Machine Translator

क्या सम्बन्ध है आगरा की शान, पेठा और ताजमहल में

मेरठ

 17-09-2019 11:09 AM
स्वाद- खाद्य का इतिहास

आगरा की दो चीज़ें विश्व भर में काफी प्रसिद्ध हैं, एक तो ताजमहल और दूसरा आगरा का पेठा। इसी कारण से आगरा को 'ताज नगरी' के अलावा 'पेठा नगरी' भी कहा जाता है। जो भी शख़्स आगरा जाता है, वहां से इस लज़ीज़ मिठाई को चखे बिना वापस नहीं लौटता है। चलिए आज जानते हैं पेठे के इतिहास से जुड़े कुछ रोचक तथ्य।

पेठा और ताजमहल दोनों एक दूसरे से काफी हद तक जुड़े हुए हैं। ऐसा कहा जाता है कि पेठे की उत्पत्ति ताजमहल जितनी ही पुरानी है। इतिहासकारों के अनुसार, 17वीं शताब्दी में जब शाहजहां ताजमहल का निर्माण करवा रहे थे, तब उसके निर्माण में लगे 21,000 कारीगर रोज़ाना एक जैसा खाना (ज्यादातर दाल और रोटी) खाकर ऊब से गए थे।

उनकी दलील सुनकर शाहजहाँ ने उस्ताद ईसा एफ्फेन्दी (संचालक वास्तुकार) के साथ इस चिंता को साझा किया, जिसके बाद उस्ताद ने सम्राट की चिंताओं के समाधान के लिए पीर नक्शबंदी साहिब से अनुरोध किया था। ऐसा कहा जाता है कि पीर को स्वयं भगवान ने सपने में पेठा बनाने का नुस्खा बताया था। इसके बाद उन्होंने अपने 500 खानसामों को पेठा बनाना सिखाया और बाद में कारीगरों को खाने के लिए पेठा दिया गया।

इसे विश्व में अब तक का सबसे शुद्ध मीठा माना जाता है क्योंकि इसमें केवल कद्दू, पानी और चीनी शामिल होती है। आजकल पेठा कई स्वादों और आकारों में भी उपलब्ध होता है जैसे कि केसर पेठा, पान पेठा, अंगूरी पेठा और कई अन्य प्रकार के पेठे मिल सकते हैं। इसका मुँह में जाते ही घुल जाना इसकी गुणवत्ता को दर्शाता है। पेठा उद्योग अब आगरा की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। आधुनिक समय में पेठा केवल ‘पंछी पेठा’ नाम की दुकान के कारण ही लोकप्रिय है। यह दुकान सत्तर साल पहले पंछी पेठा के नाम से शुरू की गई थी और वर्तमान में मूल पेठे में कई प्रकार के प्रयोग करके यह काफी लोकप्रिय हो गई है।

आगरा में प्रदूषण और इस क्षेत्र में जीवाश्म ईंधन के उपयोग पर प्रतिबंध के बारे में बढ़ती चिंताओं के साथ, इस प्रसिद्ध मिठाई का भविष्य काफी निराशाजनक दिखाई दे रहा है। साथ ही सालाना करोड़ों रुपये की कीमत रखने वाले पेठे का उद्योग यमुना नदी के सूखने से भी काफी अव्यवस्थित हो रहा है। पर्यावरणविदों का कहना है कि इस उद्योग का मुख्य आधार, नूरी दरवाज़ा का इलाका, इस उद्योग के कारण निर्जन होने की कगार पर है। इस कारण से इस उद्योग को शहर से दूर एक नए स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए सक्रिय रूप से अभियान चलाए जा रहे हैं।

संदर्भ:
1.
https://foodandstreets.com/2017/08/05/agra-ka-petha-from-shah-jahan-to-panchhi/
2. https://thecitybytes.com/interesting-facts-agra-ka-petha-might-never-heard/
3. https://bit.ly/2kPAa6a



RECENT POST

  • सात समंदर पार भी फैली है बाबा औघड़नाथ की महिमा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     21-02-2020 03:33 AM


  • ब्रिटिश संग्रहालय (British Museum) में मौजूद है अशोक स्तंभ का एक टुकड़ा
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-02-2020 12:40 PM


  • कोरोना वायरस से संबंधित भ्रमक जानकारियों से बचें
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     19-02-2020 11:00 AM


  • अप्रतिम वास्तुकला का नमूना है मेरठ का मुस्तफा महल
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     18-02-2020 01:30 PM


  • मेरठ को काफी प्रभावी लागत प्रदान करता है पुष्पकृषि(floriculture)
    बागवानी के पौधे (बागान)

     17-02-2020 01:40 PM


  • कैसे बना सकते है, घर में ही गुड़हल की बोन्साई
    बागवानी के पौधे (बागान)

     16-02-2020 10:04 AM


  • मौसम परिवर्तन को प्रभावित करती हैं कॉस्मिक किरणें (Cosmic Rays)
    जलवायु व ऋतु

     15-02-2020 01:30 PM


  • कैसे हुई प्रेम के प्रतीक के रूप में दिल की विचारधारा की उत्पत्ति
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     14-02-2020 04:11 AM


  • आखिर साइबर क्राइम (Cyber Crime) है क्या और इससे कैसे बचे ?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     13-02-2020 02:30 PM


  • कैसे किया जा सकता है, मेरठ में भी वृक्ष प्रत्यारोपण?
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     12-02-2020 02:00 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.