Machine Translator

प्राकृतिक एयर कंडीशनर बन सकते हैं पेड़ और उनकी बेलें

मेरठ

 10-06-2019 12:37 PM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

गर्मियों की चिलचिलाती धूप में शायद ही कोई ऐसा हो जो पंखे और एयर कंडीशनर (Air conditioner) से दूर रहना चाहे। लेकिन इनका प्रयोग जहां हमारे बिजली के बिल (Bill) को प्रभावित करता है वहीं हमारे स्वास्थ्य के लिये भी लाभदायक नहीं है। पेड़ हमारे लिये प्राकृतिक वरदान हैं जो फल-फूल देने के साथ-साथ हमारे लिये प्राकृतिक एयर कंडीशनर का भी काम करते हैं, क्योंकि गर्म और शुष्क जलवायु में इनमें वाष्पोत्सर्जन की प्रक्रिया तीव्र गति से होती है और इसके फलस्वरूप ये वातावरण में नमी को बनाये रखते हैं और वायुमण्डल के तापमान को कम करने में सहायता करते हैं।

निम्नलिखित पेड़ और बेलें हमारे आस-पास के परिवेश का तापमान कम करने में सक्षम हैं।
• सिरिस (अल्बिज़िया लेब्बेक- Albizzia lebbek): यह एक सुंदर और तेज़ी से बढ़ने वाला पेड़ है, जो 20-25 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच जाता है। यह छायादर वृक्ष गर्मियों के लिये एक अच्छा विकल्प है और इसे रेन ट्री (Rain Tree) भी कहा जाता है।
• कदंब (एंथोसेफालस कैडम्बा- Anthocephalus cadamba): माना जाता है कि इस वृक्ष का सम्बंध भगवान कृष्ण से है। 10 मीटर लम्बे इस पेड़ के गेंद जैसे फूल सुगंध प्रदान करते हैं। तेज़ी से बढ़ने वाला यह पेड़ सड़क के किनारे लगाया जाता है जो कि बहुत ठंडक प्रदान करता है।
• नीम (एज़ाडाइरेक्टा इंडिका- Azadirachta indica): इस सदाबहार वृक्ष की ऊंचाई 13-16 मीटर होती है। औषधि के रूप में प्रयोग किया जाने वाला यह पेड़ लवणयुक्त मिट्टी और शुष्क परिस्थितियों में अच्छी तरह से बढ़ता है तथा गर्मी के ताप को कम करने में सहायक है।
• पीपल (फाईकस रिलीजियोसा- Ficus religiosa): 30 मीटर लम्बा यह पेड़ हिंदुओं और बौद्धों के लिए पवित्र वृक्ष माना जाता है। सजावटी होने के साथ-साथ ये पेड़ छाया भी प्रदान करते हैं।
• अर्जुन (टर्मिनालिया अर्जुना- Terminalia arjuna): यह 20-25 मीटर लंबा पेड़ सदाबहार और छायादार है जिसे आमतौर पर सड़क के किनारे लगाया जाता है। इसके कई औषधीय उपयोग भी हैं।
• करंज (पोंगामिया पिन्नाटा- Pongamia pinnata): इस पेड़ की लम्बाई 10-15 मीटर होती है जो तेज़ी से बढ़ता है तथा छाया और सजावटी उद्देश्य के लिए सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाता है।
• हाइब्रिड पॉपलर (Hybrid Poplar): यह सबसे अधिक तेज़ी से बढ़ने वाले छायादार पेड़ों में से एक है जो प्रति वर्ष 8 फीट तक बढ़ सकता है तथा छाया प्रदान करने के लिये उपयुक्त है।
• बांज (Oak): यह पेड़ न केवल छाया देता है बल्कि गिलहरी और हिरण जैसे जीवों के लिये खाद्य आपूर्ति भी करता है।
• सनौबर (Paper Birch): तेज़ी से बढ़ता यह वृक्ष किसी भी स्थान पर छाया देने हेतु उपयुक्त है।
• आम: जहां बच्चे इस पेड़ के फलों का खूब लुत्फ़ उठाते हैं वहीं इनकी मज़बूत शाखाओं पर झूलों को भी बाँधना पसंद करते हैं तथा ठंडी छाँव का आनंद लेते हैं।
• बरगद: बरगद का पेड़ धीमी गति से बढ़ता है, लेकिन गर्मियों के मौसम में यह वृक्ष भारतीय उद्यान के लिए आदर्श छायादार वृक्ष है।

