उत्तर प्रदेश भी बन सकता है अग्रणी मछली उत्पादक राज्य

मेरठ

 27-11-2019 12:51 PM
मछलियाँ व उभयचर

भारत में मत्स्य पालन तटीय राज्यों में एक प्रमुख उद्योग है, जिसमें 1.4 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं। 2016-17 में, देश ने ₹37,870.90 करोड़ मूल्य के 11,34,948 मीट्रिक टन समुद्री खाद्य का निर्यात किया। निर्यात में मुख्य रूप से जमे हुए झींगे मौजूद थे। भारत में 8,129 किलोमीटर समुद्री तट, 3,827 मछली पकड़ने के गांव और 1,914 पारंपरिक मछली तट केंद्र हैं। वहीं भारत के ताज़े जल संसाधनों में 1,95,210 किलोमीटर की नदियाँ और नहरें, 29 लाख हेक्टेयर छोटे और बड़े जलाशय, 24 लाख हेक्टेयर तालाब और झीलें और लगभग 8 लाख हेक्टेयर बाढ़ के मैदान आर्द्रभूमि और जल निकाय शामिल हैं।

साथ ही 2010 में, समुद्री और मीठे पानी के संसाधनों ने 4 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक मछली को सतत रूप से पकड़ने की क्षमता दिखाई। इसके अलावा, 2010 में जल और प्राकृतिक संसाधन से 39 लाख मीट्रिक टन मत्स्यपालन को देखते हुए यदि भारत मछली पकड़ने के ज्ञान, नियामक सुधार और स्थिरता नीतियों को अपनाता है तो मछली में दस गुना वृद्धि होने की क्षमता है। भारत में मत्स्य पालन ने 2008 में भारत के वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद के 1% से अधिक का योगदान दिया था। भारत में मत्स्य पालन लगभग 1.45 करोड़ लोगों को रोज़गार देता है।

मछली पकड़ने से आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए, भारत ने विशेष आर्थिक क्षेत्र को अपनाया है। हिंद महासागर में 200 समुद्री मील (370 किमी) है, जिसमें 20 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र शामिल है। वित्तीय वर्ष 1950 में मछली उत्पादन 8,00,000 टन से बढ़कर 1990 के दशक की शुरुआत में 41 लाख टन हो गया था। कुल मछली उत्पादन में तेज़ी से वृद्धि के बावजूद, भारत में एक मछली किसान का औसत वार्षिक उत्पादन केवल 2 टन प्रति व्यक्ति है, जबकि नॉर्वे में 172 टन, चिली में 72 टन और चीन में 6 टन प्रति मछुआरा है।

वहीं जब मछली की खपत की बात आती है, तो उपभोक्ताओं के बीच इसके बारे में बहुत कम जागरूकता है कि मछली पकड़ने की किस विधि का उपयोग किया जाना चाहिए। संवहनीय मछली पकड़ने की दिशा में अचानक बदलाव से निचले स्तर के मछली पकड़ने वाले समुदायों पर भी असर पड़ सकता है, खासकर उन पर जिनके पास स्थायी प्रथाओं में बदलाव के लिए आवश्यक संसाधन नहीं होते हैं।

संवहनीय मछली पकड़ने का अर्थ है स्थायी मछली भंडार को सुनिश्चित करना, वातावरण को कम से कम नुकसान और प्रजातियों की विविधता को बनाए रखते हुए मछली पकड़ने की एक संरचना, उत्पादकता, कार्य और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना और प्रभावी मत्स्य प्रबंधन जो बदलती परिस्थितियों के साथ चले। उपयोग किए गए संरक्षण के तरीके मछुआरों के लिए आय का एक स्थिर स्रोत प्रदान करते हैं। इसमें एक नाव प्रति दिन 200 किलोग्राम मछली लाती है, जिससे प्रति दिन 1,500 रुपये की आय हो सकती है।

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है जहाँ पर्याप्त मत्स्य संसाधन वाले सामुदायिक तालाब, नदियाँ और मानव निर्मित जलाशय मौजूद हैं। साथ ही यहाँ मत्स्य-बीज और मत्स्य का उत्पादन साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। 2016-17 में राज्य में मछली उत्पादन केवल 6.2 लाख टन रहा था। राज्य के कुल उपलब्ध जलीय कृषि संसाधनों में से, केवल 48.97% मछली उत्पादन के लिए उपयोग किए गए और शेष 41.03% अप्रयुक्त थे।

वहीं उत्तर प्रदेश को अग्रणी आंतरिक मछली उत्पादक राज्य बनाने के लिए, अच्छी मात्रा में गुणवत्ता वाले मछली के बीज के उत्पादन के लिए मछली के तालाब स्थापित करना बहुत आवश्यक है। साथ ही अच्छी गुणवत्ता वाले चारे को प्राप्त करने के लिए चारा विनिर्माण इकाइयों की स्थापना करना, किसान को अधिक लाभ प्राप्त कराने के लिए सब्सिडी (Subsidy) में वृद्धि करना और उचित विपणन प्रणाली स्थापित करना आवश्यक है। नदियों के सतत दोहन के लिए नियमों और विनियमन का सख्त प्रवर्तन बहुत आवश्यक है।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Fishing_in_India
2. https://bit.ly/2DhempM
3. http://www.entomoljournal.com/archives/2018/vol6issue4/PartD/6-2-234-493.pdf
चित्र सन्दर्भ:
1.
https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Kerala_fisherman.jpg
2. https://www.flickr.com/photos/usfws_pacificsw/30419272076
3. https://pxhere.com/en/photo/878937
4. https://www.flickr.com/photos/nithiclicks/24995513357



RECENT POST

  • क्यों अलग है नाभिकीय ऊर्जा और हथियार?
    हथियार व खिलौने

     28-09-2020 08:47 AM


  • गुरुवायुर (Guruvayur) शहर में एक हाथी स्पा (Spa)
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     27-09-2020 06:46 AM


  • गेम थ्योरी या खेल सिद्धांत क्या है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     26-09-2020 04:37 AM


  • बियर की अनसुनी कहानियां
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     25-09-2020 03:25 AM


  • मेरठ में 1899 की चर्चिल तस्वीर
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     24-09-2020 03:51 AM


  • पश्तून (पठान) - मुस्लिम धर्म की एक प्रमुख जनजाति का इतिहास
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     23-09-2020 03:27 AM


  • मेरठ का ऐतिहासिक स्थल सूरज कुंड
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     22-09-2020 11:14 AM


  • आभूषणों को सुंदर रूप प्रदान करता है कांच
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     21-09-2020 04:08 AM


  • अजंता और एलोरा
    खदान

     20-09-2020 09:26 AM


  • क्यों होते हैं आनुवंशिक रोग?
    डीएनए

     18-09-2020 07:48 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id