Machine Translator

क्या होता है एग्ज़िट पोल और कितना है ये भरोसेमंद?

मेरठ

 29-05-2019 12:08 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

आजकल संपूर्ण भारत में चुनावी माहौल बना हुआ है, बनना स्‍वभाविक भी है क्‍योंकि यहां हाल ही में विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनाव आयोजित कराए गए। मतदान के तुरंत बाद लोगों की नज़र मतदानोत्तर सर्वेक्षण या एग्ज़िट पोल (Exit Poll) में लग जाती हैं, क्‍योंकि मतदान और मतगणना के बीच का समय काफी लंबा होता है। इसलिए मतदान के तुरंत बाद विभिन्‍न निकायों द्वारा सर्वेक्षण किया जाता है, जिसे मतदानोत्तर सर्वेक्षण कहा जाता है। यह निकाय निजी कम्पनियाँ समाचार-पत्र या समाचार-चैनल होते हैं। इनके सर्वेक्षण से अनुमान लगाया जाता है कि मतदान का रूख क्या होगा। वास्तविक नतीजे आने में कुछ घंटे या कुछ दिन लग जाते हैं किन्तु मतदानोत्तर सर्वेक्षण से अनुमानित नतीजे एकाध घण्टे में ही आ जाते हैं।

भारत में, टूडेज़ चाणक्य (Today’s Chanakya), एबीपी-सी वोटर (ABP-Cvoter), न्‍यूज़एक्‍स–नेता (NewsX-Neta), रिपब्लिक-जन की बात (Republic-Jan Ki Baat), रिपब्लिक-सी वोटर (Republic-CVoter), एबीपी-सीएसडीएस (ABP-CSDS), न्‍यूज-18-आई.पी.एस.ओ.एस. (News18-IPSOS), इंडिया टूडे-एक्सिस (India Today-Axis), टाइम्स नाओ (Times Now), सीएनएक्‍स (CNX) और चिंतामणि जैसी कई निजी एजेंसियां और मीडिया संगठन हैं, जो एग्ज़िट पोल का संचालन करते हैं - प्रत्येक अधिकतम सटीकता के साथ 90 करोड़ मतदाताओं के निर्णय की भविष्यवाणी करने का दावा करता है।

एक एग्ज़िट पोल का संचालन करने के लिए, पहले एक यादृच्छिक नमूना परिमाण चुना जाता है। नमूने का आकार 20-25,000 से 7-8 लाख मतदाताओं के बीच हो सकता है। हालांकि यह आवश्यक नहीं है कि परिणामों की सटीक भविष्यवाणी करने के लिए सभी 543 निर्वाचन क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जाए। भारत जैसे बहुसंख्‍यक देश में संपूर्ण आबादी का जनमत सर्वेक्षण करना असंभव है। इसलिए जनमत सर्वेक्षक सर्वेक्षण हेतु कुछ नमूने चुनते हैं, जो संपूर्ण आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

व्यक्तियों का नमूना लेने के लिए, मतदान संगठन विभिन्न प्रकार के विकल्पों का चयन कर सकते हैं। जब भी कोई नमूना (सेम्‍पल/Sample) तैयार किया जाता है, तो यह सुनिश्चित किया जाता है कि यह उस जनसंख्‍या का प्रतिनिधित्‍व करे जहां से यह लिया गया है। जनमत सर्वेक्षक उन्हें दो प्रकारों में विभाजित करते हैं: जो सामान्‍यतः संभावना नमूनाकरण विधियों और गैर-संभावना नमूनाकरण विधियों पर आधारित होते हैं।

संभाव्‍य नमूना- एक संभाव्‍य नमूना तैयार करते समय इसमें जनसंख्‍या के प्रत्‍येक अवयव को शामिल किया जाता है, जिससे जनसंख्या के मापदंडों का अनुमान लगाना संभव हो जाता है। संभाव्यता-आधारित नमूने से हम गणना कर सकते हैं कि इससे प्राप्‍त निष्कर्ष, कितने अच्‍छे से कुल आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। अर्थात, हम नमूना त्रुटि के मार्जिन की गणना कर सकते हैं, जो यह मापता है कि हमारे अनुमान केवल जनसंख्या के नमूने का मापन हैं, न कि जनसंख्या के प्रत्येक सदस्य का। एक निर्धारित सीमा के भीतर अनुमान लगाने की इस क्षमता ने सर्वेक्षण के निष्कर्षों की सटीकता को आधुनिक सर्वेक्षण अनुसंधान की आधारशिला बना दिया है।

असंभाव्‍य नमूना- एक असंभाव्‍य नमूना तैयार करते समय इसमें जनसंख्‍या के प्रत्‍येक अवयव को शामिल नहीं किया जाता है और न ही इसमें प्रत्‍येक इकाई शामिल होने की कोई संभावना होती है।

