मेरठ के नाम की उत्पत्ति का इतिहास

मेरठ

 22-03-2019 09:01 AM
मघ्यकाल के पहले : 1000 ईस्वी से 1450 ईस्वी तक

मेरठ को मेरथ या मिरथ भी लिखा जाता है, मेरठ के इन नामों की उत्पत्ति के पीछे कई किंवदंतियां हैं, लेकिन किसी भी किंवदंतियों से इसके नामों का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है। वैसे तो एक लेख के अनुसार मेरठ को मूल रूप से माही राष्ट्र के नाम से जाना जाता था, ये नाम मेरठ को एक प्रतिष्ठित वास्तुकार माही द्वारा दिया गया था। माही ने इन्द्रप्रस्थ और दिल्ली में एक महल का निर्माण किया था, जिसके बदले में उसे राजा युधिष्ठिर द्वारा मेरठ की जमीन दी गई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि माही ने यहाँ एक उंचे ईंटों का किला बनाया था, जिसके अवशेष आज भी देखने को मिलते हैं।

वहीं दूसरी ओर जाटों का कहना है कि मेरठ की स्थापना उनकी ही जाति के महारष्ट्र गोत्र से संबंद्धित एक कॉलोनी द्वारा की गई थी। साथ ही कई अन्य का कहना है कि मेरठ को अपना नाम दिल्ली के राजा महिपाल से मिला था। रामायण की पौराणिक कहानी के अनुसार मेरठ रावण के ससुर माया दानव की शक्ति का आसन था, इसे “मैदांत का खेड़ा” भी कहा जाता था।

हालांकि ये सारी किंवदंतियां मेरठ के नाम की उत्पत्ति का कोई ठोस सबूत नहीं देती हैं, परंतु मेरठ में लोगों का वास प्राचीन काल से ही था इस तथ्य की स्पष्टि हम तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में महान सम्राट अशोक द्वारा बनबाये गये अशोक स्तंभ से कर सकते हैं जो आज दिल्ली में स्थित है। वहीं इस तथ्य को स्तंभ के शिलालेख द्वारा सत्यापित किया गया है, जिसमें लिखा हुआ है कि 1365 ईस्वी में फिरोज शाह तुगलक द्वारा इस स्मारक को मेरठ से दिल्ली में लाया गया था।

संदर्भ - 1. http://meerutup.tripod.com/hist1.htm
2. https://bit.ly/2T9e2if
3. Image Reference – flickr.com
4. Image 2 - Wikipedia


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