Machine Translator

मोहर्रम में किए जाने वाले जुलूस और अन्य समारोह

मेरठ

 10-09-2019 02:24 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

मोहर्रम मातम मनाने और धर्म की रक्षा करने वाले हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करने का दिन है। मोहर्रम के महीने में मुसलमान शोक मनाते हैं और अपनी हर खुशी का त्‍याग कर देते हैं। दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में शिया समुदाय के लिए, शोक के कई सांस्कृतिक पहलुओं को आशुर के दिन के रीति-रिवाजों में एकीकृत किया गया है। साथ ही जैसे-जैसे मुस्लिम हुसैन के परिवार का शोक मनाते जाते है, वैसे-वैसे पुरुष और महिलाएं दुःख के बाहरी भावों का अनुसरण करते हैं।

भारत में शियाओं के बीच कई समारोह आम होते हैं, हालांकि क्षेत्रों के अनुसार विवरणों में काफी अंतर देखा जा सकता है। साथ ही अमावस्या वाले दिन लोग इमामबाड़ा या तो आशुर खाना में इकट्ठा होते हैं। वहाँ वे कुछ शर्बत, चावल या शक्कर पर हुसैन के नाम पर फातिहा पढ़ते हैं। यह ठंडे पेय हुसैन और उनके परिवार की भीषण प्यास को याद करने के लिए होते हैं। बाद में खाना और पेय को लोगों या गरीबों में बाँट दिया जाता है। कुछ स्थानों पर एक गड्ढा खोदा जाता है जिसमें त्यौहार की हर शाम को आग जलाई जाती है, जिसमें युवा और बूढ़े लोग लाठी या तलवारों से हमला करते हैं और उसके चारों ओर “या’ अली! या’ अली! शाह हसन! शाह हुसैन! दूल्हा! है दोस्त! रहियों! ओ अली!” बोलते हुए दौड़ते हैं।

सातवें से दसवें मोहर्रम के जुलूसों में हसन के बेटे, कासिम की शहादत को याद किया जाता है, जो अपनी शादी के तुरंत बाद मारे गए थे, साथ ही साथ हुसैन की शहादत को भी। जुलूस के साथ एक सफेद घोड़ा भी जाता है जो उस घोड़े का प्रतिनिधित्व करता है जिस पर हुसैन सवार थे, या वह क़ासिम के शादी के घोड़े को संदर्भित करता है। आठवें दिन में हुसैन के सिर (जिसे यज़ीद के आदेश से भाले के शीर्ष पर लटका दिया गया था) को दर्शाने के लिए भाले को ले जाया जाता है। दसवें दिन आशुर होता है, इस दिन ताबूत (tabut-s) या ताज़िया (ta 'ziah-s) को छीन कर या तो पानी में फेंक दिया गया या उन्हें कब्रों में दफना दिया गया था।

बारहवें दिन की शाम को लोग पूरी रात बैठकर कुरान पढ़ते हैं और हुसैन के सम्मान में मरसिया और छंद को पढ़ते हैं। तेरहवें दिन अधिक मात्रा में भोजन पकाया जाता है और उस पर फातिहा कहने के बाद उसे गरीबों को दिया जाता है। दान के इस कार्य के साथ मोहर्रम समारोह समाप्त हो जाता है।

कर्बला की याद :-
कर्बला नामक रेगिस्तान में यज़ीद की सेना ने हुसैन और उनके अनुयायियों को कुफा तक पहुँचने से पहले ही घेर लिया और हुसैन और उनके अनुयायियों के लिए खाने और पानी की उपलब्धता को बंद कर दिया था। मोहर्रम के महीने में दिन बीतने के साथ, मोहर्रम के दसवें दिन (आशुर) में हुसैन और उनके अनुयायी मात्र 100 लोगों के साथ यज़ीद की 30,000 सेना से मिलने गए। युद्ध में हुसैन और उनके अनुयायियों को यजीद की सेना द्वारा मार दिया गया। इस दिन लोगों द्वारा उपवास रखा जाता है। मेरठ में भी मोहर्रम के सभी दिनों को बड़ी संजीदगी से मनाया जाता है। यहाँ क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से मातमी जुलूस निकाले जाते हैं। सोगवारों द्वारा जंजीरों से मातमपुर्सी कर करबला चौड़ा कुआं घंटाघर से जुलूस ए अलम, जुलजुनाह और जुलूस ए ताजिये हसन मुर्तजा के संयोजन में निकाला जाता है।

संदर्भ :-
1.
https://www.thedailystar.net/lifestyle/event/the-household-traditions-muharram-1297096
2. https://bit.ly/2m2rABm
3. https://bit.ly/2kcxZcM
4. https://bit.ly/2lIl6aG



RECENT POST

  • क्या चक्रवात अम्फान है, ऊष्मा लहरों का कारण
    जलवायु व ऋतु

     05-06-2020 10:35 AM


  • मेरठ शहर और 120 साल पुराने शिकारी खेल में है, अनोखा सम्बन्ध
    हथियार व खिलौने

     04-06-2020 02:30 PM


  • इंडो पार्थियन युग के जीवन को दर्शाते हैं राजा गोंडोफेरस के सिक्के
    धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

     03-06-2020 03:10 PM


  • क्या है, हमारे जीवन में कीटों का महत्व ?
    तितलियाँ व कीड़े

     02-06-2020 10:50 AM


  • विभिन्न उद्यमों ने किया है सरकार से मजबूत राहत पैकेज का अनुरोध
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     01-06-2020 11:25 AM


  • बाम्बिनो नामक लड़के की प्यारी सी कहानी है, ला लूना
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     31-05-2020 11:50 AM


  • एक मार्मिक चित्र जिसने 1857 की क्रांति के दमन को दर्शाया
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     30-05-2020 09:25 AM


  • आज भी आवश्यकता है एक प्राचीन रोजगार “नालबंद” की
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     29-05-2020 10:20 AM


  • भारत के पश्तून/पठानों का इतिहास
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     28-05-2020 09:40 AM


  • ब्रह्मांड की उत्पत्ति, इसके विकास और अंतिम परिणाम की व्याख्या करता है धार्मिक ब्रह्मांड विज्ञान
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     27-05-2020 01:00 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.