Machine Translator

19 वीं शताब्दी की एक पुस्तक में मेरठ का वर्णन

मेरठ

 29-03-2019 09:30 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

रेव. सी. सेसारी (Rev. C. Cesary) की पुस्तक “ इंडियन गोडस, सेजस एंड सिटी(Indian Gods, Sages and cities) ” में उनके द्वारा की गयी मेरठ यात्रा का चित्रण देखने को मिलता है। पुस्तक सामान्य रूप से उत्तर भारत के 19 वीं सदी के उत्तरार्ध के सामाजिक-धार्मिक परिदृश्य और विशेष रूप से बंगाल और कलकत्ता का एक बेहतरीन चित्रण प्रदान करती है। पुस्तक को चार भागों में विभाजित किया गया है। पुस्तक का पहला भाग जो हिंदू धार्मिक सिद्धांतों की आवश्यक विशेषताओं की चर्चा है, हिंदू पंथियों की रूपरेखा प्रदान करता है और मूर्ति के बारे में हिंदू और साथ ही कैथोलिक (Catholic) विचारों का विश्लेषण करता है। भाग दो ब्रह्म सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण मूल्यांकन है। तीसरा भाग कलकत्ता के लेखक द्वारा ऊपरी भारत के माध्यम से बंबई तक एक लंबी यात्रा के दौरान एकत्र किए गए छापों का लगभग एक यात्रा वृत्तांत है। मार्ग पर बसे शहरों और शहरों के बारे में जिज्ञासु तथ्यों और विवरणों से सुशोभित ज्वलंत रेखाचित्र, वाचन को अवशोषित करते हैं। चौथा भाग 19 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध के कलकत्ता के बेहतरीन विवरणों में से एक प्रदान करता है जिसमें शहर के हिंदुओं के दैनिक जीवन शैली पर एक टिप्पणी जोड़ी गई है। पुस्तक में सेसारी द्वारा की गयी मेरठ यात्रा का भी विवरण है:

सेसारी द्वारा किया गया मेरठ का चित्रण कुछ इस प्रकार है: “सेसारी दिल्ली से सुबह-सुबह मेरठ के लिए निकले थे। मेरठ में मौजूद यूरोपीय क्वार्टर काफी शानदार, साफ-सुथरे घर, लंबी चौड़ी सड़के और साथ ही उनके किनारे छोटे-छोटे सुंदर बगीचे भी शामिल थे। साथ ही दिल्ली की भांति ही मेरठ के भी चारों ओर दीवार बनायी हुई थी। वहीं यहां एक सुंदर और विशाल चर्च है, जिसे फादर वर्ल द्वारा एक अलग स्वरूप में बनाया गया था और यह चर्च सुंदर होने के साथ-साथ अच्छी तरह से सुसज्जित है। मेरठ अपनी वार्षिक घुड़दौड़ और स्वीप(Sweep) के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है, जैसे कि अम्बाला अपने डर्बी स्वीप(Derby Sweep) के लिए।

वहीं सुबह सेसारी मेरठ से एक घोड़ागाड़ी से सरधना के लिए निकल गए, जो कि मेरठ के उत्तर-पश्चिम में लगभग 18 मील की दूरी पर है। इस स्थान में रोम के सेंट पीटर चर्च की नकल का एक शानदार चर्च स्थित है। इस चर्च में पांच गलियारे और एक गुंबद है, इस चर्च का निर्माण बेगम सोम्ब्रे द्वारा करवाया गया था। साथ ही चर्च के अंदर कई जिज्ञासा जनक चीजों में चर्च की समाधि स्मारक विशेष उल्लेखनीय है। ऊपर दी गयी तस्वीरें मेरठ के सरधना क्षेत्र में स्थित सेंट पीटर चर्च की हैं। शुद्ध सफेद संगमरमर का यह स्मारक रोम में दो लाख और डेढ़ की लागत से निष्पादित किया गया है। सिराधना में छः घंटे घूमने के बाद ज्यादा ठंड होने के कारण सेसारी, मेरठ वापस चले गए और मेरठ में रात गुजारने के बाद सेसारी अगली सुबह वापस दिल्ली चले गए।

संदर्भ :-
1. https://bit.ly/2NQraYE
2. http://www.mittalbooks.com/products/Indian-Gods%2C-Sages-And-Cities.html
3. पुस्तक सन्दर्भ - Cesary,Rev.C. इंडियन गोडस, सेजस एंड सिटी(Indian Gods, Sages and cities)(1987) Mittal Publication



RECENT POST

  • मेरठ की लड़की के बारे में किपलिंग की कविता
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-06-2019 11:30 AM


  • फ्रॉक और मैक्सी पोशाक का इतिहास
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     19-06-2019 11:12 AM


  • कश्मीर की कशीदा कढ़ाई जिसने प्रभावित किया रामपुर सहित पूर्ण भारत की कढ़ाई को
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     18-06-2019 11:08 AM


  • क्या मछलियाँ भी सोती हैं?
    मछलियाँ व उभयचर

     17-06-2019 11:11 AM


  • सबका पहला आदर्श - पिता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • सफलता के लिये अपनाएं ये सात आध्यात्मिक नियम
    व्यवहारिक

     15-06-2019 10:58 AM


  • भारतीय किसानों पर बढ़ता विदेशी आयातों का संकट समझाती है ये पुस्तक
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 11:01 AM


  • मेरठ में मौजूद हैं औपनिवेशिक भारत के कुछ पुराने क्लब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:42 AM


  • 20वीं सदी के कला आंदोलन का भारतीय स्‍वतंत्रता आंदोलन पर प्रभाव
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 12:01 PM


  • मेरठ की जामा मस्जिद उत्तर भारत की सबसे पहली जामा मस्जिद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2019 11:08 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.