Machine Translator

आखिर कहाँ से आये गुलाब जामुन

मेरठ

 21-07-2019 11:00 PM
स्वाद- खाद्य का इतिहास

गुलाब जामुन का नाम लो और मुंह में पानी ना आए ऐसे हो ही नही सकता। ये मिठाई भू-मध्यसागरीय देशों ओर ईरान से आई थी जहां इसे लुक़मत अल क़ादी कहते हैं। लुक़मत अल क़ादी आटे से बनाया जाता है। आटे की गोलियों को पहले तेल में तला जाता है फिर शहद की चाशनी मे डुबाकर रखा जाता है। फिर इसके ऊपर चीनी छिड़की जाती है लेकिन इसके भारतीय संस्करण में कुछ बदलाव किए गए। गुलाब जामुन भारत की पसंदीदा मिटाईयों में से एक है।

तीज-त्योहारों और खास मौकों पर जब गुलाब जामुन सामने आता है तो सभी उम्र वर्ग के लोग झटपट चट कर जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुलाब-जामुन का भी अपना एक इतिहास है। शायद आप हैरान हों, लेकिन पर्शिया (वर्तमान में ईरान) से आई यह मिठाई दरअसल एक अरेबिक डजर्ट (Arebic Desert) लुकमत-अल-कादी से उपजी है। इसका अर्थ है 'जज की बाइट'। यह डैजर्ट मुगल काल में काफी प्रचलित हुआ था और बाद में इसमें गुलाब जामुन का नाम दे दिया गया। इसमें पर्शियन (Perssian) शब्द गुल (फूल), अब (पानी) और जामुन (भारतीय फल, जिसका आकार और लुक इस मिठाई जैसा ही है।) शब्दों का मेल है।

इस रविवार प्रारंग आपके लिए स्वादिष्ट गुलाब जामुन बनाने की विधि लेकर आया है। इस आसान विधि के माध्यम से आप बड़ी ही आसानी गुलाब जामुन बना सकते हैं। इस विधि को निशा मधुलिका जी द्वारा प्रस्तुत किया है।

सन्दर्भ:-
1. https://www.youtube.com/watch?v=QdRC_BlV8K0



RECENT POST

  • स्वस्थ और खुशहाल जीवन प्रदान करने की अवधारणा पर आधारित है, नया शहरीवाद
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     09-04-2020 01:50 PM


  • N95 श्वासयंत्र के विकल्प में घर में ही एक प्रभावी मास्क कैसे बनाएं ?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     08-04-2020 05:10 PM


  • शहरीकरण का ही एक रूप है, संक्रामक रोग
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     07-04-2020 05:00 PM


  • क्यों इतना भयावह हो गया है, कोरोना का प्रभाव ?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     06-04-2020 03:40 PM


  • कैसे होता है, कोरोना का मानव शरीर पर प्रभाव
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     05-04-2020 03:45 PM


  • आयुर्वेद में भी मिलता है कनक चम्पा के औषधीय गुण का वर्णन
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     04-04-2020 01:10 PM


  • दिल्ली की इस मस्जिद का नाम सुनके उड़ जाएंगे होश
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     03-04-2020 02:40 PM


  • माँ दुर्गा के सबसे अधिक पूजित रूपों में से एक है कात्यायनी स्वरूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     02-04-2020 04:15 PM


  • तीक्ष्णता, शक्ति और स्थायित्व के लिए प्रसिद्ध है मेरठ की कैंची
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     01-04-2020 04:55 PM


  • क्या प्रभाव होगा मनुष्य पर इस एकांतवास का?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     31-03-2020 03:35 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.