इन पेड़ों के साथ-साथ पेड़-पौधों की बेलें भी गर्मी के ताप के प्रभाव को कम करने में सहायक हैं। क्योंकि ये बेलें ऊर्ध्वाधर गति में वृद्धि करती हैं और दरवाज़ों, खिड़कियों और बागानों को घेर लेते हैं तथा सूर्य से आने वाले प्रकाश के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करते हैं। गर्मियों के मौसम में इनमें वाष्पीकरण भी अधिक होता है जिससे ये नमी को बनाये रखते हैं। बोगेनविला (Bougainvillea), लियाना (Liana), जैसे पौधों की बेलें गर्मी के इस मौसम के लिये उपयुक्त हैं। इन्हें तुलनात्मक रूप से बहुत कम ज़मीन की ज़रूरत होती है। नीले और सफेद रंग के फूलों जैसे थुनबर्जिया ग्रेंडीफ्लोरा (Thunbergia grandiflora) या पेट्रीया वोल्युबिलिस (Petrea volubilis) और क्लेमेटिस पेनिक्युलाटा (Clematis paniculata) आदि की बेलें भी गर्मी के इस मौसम में छाया प्राप्ति के लिये उपयुक्त हैं।
तो आईये हम भी क्यों न इस प्राकृतिक एयर कंडीशनर का उपयोग कर गर्मी के प्रहार को कम करें और इस संसार में जीवन को और भी सुखद बनायें।

संदर्भ:
1. http://www.ugaoo.com/knowledge-center/fast-growing-trees-for-shade-in-india/
2. https://www.treehugger.com/lawn-garden/7-fast-growing-shade-trees-slash-energy-costs.html
3. https://www.boldsky.com/home-n-garden/gardening/2013/shade-indian-trees-summer-garden-033036.html
4. https://scroll.in/magazine/880105/in-the-scorching-heat-of-indian-summer-vines-are-the-perfect-shield-for-your-urban-home



RECENT POST

  • गंध और शहरीकरण के बीच संबंध
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     20-09-2019 12:14 PM


  • भारतीय खेल पच्चीसी और चौपड़ का इतिहास एवं नियम
    हथियार व खिलौने

     19-09-2019 11:59 AM


  • भारतीय स्वास्थ्य सेवा द्वारा एंटीबायोटिक प्रतिरोध से लड़ने की पहल
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     18-09-2019 11:08 AM


  • क्या सम्बन्ध है आगरा की शान, पेठा और ताजमहल में
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     17-09-2019 11:09 AM


  • क्या हैं अनुवांशिक बीमारियां और उनके कारण?
    डीएनए

     16-09-2019 01:35 PM


  • आखिर कौन हैं भारत के मेट्रोमेन (Metroman)
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     15-09-2019 02:27 PM


  • यमुना नहर से है आई.आई.टी. रुड़की का गहरा संबंध
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     14-09-2019 10:30 AM


  • मेरठ शहर और इसमें फव्वारों का इतिहास
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-09-2019 01:42 PM


  • क्या हैं मछलियों की आबादी में आ रही गिरावट के प्रमुख कारण
    मछलियाँ व उभयचर

     12-09-2019 10:30 AM


  • कैसे ली वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में मौजूद ब्लैक होल की फोटो?
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     11-09-2019 12:11 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.