पांच दशकों से अधिक समय तक संभाव्यता का नमूना चुनाव के लिए मानक तरीका था। लेकिन हाल के वर्षों में, चूंकि कम लोग चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हैं तथा चुनावों की लागत में वृद्धि हुई है, इसलिए शोधकर्ताओं ने गैर-संभाव्यता आधारित नमूनाकरण विधियों की ओर रुख कर लिया है। उदाहरण के लिए, वे उन स्वयंसेवकों से ऑनलाइन डेटा (Online data) एकत्र कर सकते हैं, जो इंटरनेट पैनल (Internet Panels) में शामिल हो गए हैं। कई उदाहरणों में, इन गैर-संभाव्यता नमूनों ने ऐसे परिणाम उत्पन्न किए हैं जो अतुलनीय थे या, कुछ मामलों में, संभावना-आधारित सर्वेक्षणों की तुलना में चुनाव परिणामों की भविष्यवाणी करने में अधिक सटीक थे।

कई निर्वाचन क्षेत्रों और जनसांख्यिकीय समूहों से डेटा इकट्ठा करना केवल प्रयोग का एक हिस्सा है। सर्वेक्षण आपको केवल मत साझा करने का उद्देश्‍य बता सकता है। सीट रूपांतरण कठिन है, लेकिन सांख्यिकीय प्रशिक्षण वाला कोई व्यक्ति ऐसा कर सकता है। वोट शेयर (Vote Share) को सीटों में बदलने के लिए ‘समान क्षेत्रीय स्विंग’ नामक एक विधि प्रयोग की जाती है। उदाहरण के लिए, यदि एक निश्चित क्षेत्र में, भाजपा का वोट प्रतिशत 35 है, और पिछली बार उसका वोट प्रतिशत 38 था, तो इसके आधार पर अनुमान लगाया जाता है कि यह तीन प्रतिशत वोट की हानि से संभवतः कितनी सीटें खो देगा। किंतु इसे भी हम एक विश्‍वसनीय अनुमान नहीं कह सकते हैं क्‍योंकि कांग्रेस ने 2014 में 19.3 फीसदी वोट हासिल किए, लेकिन वह केवल 44 सीटें जीत सकी, जबकि 2009 में भाजपा ने 18.8 फीसदी वोट के साथ 116 सीटें जीतीं थी।

कई बार एग्ज़िट पोल के निष्‍कर्ष अविश्वसनीय भी साबित हुए हैं। उदाहरण के लिए, 2004 के लोकसभा चुनावों में, अधिकांश एग्ज़िट पोल ने भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की जीत की भविष्यवाणी की थी, किंतु कांग्रेस पार्टी सत्‍ता में आयी। 2009 में, एग्ज़िट पोल संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के लिए जीत के मार्जिन की सही भविष्यवाणी करने में विफल रहा है।

संदर्भ:
1. https://theprint.in/politics/exit-polls-how-they-are-conducted-their-relevance-accuracy/237228/
2. https://bit.ly/2JIyPZX
3. https://www.angelo.edu/faculty/ljones/gov3301/block12/objective4.htm



RECENT POST

  • पर्वतारोहण और शिलारोहण में बढ़ रही है भारतीयों की रुचि
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-02-2020 11:45 AM


  • क्यों होती है, पश्चिमी विछोभ वाली बारिश ?
    जलवायु व ऋतु

     26-02-2020 12:45 PM


  • रेलवे की बिजली खपत को कम करने में सहायक है हेड ऑन जनरेशन तकनीक
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     25-02-2020 03:30 PM


  • गौरवशाली इतिहास वाला मेरठ और एक कड़वे सच का सामना
    स्तनधारी

     24-02-2020 03:00 PM


  • ज़िन्दगी की जद्दोजहद को दिखाती एक टिटहरी की कहानी - पाइपर (Piper)
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-02-2020 03:30 PM


  • एक लचीला और घातक अस्त्र: उरुमी
    हथियार व खिलौने

     22-02-2020 01:30 PM


  • सात समंदर पार भी फैली है बाबा औघड़नाथ की महिमा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     21-02-2020 03:33 AM


  • ब्रिटिश संग्रहालय (British Museum) में मौजूद है अशोक स्तंभ का एक टुकड़ा
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-02-2020 12:40 PM


  • कोरोना वायरस से संबंधित भ्रमक जानकारियों से बचें
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     19-02-2020 11:00 AM


  • अप्रतिम वास्तुकला का नमूना है मेरठ का मुस्तफा महल
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     18-02-2020 01:30 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.