शहरीकरण का ही एक रूप है, संक्रामक रोग

मेरठ

 07-04-2020 05:00 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

पिछले कई वर्षों में ऐसी कई बीमारियां सामने आयी हैं, जिन्होंने मानव जीवन को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए शहरी नियोजन और प्रबंधन में कई महत्वपूर्ण विकास किये गये जिसने शहरों को आकार दिया है। जिस प्रकार से 1918 के स्पेनिश फ्लू (Spanish flu) रोगों की इन सूची में शामिल हुआ था, ठीक उसी प्रकार से कोविड-19 (COVID-19) भी संक्रामक रोगों की एक लंबी सूची में शामिल हो गया है। स्पेनिश फ्लू ने विश्व में लगभग 500 मिलियन (50 करोड़) लोगों को प्रभावित किया था तथा लगभग 50 मिलियन (5 करोड़) लोग इससे मारे गए। हांलाकि कोरोना (corona) संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, किंतु संक्रमण फैलने की संभावनाएं बहुत अधिक हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब शहरी स्थान और वस्तुओं व लोगों की वैश्विक आवाजाही ने महामारी के खतरे को जन्म दिया है, किंतु इससे पहले भी संक्रामक बीमारियां शहरों की कहानियों का हिस्सा रही हैं। या यूं कहा जा सकता है, कि संक्रामक बीमारियों का उभरना शहरीकरण का ही एक रूप या प्रभाव है। 19वीं सदी के मध्य में फैला हैजा का प्रकोप इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है। इसके अलावा प्लेग (plague) से लेकर सार्स (SARS) और इबोला (Ebola) तक इन बीमारियों के कुछ अन्य उदाहरण हैं।

दुनिया दिन प्रति दिन अधिक शहरी होती जा रही है तथा शहरीकरण की यह प्रक्रिया 18वीं शताब्दी में औद्योगिक क्रांति के बाद से जारी है। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का अनुमान है कि शहरी केंद्रों में लगभग 3.19 बिलियन (3190 करोड़) लोग निवास करते हैं तथा अगले 30 वर्षों में एशिया और अफ्रीका की शहरी आबादी में बड़ी वृद्धि होने की सम्भावना है। एशिया और अफ्रीका की वर्तमान शहरी आबादी क्रमशः 48% और 40% है तथा 2050 तक यह प्रतिशत क्रमशः 64% और 56% बढ़ने की सम्भावना है। विकसित देश, जिन्हें परंपरागत रूप से उच्च आय वाले देश माना जाता है, पहले से ही शहरीकृत हैं, तथा यह वृद्धि विकासशील देशों में अधिक तेजी से हो रही है। शहरीकरण वैश्विक स्वास्थ्य और व्यापक रोग-विज्ञान के लिए कई चुनौतियों का कारण बनता है। नए महानगर नई महामारी के लिए इनक्यूबेटर (incubator) हो सकते हैं, जो ज़ूनोटिक (zoonotic) रोगों के फैलने का कारण बन सकते हैं। तीव्र शहरीकरण ने पूर्ण रूप से प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों में भी हस्तक्षेप किया है, जिससे नई बस्तियों की वन्यजीवों के साथ नज़दीकियां बढ़ी हैं, जो ज़ूनोटिक रोगों के लिए एक संभावित स्रोत हो सकता है। शहरीकरण की प्रक्रिया शहरी परिवेश में लोगों की बढ़ती आवाजाही और स्थायीकरण को संदर्भित करती है। नए आधुनिक शहरों का उदय उभरते संक्रामक रोगों के पहलू में संभावित जोखिम और चुनौतियां पैदा करता है। शहरी वातावरण में विभिन्न जोखिम कारक गरीब आवास, अपर्याप्त जल आपूर्ति, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन आदि हैं, जो क्षेत्र में रोगजनकों को अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। ये सभी कारक ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोगजनकों के प्रसार को बढ़ाते हैं। शहरों में रहने की स्थिति ग्रामीण परिवेश की तुलना में बेहतर है, चूंकि यहां बेहतर आवास, स्वच्छता, वेंटिलेशन (ventilation) और सामाजिक सेवाएं अपेक्षाकृत अधिक हैं, किंतु प्रवासियों के तेजी से प्रवाह के कारण स्थानीय सरकारें सुरक्षित आवास, पेयजल, और पर्याप्त सीवेज सुविधाएं (sewage services) प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं, जोकि संभावित स्वास्थ्य के लिए खतरे का कारण बनता है।

शहरीकरण जलवायु परिवर्तन का भी कारण बनता है, जो रोगजनकों के प्रसार को बढ़ावा देता है। हालांकि विभिन्न रोग शहरीकरण का हिस्सा रहे हैं किंतु इससे निपटने के लिए एक उपकरण के रूप में शहरी नियोजन या योजना का इस्तेमाल किया जाता रहा है। उदाहरण के लिए 19वीं सदी के मध्य में स्वच्छता प्रणाली, हैजा के प्रकोप जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट से बचने के लिए विकसित की गयी थी। शहरों में मलेरिया और हैजा के प्रसार को रोकने हेतु स्वास्थ्य-रक्षा के रूप में आधुनिक योजना और सिविल इंजीनियरिंग (civil engineering) को 19वीं शताब्दी के मध्य में विकसित किया गया था। कोरोना संक्रमण चूंकि मुख्य रूप से वस्तुओं और मानवों की आवाजाही से फैल रहा है, इसलिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (digital infrastructure) हमारे समय के लिए स्वास्थ्य-रक्षा हो सकता है। यह इबोला के दौरान भी थोड़ा अस्तित्व में था, लेकिन इस आकार में नहीं जितना कि आज है। टेंसेंट (Tencent) और अलीबाबा (Alibaba) जैसी प्रमुख सेवाएं आपको बता सकती हैं कि आपके पड़ोस में कौन बीमार है। इस प्रकार लोग अपने दैनिक निर्णय डिजिटल बुनियादी ढांचे के आधार पर ले रहे हैं। इस प्रकार पर्याप्त शहरी योजना तथा निगरानी वैश्विक स्वास्थ्य में सुधार करने तथा संचारी रोगों को कम करने के लिए शक्तिशाली उपकरण हो सकते हैं।

संदर्भ:
1. https://bit.ly/2JMWvKA
2. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4481042/
3. https://bit.ly/3e1PvHS
चित्र सन्दर्भ:
1. prarang Archive
2. prarang Archive
3. Urbanization - picseql.com

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