पक्षियों के अस्तित्व को बनाए रखने और सुधारने में सहायक सिद्ध हुई है तालाबंदी

मेरठ

 08-08-2020 06:40 PM
पंछीयाँ

कोविड-19 (COVID-19) महामारी को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में तालाबंदी की गयी, जिसकी वजह से जहां कुछ नकारात्मक प्रभाव देखने को मिले वहीं कुछ सकारात्मक प्रभाव भी सामने आये। पूरे देश में तालाबंदी के कारण वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आयी, जिसकी वजह से पक्षियों और तितलियों की संख्या में वृद्धि देखी गयी। कारखानों में मशीनों, सडकों पर वाहनों और इंजनों की आवाज को अब पक्षियों की चहचहाहट या कलकल ने प्रतिस्थापित कर दिया है। अब पक्षियों की चहक को आप सुबह-शाम स्पष्ट रूप से सुन सकते हैं। इसका मुख्य कारण है तालाबंदी के चलते हर प्रकार के पर्यावरण प्रदूषण में कमी आना। इससे वातावरण प्रदूषण तो कम हुआ ही है, साथ ही जीवों के अस्तित्व को बनाए रखने या सुधारने में भी मदद मिली है। जब ध्वनि प्रदूषण कम होता है, तब पक्षी खुद को आसानी से व्यक्त करते हैं। इसी प्रकार से वाहनों और कारखानों से निकलने वाली हानिकारक गैसों में धातुओं की भारी मात्रा होती है, जो जीवों की मृत्यु दर में वृद्धि करती है। तालाबंदी के कारण कारखानों और वाहनों से निकलने वाली गैसों की विषाक्तता में कमी के कारण अब तितलियों और पक्षियों के झुंड चारों ओर उड़ते दिखायी दे रहे हैं। इसके अलावा इनमें प्रजनन भी अधिक हो रहा है क्योंकि इस समय वातावरण उनके लिए अनुकूलित हो गया है। मानव गतिविधियों का सीधा-सीधा असर प्रकृति और विभिन्न जीव-जंतुओं पर होता है। जिस स्थान पर मानव आबादी कम होती है, वहां मानव की सुविधा के लिए बनायी या विकसित की गयी गतिविधियों की कमी होती है। ऐसे स्थानों पर कोई विमान नहीं उतरते, सड़क पर कम वाहन चलते तथा वनों को कोई नुकसान नहीं पंहुचता, जिसकी वजह से पक्षियों की उड़ाने अत्यधिक होती हैं तथा वे अपनी ऐतिहासिक भौगोलिक सीमाओं को बनाए रखते हैं।
इसलिए तालाबंदी की अवस्था को पक्षियों के लिए एक उपयुक्त समय माना जा रहा है। आज हम अपने आस पास पक्षियों और अन्य जंतुओं को आसानी से देख सकते हैं क्योंकि तालाबंदी के समय वे अपने भोजन या आवास निर्माण के लिए बिना किसी डर के बाहर निकल रहे हैं, वातावरण के शांत और स्वच्छ रूप में उन्होंने खुद को सुरक्षित और अनुकूलित पाया है। इसके अलावा घर के आस-पास मौजूद जीवों को हम नजर अंदाज नहीं कर रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें हम आसानी से अपने गार्डन (Garden) में देख पा रहे हैं। पक्षियों पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों या शोधकर्ताओं के लिए यह एक अच्छा समय हो सकता था क्योंकि इस मौसम में पक्षियों को आसानी से देखा जा सकता है किंतु कोरोना महामारी के कारण हुई तालाबंदी के कारण शोधकर्ताओं को या तो अनुसंधान बंद करना पड़ा या फिर एक निश्चित समयावधि के लिए रोकना पड़ा। यह रूकावट एक महत्वपूर्ण समय पर हुई क्योंकि इस दौरान या इस मौसम में अधिकतर पक्षियों की विभिन्न नस्लें प्रवास करती हैं, घोंसला बनाती हैं तथा अपनी पहली उड़ान भरती हैं। लेकिन प्रजातियों की एक विस्तृत श्रृंखला पर निगरानी और अनुसंधान को विलंबित किया गया।
शोधकर्ताओं का मानना है कि कोरोना महामारी के चलते जो महत्वपूर्ण समय व्यर्थ निकल गया, उसका प्रभाव भविष्य में उनके शोध पर अवश्य पडेगा। वहीं दूसरी तरफ, अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि, यह वर्ष यह जानने का एक अनूठा अवसर भी प्रदान करता है, कि कैसे वास्तविक और सही समय का उपयोग कर पक्षी, अचानक शांत, कम-प्रदूषित और कम आबादी वाले क्षेत्रों में एक बड़े पैमाने पर उड़ान भर रहे हैं, प्रजनन क्रिया में भाग ले रहे हैं, घोंसले बना रहे हैं और अंडे देना शुरू कर रहे हैं।

संदर्भ:
https://bit.ly/2YX2K7m
https://www.sciencenewsforstudents.org/article/covid-19-why-more-wildlife-pandemic-coronavirus
https://www.audubon.org/news/for-scientists-who-study-birds-spring-without-precedent
https://www.newsgram.com/covid-19-effect-population-birds-surged-india

चित्र सन्दर्भ:

पहले चित्र में झुंड में पानी के पक्षी का चित्रण है।(youtube)
दूसरे चित्र में गुजरात के सीगल को दिखाया गया है। (youtube)
तीसरे छितरा में पक्षियों में छाया का प्रकीर्णन है। (wikimedia)



RECENT POST

  • हिंदू देवी-देवताओं की सापेक्षिक सर्वोच्चता के संदर्भ में है विविध दृष्टिकोण
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-10-2020 08:11 PM


  • पश्चिमी हवाओं का उत्‍तर भारत में योगदान
    जलवायु व ऋतु

     22-10-2020 12:11 AM


  • प्राचीनकाल से जन-जन का आत्म कल्याण कर रहा है, मां मंशा देवी मंदिर
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     21-10-2020 09:32 AM


  • भारतीय खानपान का अभिन्‍न अंग चीनी भोजन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     20-10-2020 08:52 AM


  • नवरात्रि के विविध रूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-10-2020 08:54 AM


  • बिलबोर्ड (Billboard) 100 का नंबर 2 गाना , कोरियाई पॉप ‘गंगनम स्टाइल’
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     18-10-2020 10:01 AM


  • जैविक खाद्य प्रणालियों के विकास का महत्व
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     16-10-2020 11:19 PM


  • विश्व को भारत की देन : अहिंसा सिल्क
    तितलियाँ व कीड़े

     16-10-2020 06:08 AM


  • गैंडे के सींग को काट कर किया जा रहा है उनका संरक्षण
    स्तनधारी

     14-10-2020 04:44 PM


  • किल्पिपट्टु रामायण स्वामी रामानंद द्वारा रचित अध्यात्म रामायण की व्याख्या है
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-10-2020 03:02 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id