Machine Translator

कैसे ली वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में मौजूद ब्लैक होल की फोटो?

मेरठ

 11-09-2019 12:11 PM
द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

दुनिया भर में कई ऐसे स्थान हैं जहाँ का चित्र लेना लगभग असंभव सा होता है। हाल ही में हुए प्रयोगों से ही दुनिया भर के ग्रहों उपग्रहों आदि का चित्र लेना संभव हो पाया है। दुनिया भर के कई ऐसे देश हैं जिनके उपग्रह विभिन्न ग्रहों और पृथ्वी की कक्षा में चक्रण कर रहे हैं, इन समस्त उपग्रहों में कई कैमरे (Cameras) भी लगे हैं जो कि पृथ्वी ही नहीं बल्कि उसके अलावा अन्य कई ग्रहों के भी चित्र लेते हैं और दुनिया भर की स्पेस एजेसियों (Space Agencies) को भेजते हैं जिसके आधार पर ही मौसम, आदि की जानकारी हमको मिल पाती है।
अभी हाल ही में इसरो (ISRO) जो कि भारत की स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (Space Research Organization) है, ने चंद्रयान-2 को चन्द्रमा की कक्षा में प्रवेश कराया। इसका प्रमुख कार्य था चन्द्रमा पर पानी का पता लगाना, परन्तु चंद्रयान के लैंडर (Lander) जिसको चन्द्रमा की सतह पर पहुँचना था, उससे मुख्य ऑर्बिटर (Orbiter) का संपर्क टूट गया और यह एक राष्ट्रीय उत्सुकता का कारण बन गया कि आखिर लैंडर विक्रम गया कहाँ। अब यहाँ पर ऑर्बिटर पर लगे दूरगामी कैमरों ने अपनी कुशलता का परिचय दिया और विक्रम लैंडर का चित्र, जो कि चन्द्रमा की सतह पर औंधा खड़ा था, इसरो के केंद्र में भेजा। ऐसे कई ही कारनामे कैमरे के इतिहास से जुड़े हुए हैं।

अंतरिक्ष में छिपे ब्लैक होल (Black Hole) की तस्वीर लेना भी कोई आसान कार्य नहीं था। यह ठीक उसी प्रकार से है जैसे कि बैंकोक में रखा 2 रूपए का सिक्का मेरठ से देखने की कोशिश करना। देखना तक भी ठीक था, परन्तु यह इतना कठिन कार्य था जो सिक्के को देखने के साथ-साथ उस पर लिखे सन को भी पढ़ने के बराबर था। आइये जानते हैं कि किस प्रकार से ब्लैक होल की तस्वीर ली गयी थी और उसमें क्या-क्या कठिनाइयाँ आई थीं।

अभी हाल ही में पहली बार ब्लैक होल का चित्र हमारे बीच में आया जिसे कि 200 से अधिक वैज्ञानिकों की टीम ने मुमकिन किया था। यह एक अत्यंत ही कठिन कार्य था तथा यह चित्र लेने के लिए दुनिया भर में विशालकाय कैमरों को लगाया गया था। यह चित्र जब बाहर आई तो यह एक धूल और गैस के चक्र को प्रदर्शित कर रही थी। यह ब्लैक होल M87 तारामंडल में मौजूद है और पृथ्वी से करीब 55 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। ब्लैक होल एक ऐसा लौकिक दरवाज़ा है जिसके उस पार किसी भी प्रकार का प्रकाश या वस्तु नहीं जा सकता। इसके चित्र को लेने के लिए इवेंट होराइज़न टेलिस्कोप (Event Horizon Telescope) का सहारा लिया गया था और इसके अलावा करीब 8 रेडियो टेलिस्कोप (Radio Telescopes - EHT) का सहारा लिया गया था जो कि अंटार्टिका से लेकर स्पेन और चिली तक उपस्थित थे।
शेपर्ड डोएलमन जो कि ई.एच.टी. के डायरेक्टर हैं और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) के वरिष्ठ अन्वेषण कर्ता हैं, ने कहा कि ब्लैक होल दुनिया की सबसे बड़ी रहस्य वाली वस्तु थी जिसे हमने देखा है और जो कि अबतक अनदेखा था।

प्रस्तुत हुए चित्र को यदि देखा जाए तो यह कहना गलत नहीं होगा कि यह एक डोनट (Donut) या मेंदू वड़ा की तरह दिखता है। हांलाकि यह विभिन्न गैसों और कणों को लिए हुए एक खाली चक्र का निर्माण करता हुआ दिखाई देता है जिसे गुरुत्वाकर्षण ने एक तश्तरी की तरह प्रस्तुत किया है। ब्लैक होल निर्मित किये गए चित्र में इतना छोटा है कि उसमें कुछ समझना अत्यंत ही मुश्किल है। इसको समझने के लिए एक ऐसे दूरबीन की आवश्यकता होगी जो कि चाँद पर रखी एक बांसूरी को भी दिखा दे। हांलाकि दिए गए चित्रण में हम देख सकते हैं कि यह एक अत्यंत ही कठिन प्रक्रिया थी जिसे वैज्ञानिकों ने आसान बनाया।

संदर्भ:
1.
https://go.nasa.gov/2Gw7zuS
2. https://bit.ly/2mattfw
3. https://bit.ly/2uYv8G6
4. https://bit.ly/2kDufBd



RECENT POST

  • रेलवे की बिजली खपत को कम करने में सहायक है हेड ऑन जनरेशन तकनीक
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     25-02-2020 03:30 PM


  • गौरवशाली इतिहास वाला मेरठ और एक कड़वे सच का सामना
    स्तनधारी

     24-02-2020 03:00 PM


  • ज़िन्दगी की जद्दोजहद को दिखाती एक टिटहरी की कहानी - पाइपर (Piper)
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-02-2020 03:30 PM


  • एक लचीला और घातक अस्त्र: उरुमी
    हथियार व खिलौने

     22-02-2020 01:30 PM


  • सात समंदर पार भी फैली है बाबा औघड़नाथ की महिमा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     21-02-2020 03:33 AM


  • ब्रिटिश संग्रहालय (British Museum) में मौजूद है अशोक स्तंभ का एक टुकड़ा
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-02-2020 12:40 PM


  • कोरोना वायरस से संबंधित भ्रमक जानकारियों से बचें
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     19-02-2020 11:00 AM


  • अप्रतिम वास्तुकला का नमूना है मेरठ का मुस्तफा महल
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     18-02-2020 01:30 PM


  • मेरठ को काफी प्रभावी लागत प्रदान करता है पुष्पकृषि(floriculture)
    बागवानी के पौधे (बागान)

     17-02-2020 01:40 PM


  • कैसे बना सकते है, घर में ही गुड़हल की बोन्साई
    बागवानी के पौधे (बागान)

     16-02-2020 10:04 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.