क्या है, भारत में रोज़गार की स्थिति

मेरठ

 02-11-2019 11:44 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

रोजगार की उपलब्धता मानव जीवन में एक अमूल्य अंग के रूप में देखि जाती है। रोजगार व्यक्ति के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण बिंदु होता है इससे मनुष्य अपनी जीवन के सभी जरूरतों को पूर्ण करता है। भारत में रोजगार की बात की जाए तो वर्तमान समय में यहाँ पर रोजगार की स्थिति अत्यंत दैनीय हुयी है जो की गत 45 साल में सबसे कम है। नेशनल सैंपल सर्वे आर्गेनाइजेशन के रोजगार/बेरोजगारी के आंकड़ों की बात की जाए तो 2004 से लेकर 2017 तक रोजगार में आधे की कमी आई है।

अभी वर्तमान में आई दो साल की प्रायोगिक श्रम शक्ति सर्वेक्षण के डेटा से यह पता चलता है की 2017 से 2018 के मध्य भारत में बेरोजगारी की दर 6 प्रतिशत थी जिसमे 7.8 प्रतिशत शहर और 5.3 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में थी। इसी डेटा के सहारे ही 45 साल का सबसे अधिक बेरोजगारी दर की संज्ञा का प्रतिपादन हुआ था। वर्तमान का प्रायोगिक श्रम शक्ति सर्वेक्षण का डेटा तिमाही परिवर्तनों के आधार पर है पहले यह इ यू एस के आधार पर था जो की 5 साल की नौकरी के सर्वेक्षण के आधार पर होता था। तिमाही तंत्र 2011-12 के बाद से कार्यान्वित हुआ।

नेशनल सैंपल सर्वे आर्गेनाइजेशन का सर्वेक्षण पूरी आबादी को तीन हिस्सों में या श्रेणियों में विभाजित कर के मापता है। श्रेणी 1 में वे लोग शामिल हैं जो की आर्थिक गतिविधियों या नौकरियों में शामिल थें, इस श्रेणी को स्वनियोजित, वेतनभोगी, और आकस्मिक मजदूरों में विभाजित किया जा सकता है। श्रेणी 2 में वे लोग आते हैं जो की काम की तलाश में थें या पूर्ण रूप से बेरोजगार थे। तीसरी श्रेणी में वे लोग आते हैं जो की सेवानिवृत्त, घरेलु कार्य करने वाले और विकलांग आदि आते हैं। यह श्रेणी और श्रेणियों से बड़ी है। अब जैसा की रोजगार की वास्तव में बड़ी किल्लत है तो इससे बचने के उपाय क्या हों सकते हैं उनपर चर्चा करते हैं।

भारत एक विकासशील देश है और यहाँ पर युआ कार्यबल की संख्या और अन्य देशों से बहुत ही ज्यादा है। अब युवाओं के अधिक होने का मतलब यह है की यहाँ पर रोजगार के अवसर सृजन करना एक बड़ी चुनौती है। भारत में रोजगार के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। इस संरचना में शिक्षण संस्थाओं को ठीक करना पहले दर्जे पर है। भारत में करीब 80 प्रतिशत स्नातक बेरोजगार पाए गएँ है अतः यह भी एक बिंदु है की शिक्षण संस्थाओं की संरचना में परिवर्तन या सुधार की बड़ी आवश्यकता है।

भारत में सकल घरेलु उत्पाद के अनुपात में आर एंड डी पर कम राशि व्यय की जाती है जो की एक मुख्य कारक है रोजगार के ना आने की। विकसित देश आर एंड डी पर करीब 3 प्रतिशत करते हैं तो भारत 0.86 प्रतिशत मात्र। आर एंड डी पर खर्च को बढाने से बड़ी कम्पनियाँ भारत में खुलने के आसार बढ़ा देंगी। एक बेहतर व्यवसायिक मोडल बनाने की मांग करती है। भारत जैसा की एक विशाल देश है तो यहाँ पर नौकरियों को बढाने के लिए यहाँ के घरेलु अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

सन्दर्भ:
1.
https://bit.ly/2JCKyaL
2. https://bit.ly/2NsR84Q
3. https://www.newsclick.in/unemployment-india-modi-oxfam-report
4. https://bit.ly/2r1wSjd
5. https://bit.ly/2NqBPto
6. https://bit.ly/320elRc



RECENT POST

  • बडे धूम-धाम से मनाया जाता है पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन ‘ईद उल मिलाद’
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     27-10-2020 04:30 PM


  • कोरोना का नए शहरवाद पर प्रभाव
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     27-10-2020 01:10 AM


  • भारत में क्यों पूजे जाते हैं रावण?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     26-10-2020 10:30 AM


  • मंगोलिया के पारंपरिक राष्ट्रीय पेय के रूप में प्रसिद्ध है एयरैग
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     25-10-2020 05:56 AM


  • तांडव और लास्य से प्राप्त सभी शास्त्रीय नृत्य
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     24-10-2020 01:59 AM


  • हिंदू देवी-देवताओं की सापेक्षिक सर्वोच्चता के संदर्भ में है विविध दृष्टिकोण
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-10-2020 08:11 PM


  • पश्चिमी हवाओं का उत्‍तर भारत में योगदान
    जलवायु व ऋतु

     22-10-2020 12:11 AM


  • प्राचीनकाल से जन-जन का आत्म कल्याण कर रहा है, मां मंशा देवी मंदिर
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     21-10-2020 09:32 AM


  • भारतीय खानपान का अभिन्‍न अंग चीनी भोजन
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     20-10-2020 08:52 AM


  • नवरात्रि के विविध रूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-10-2020 08:54 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id