर्ष 10 अक्‍टूबर को विश्‍व मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य दिवस मनाया जाता है, वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ (World Federation for Mental Health) के द्वारा 10 अक्‍टूबर 1992 से इसकी शुरूआत की गयी। 150 से भी अधिक देश आज इस विश्‍व मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के सदस्‍य हैं। इसका मुख्‍य उद्देश्‍य विश्‍व को मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति शिक्षित करना और इसके विषय में व्‍याप्‍त सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना है। 1994 में तत्कालीन महासचिव यूजीन ब्रॉडी (Eugene Brody) के सुझाव पर पहली बार विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस एक थीम (Theme) "दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार" के साथ मनाया गया। वैसे हर गुजरते समय के साथ इसका महत्‍व बढ़ता जा रहा है किंतु इस वर्ष फैली महामारी (कोविड-19) ने विश्‍व स्‍तर पर व्‍यापक नकारात्‍मक प्रभाव डाला है, जिसके चलते समाज के प्रत्‍येग वर्ग के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर विपरित प्रभाव पड़ा है, अत: वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति जागरूकता लाना अत्‍यंत आवश्‍यक हो गया है।
कोविड-19 के चलते चिंता, भय, अलगाव, सामाजिक भेद और प्रतिबंध, अनिश्चितता और भावनात्मक संकट जैसे कारक अत्‍यंत प्रभावी हो गए हैं, जो विभिन्‍न प्रकार के मानसिक विकारों का कारण बन रहे हैं। आज असंख्‍य लोग मात्र एक वक्‍त के भोजन के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो कोई अपने भावी जीवन को लेकर चिंतित है, किसी की नौकरी दाव पर लगी है तो कोई नौकरी से हाथ धो बैठा है। वहीं स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी कोरोना से प्रभावित लोगों के बीच में रहकर स्‍वास्‍थ्‍य सेवा दे रहें हैं। विद्यार्थी और शिक्षक अपनी शिक्षण प्रक्रिया को निरंतर रखने के लिए विभिन्‍न चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। संपूर्ण विश्‍व आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है और इस कोरोना के बादल अभी दूर दूर तक छंटते नजर नहीं आ रहें हैं। ऐसे में मानसिक तनाव उठना स्‍वभाविक है। अकेलेपन की भावना, परित्याग का डर, दैनिक गतिविधियों में उदासीनता और निराशाजनक दृष्टिकोण होना विभिन्न मानसिक बीमारियों और स्थितियों के कुछ सामान्य लक्षण हैं। जिसे किसी अन्‍य व्‍यक्ति द्वारा देखा या महसूस नहीं किया जा सकता है। इसका एहसास उसी को होतो है, जो इससे जूझ रहा होता है। एक अनुमान के अनुसार लगभग 450 मिलियन लोग मानसिक रोगों से जुझ रहे हैं। विश्‍व बैंक की एक रिपोर्ट (1993) के अनुसार बिमारियों के कारण घटने वाली उम्र में डायरिया, मलेरिया, कृमि संक्रमण और तपेदिक की तुलना में मानसिक बिमारियों की ज्‍यादा भूमिका है।
यह बीमारी के वैश्विक बोझ (GBD) का 12% था, जो अब संभवत: बढ़कर 15% से भी ज्‍यादा हो गया है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार प्रत्‍येक 40 सेकेण्‍ड में एक व्‍यक्ति आत्‍महत्‍या से मरता है। प्रत्‍येक वर्ष लगभग 8 लाख लोग आत्‍महत्‍या से मरते हैं, कोविड-19 ने इस आंकड़े को बढ़ा दिया है। आत्‍महत्‍या करने वालों में 15-39 वर्ष के लोगों की संख्‍या ज्‍यादा है। 79% वैश्विक आत्महत्याएँ निम्न और मध्यम आय वाले देशों में होती हैं। भारत में हर साल लगभग 2.2 लाख लोग आत्महत्या करके मर जाते हैं। जिनमें महिलाओं की संख्‍या ज्‍यादा होती है। भारत में दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा महिला आत्महत्या दर (14.7%) है। आत्‍महत्‍या का प्रमुख कारण मानसिक तनाव ही है।
मानसिक स्वास्थ्य एक मानवीय अधिकार है, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाएं सभी के लिए उपलब्ध होनी चाहिए। विश्‍व के सतत विकास के 17 लक्ष्‍यों में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को भी रखा गया है, जिसको प्राप्‍त करने के लिए सभी को उत्‍तम, सुलभ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्‍ध कराना अनिवार्य है जिसमें मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं भी शामिल हैं। कोरोना महामारी के चलते विश्‍व स्‍वाथ्‍य संगठन के प्रमुख डा. टेड्रोस एद्हनोम गेहब्रेयसस (Dr. Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने कहा है कि कोई भी व्‍यक्ति मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिसके लिए राष्ट्रीय सरकारों को निजी स्‍तर पर निवेश करने की आवश्‍यकता है। इसके साथ ही जनता को भी जागरूक करना होगा, जिसके लिए विश्‍व मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य दिवस एक अच्‍छा अवसर है।
भारत में लगभग 1.35 बिलियन जनसंख्‍या में मात्र 6000 पंजीकृत मनोचिकित्सक हैं, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक 225,000 लोगों के लिए केवल एक मनोचिकित्सक उपलब्ध है। आजादी के समय, 400 मिलियन की आबादी के लिए विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 10,000 बेड थे। पिछले 70 वर्षों में, जनसंख्या में कई गुना वृद्धि हुई है, जबकि बिस्तरों की संख्या लगभग 21000 तक ही बढ़ी है, जिसका अर्थ है कि प्रति 5000 लोगों पर केवल 1 बिस्तर है। जिसमें सुधार की आवश्‍यकता है।

