कैसे मनुष्य की जरूरतें बनती जा रही है समाज के लिए खतरा

मेरठ

 10-03-2019 11:50 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

मनुष्य जिस तरह से जी रहा है और अपनी ज़रूरतें पूरी कर रहा है, वह प्रकृति के प्रति जबरदस्त विनाशकारी साबित हो रहाहै। जिस तरह से हम अपना भोजन पाते हैं, जिस तरह से हम अपने कपड़े बनाते हैं, जिस तरह से हम अपने उपकरणों को बनाते हैं और उनका उपयोग करते हैं - लगभग सब कुछ जो हम कर रहे हैं वह पृथ्वी नामक जीव के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हम भूमि, समुद्र, हवा, जानवरों, पेड़ों और हर उस चीज को नष्ट कर रहे हैं जिसमें वास्तव में जीवन है। हम सचमुच प्रकृति को विषाक्त कर रहे हैं। आइए इस वीडियो के माध्यम से समझते है कि मनुष्य कैसे इस खूबसूरत संसार को नुक्सान पहुंचा रहा है।

संदर्भ:

1. https://www.youtube.com/watch?v=WfGMYdalClU
2. वीडियो के निर्माता - स्टीव कट्स (Steve Cutts)


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