भारत में तांबे के भंडार और खनन

मेरठ

 16-03-2019 09:00 AM
खदान

खनिज वे पदार्थ होते हैं जिन्‍हें पृथ्वी के भीरत से खोदकर निकाला जाता है। भारत में खनिज सम्पदा का विशाल भंडार है, भारत में लगभग सभी प्रकार के खनिज मिलते हैं। इसमें से सबसे महत्वपूर्ण खनिज तांबा है। तन्य और ताप सुचालक होने के कारण तांबे का उपयोग मुख्यतः बिजली के तार बनाने, इलैक्ट्रोनिक्स, और रसायन उद्योग में किया जाता है। हालांकि भारत में तांबे के भंडार व उत्पादन क्रांतिक रूप से न्यून है। तांबे के घरेलू उत्पादन के अलावा भारत आयात पर निर्भर है। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL), एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्योग है, जो देश की एकमात्र एकीकृत कंपनी है जो अयस्क के खनन और लाभ में शामिल है और परिष्कृत तांबे को गलाने, शोधन और ढलाई के कार्य में लगी हुई है।

यूएनएफसी प्रणाली पर आधारित एनएमआई डेटाबेस (1 अप्रैल 2015) के अनुसार तांबे के अयस्क का कुल भंडार 1.51 बिलियन टन अनुमानित है। इनमें से 207.77 मिलियन टन (13.74%) 'भंडार श्रेणी' के अंतर्गत आते हैं जबकि शेष 1.30 बिलियन टन (86.25%) 'शेष संसाधन' श्रेणी आता है। यदि भारत की बात की जाये तो तांबे के अयस्क का सबसे बड़ा भंडार 813 मिलियन टन (53.81%) राजस्थान राज्य में हैं इसके बाद 295 मिलियन टन (19.54%) झारखंड में, और मध्य प्रदेश में 283 मिलियन टन (18.75%) भंडार उपस्थित है। भारतीय संसाधनों में शेष 7.9% हिस्सा आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल उपस्थित है।

2015-16 की तुलना में वर्ष 2016-17 में तांबे के उत्पादन (3.85 मिलियन टन) में 2% की कमी आई थी। 2016-17 में उत्पादित अयस्क में धातु की मात्रा 34,353 टन थी जो 2015-16 में 34,535 टन थी। 2016-17 के दौरान उत्पादन का लगभग 51% हिस्सा मध्यप्रदेश का प्रमुख उत्पादक था, राजस्थान में 42% और झारखंड में 7% उत्पादन था। अयस्क में औसत तांबे की मात्रा झारखंड में 0.87%, मध्य प्रदेश में 0.80%, और राजस्थान में 1.01% Cu था तथा 2016-17 में तांबे की खानों में श्रम का औसत दैनिक रोजगार 2,820 था, जबकि पिछले वर्ष में यह 3,285 था।

भारत में इतना उत्पादन होने के बाद भी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिये तांबा आयत किया जाता है। परंतु हिंदुस्तान कॉपर भारत में अपने उत्पादन और परिचालन का विस्तार करने के लिए कदम उठा रहा है और कंपनी ने कहा है कि उसके बोर्ड ने अपनी ऋण सीमा बढ़ा दी है और बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार विदेश में महत्वपूर्ण धातुओं की खोज और खनन के लिए नेशनल एल्युमीनियम कंपनी (National Aluminum Company) और मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरेशन (Mineral Exploration Corporation) के साथ एक संयुक्त उद्यम के गठन को मंजूरी दे दी है।

मध्यप्रदेश के मलांजखंड में भारत का लगभग 70 प्रतिशत तांबे का भंडार है, और हिंदुस्तान कॉपर के उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। इसकी सबसे बड़ी खदान में उत्पादन को तीन गुना करने सहित छह बड़ी परियोजनाओं में लगभग 700 मिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई गई है। अनुमान है कि करेंट ओपन-कास्ट (Current open-cast ) ऑपरेशन के तहत एक भूमिगत खदान का निर्माण करने से उत्पादन 2 मिलियन टन प्रति वर्ष से 5.2 मिलियन तक हो जाएगा।

संदर्भ:
1. https://bit.ly/2EYS4JT
2. https://bit.ly/2iSSQNJ



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