संदर्भ:
https://en.wikipedia.org/wiki/World_Mental_Health_Day
https://wfmh.global/world-mental-health-day-2020/
https://bit.ly/2St9gyr

चित्र सन्दर्भ:
पहली छवि विश्व मानसिक स्वास्थ्य लोगो को दिखाती है।(canva)
दूसरा चित्र व्यक्ति के मन को प्रदर्शित करता है।(canva)
तीसरी छवि योग मुद्रा दिखाती है, जो मानसिक स्वास्थ्य की पवित्रता बनाए रखने में मदद करती है।(canva)


***Definitions of the post viewership metrics on top of the page:
A. City Subscribers (FB + App) -This is the Total city-based unique subscribers from the Prarang Hindi FB page and the Prarang App who reached this specific post. Do note that any Prarang subscribers who visited this post from outside (Pin-Code range) the city OR did not login to their Facebook account during this time, are NOT included in this total.
B. Website (Google + Direct) -This is the Total viewership of readers who reached this post directly through their browsers and via Google search.
C. Total Viewership —This is the Sum of all Subscribers(FB+App), Website(Google+Direct), Email and Instagram who reached this Prarang post/page.
D. The Reach (Viewership) on the post is updated either on the 6th day from the day of posting or on the completion ( Day 31 or 32) of One Month from the day of posting. The numbers displayed are indicative of the cumulative count of each metric at the end of 5 DAYS or a FULL MONTH, from the day of Posting to respective hyper-local Prarang subscribers, in the city.

RECENT POST

  • जगन्नाथ रथ यात्रा विशेष: दुनिया के सबसे बड़े रथ उत्सव से जुडी शानदार किवदंतियाँ
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     01-07-2022 10:22 AM


  • भारत के सबसे बड़े आदिवासी समूहों में से एक, गोंड जनजाति की संस्कृति व् परम्परा, उनके सरल व् गूढ़ रहस्य
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     30-06-2022 08:35 AM


  • सिंथेटिक कोशिकाओं में छिपी हैं, क्रांतिकारी संभावनाएं
    कोशिका के आधार पर

     29-06-2022 09:19 AM


  • मेरठ का 300 साल पुराना शानदार अबू का मकबरा आज बकरियों का तबेला बनकर रह गया है
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     28-06-2022 08:15 AM


  • ब्लास्ट फिशिंग से होता न सिर्फ मछुआरे की जान को जोखिम, बल्कि जल जीवों को भी भारी नुकसान
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:25 AM


  • एक पौराणिक जानवर के रूप में प्रसिद्ध थे जिराफ
    शारीरिक

     26-06-2022 10:08 AM


  • अन्य शिकारी जानवरों पर भारी पड़ रही हैं, बाघ केंद्रित संरक्षण नीतियां
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:49 AM


  • हम में से कई लोगों को कड़वे व्यंजन पसंद आते हैं, जबकि उनकी कड़वाहट कई लोगों के लिए सहन नहीं होती
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:49 AM


  • भारत में पश्चिमी शास्त्रीय संगीत धीरे-धीरे से ही सही, लेकिन लोकप्रिय हो रहा है
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:30 AM


  • योग शरीर को लचीला ही नहीं बल्कि ताकतवर भी बनाता है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:23 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id