मध्य पाषाण मानव की विभिन्न गतिविधियों को प्रदर्शित करते शैलचित्र

मेरठ

 24-09-2019 12:01 PM
सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

मानव विकास एक क्रमिक परिवर्तन है। इन क्रमिक परिवर्तनों में विभिन्न काल या युग शामिल हुए जिनमें कई सभ्यताएं विकसित हुईं। इन सभ्यताओं को मानव द्वारा अपने विकास के लिए अपनाया गया था। मध्यपाषाण काल भी इन्हीं युगों में से एक है जो पुरापाषाण युग और नवपाषाण युग के बीच का एक माध्यमिक काल था। इस काल में लोग शिकार करने, मछली पकड़ने और भोजन जुटाने में व्यस्त रहते थे। बाद में उन्होंने जानवरों को अपना पालतू पशु बनाना भी सीखा। भारत में इस काल की समय सीमा 9,000 ई.पू से 4,000 ई.पू बताई जाती है। मानव द्वारा छोटे माइक्रोलिथ्स (Microliths) या लघु अश्म के औज़ारों का उपयोग इस युग की विशेषता बताई जाती है।
इस युग की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
औज़ार: इस युग के लोग माइक्रोलिथ्स या लघु अश्म का उपयोग करते थे जिनका आकार बहुत छोटा होता था तथा लम्बाई 1-8 से.मी. के बीच होती थी। इस काल के औज़ारों या हथियारों में आयताकार, चंद्राकार, चिकने तथा पैने ब्लेड (Blade), चाकू, फरसा, भाला इत्यादि शामिल थे। यह प्रायः कैलेडोनी (Chaledoni), क्रिस्टल (Crystal), जैस्पर (Jasper), कार्नेलियन (Carnelian), अगेट (Agate) आदि से बने होते थे। इस युग में मानव ने हथियारों में हत्थे लगाना भी सीखा।
कला: इस युग के लोग चित्रकला के शौकीन थे तथा उन्होंने पत्थरों पर चित्रों को बनाने का अभ्यास किया। इनकी चित्रकारी में प्रायः पशुओं, जानवरों और मानवों के चित्रों को शामिल किया जाता था जिन्हें वे अपनी गुफा की दीवारों पर उकेरा करते थे। अपना संदेश दूसरों तक पंहुचाने के लिए प्रायः उनके द्वारा यह चित्रकारी की जाती थी।

इस काल के साक्ष्य भारत में कई स्थलों से प्राप्त हुए हैं जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:
• गुजरात में लंगहनाज
• राजस्थान में बागोर
• उत्तर प्रदेश में सराय नाहर राय, चोपनी मांडो, महदहा, और दमदमा
• मध्य प्रदेश में भीमबेटका और आदमगढ़
• ओडिशा
• केरल
• आंध्र प्रदेश

राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में इन स्थलों में रहने वाले समुदाय शिकारी, भोजन-संग्रहकर्ता और मछुआरे थे। इसके अतिरिक्त इन स्थलों से कृषि के कुछ अवशेष भी पाए गये। उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में क्रमशः स्थित दमदमा और भीमबेटका शैलाश्रय भारत में इस युग के सबसे प्रसिद्ध आवासीय पुरास्थल हैं। भीमबेटका में पशुओं और मानवों के विभिन्न चित्रों को उस समय के मानव द्वारा पत्थरों पर उकेरा गया था। यह भारतीय उपमहाद्वीप में मानव जीवन के सबसे प्राचीनतम चिह्न हैं। भीमबेटका में 500 से भी अधिक चित्रित शैलाश्रय देखने को मिलते हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुर्हाना पहाड़ में भी कई शैलाश्रय देखने को मिलते हैं जिनमें कई जानवरों, पक्षियों आदि के चित्रों को शामिल किया गया है। इन शैल चित्रों में मानव की विभिन्न गतिविधियों जैसे कि नृत्य, दौड़ना, शिकार करना, खेल खेलना, और लड़ाई करना आदि को उस समय के मानव ने चित्रित किया। शैल चित्रों में प्रयुक्त रंग गहरे लाल, हरे, सफेद और पीले दिखाई देते हैं। इन रंगों को इस प्रकार बनाया गया था कि हज़ारों साल बाद भी चित्र धूमिल न हों तथा स्पष्ट रूप से नजर आयें।

संदर्भ:
1.
https://www.jagranjosh.com/general-knowledge/the-mesolithic-age-1430564980-1
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Bhimbetka_rock_shelters
3. https://bit.ly/2mLUKW1
4. https://www.brainyias.com/mesolithic-age/
5. https://en.wikipedia.org/wiki/Mesolithic
चित्र सन्दर्भ:
1.
https://www.flickr.com/photos/nagarjun/6536836345
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Bhimbetka_rock_shelters
3. https://www.needpix.com/photo/1312446/bhimbetka-painting-prehistory-rock-people

RECENT POST

  • मेरठ का 300 साल पुराना शानदार अबू का मकबरा आज बकरियों का तबेला बनकर रह गया है
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     28-06-2022 08:15 AM


  • ब्लास्ट फिशिंग से होता न सिर्फ मछुआरे की जान को जोखिम, बल्कि जल जीवों को भी भारी नुकसान
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:25 AM


  • एक पौराणिक जानवर के रूप में प्रसिद्ध थे जिराफ
    शारीरिक

     26-06-2022 10:08 AM


  • अन्य शिकारी जानवरों पर भारी पड़ रही हैं, बाघ केंद्रित संरक्षण नीतियां
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:49 AM


  • हम में से कई लोगों को कड़वे व्यंजन पसंद आते हैं, जबकि उनकी कड़वाहट कई लोगों के लिए सहन नहीं होती
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:49 AM


  • भारत में पश्चिमी शास्त्रीय संगीत धीरे-धीरे से ही सही, लेकिन लोकप्रिय हो रहा है
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:30 AM


  • योग शरीर को लचीला ही नहीं बल्कि ताकतवर भी बनाता है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:23 AM


  • प्रोटीन और पैसों से भरा है कीड़े खाने और खिलाने का व्यवसाय
    तितलियाँ व कीड़े

     21-06-2022 09:54 AM


  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता गलत सूचना उत्पन्न करने और साइबरसुरक्षा विशेषज्ञों के साथ छल करने में है सक्षम
    संचार एवं संचार यन्त्र

     20-06-2022 08:51 AM


  • विस्मयकारी है दो जंगली भेड़ों के बीच का हिंसक संघर्ष
    व्यवहारिक

     19-06-2022 12:13 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id