सन 1949 से आया एकता का सन्देश

मेरठ

 13-01-2019 10:00 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

भारत एक भिन्नता से सम्पूर्ण राष्ट्र है। इतनी भिन्नता होने के बावजूद भी हम अपनी अनेकता में एकता के लिए जाने जाते हैं। हाँ ये सच है कि कई बार इस एकता में कुछ छोटे-मोटे विघ्न पड़ते रहते हैं, परन्तु अंत में हम एक परिवार के रूप में उभरकर फिर खड़े हो उठते हैं। इसी एकता को प्रदर्शित करते हुए हाल ही में गुजरात में एक स्मारक का निर्माण कराया गया। और एकता को चिह्नित करने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल से बेहतर और कौन हो सकता था।

सरदार पटेल के नाम से लोकप्रिय, वल्लभभाई पटेल (31 अक्टूबर 1875 - 15 दिसंबर 1950), एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने भारत के पहले उप प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया। वे एक भारतीय बैरिस्टर और राजनेता थे, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और भारतीय गणराज्य के एक संस्थापक भी थे जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए देश के संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई और एक एकीकृत और स्वतंत्र राष्ट्र का निर्माण करने में मार्गदर्शन दिया।

सरदार पटेल सदैव अपने भाषणों में भारत की सम्पूर्ण आबादी को कुछ इस तरह संबोधित करते थे जैसे मानो वे अपने परिवारजनों से ही वार्तालाप कर रहे हों। तो आइये उनके द्वारा एकता का पाठ पढ़ाते हुए इस भाषण को सुना जाए। भाषण सुनने के लिए ऊपर दिए गए विडियो पर क्लिक करें। आशा है कि सभी पाठकों में इसे सुनने के बाद अपने साथी देशवासियों के प्रति एक प्रेम भाव का जन्म होगा।

सन्दर्भ:

1.https://en.wikipedia.org/wiki/Vallabhbhai_Patel
2.
https://www.youtube.com/watch?v=QLAbNqKKxY0



RECENT POST

  • मेरठ में आवारा कुत्तों(street dogs) से होने वाली परेशानियों का समाधान
    व्यवहारिक

     26-04-2019 07:00 AM


  • क्या कुष्ठ रोग एक लाइलाज बीमारी है ?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     25-04-2019 07:00 AM


  • महाभारत का एक विचित्र जीव नवगुंजर
    शारीरिक

     24-04-2019 07:00 AM


  • भारतीय संहिता में रैगिंग (ragging) के खिलाफ कानून
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     23-04-2019 07:00 AM


  • कम्बोह वंश के गाथा को दर्शाता मेरठ का कम्बोह दरवाज़ा
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     22-04-2019 09:00 AM


  • लिडियन नाधास्वरम (Lydian Nadhaswaram) के हुनर को सलाम
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     21-04-2019 07:00 AM


  • अपरिचित है मेरठ की भोला बियर की कहानी
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     20-04-2019 09:00 AM


  • क्यों मनाते है ‘गुड फ्राइडे’ (Good Friday)?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-04-2019 09:41 AM


  • तीन लोक का वास्तविक अर्थ
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     18-04-2019 12:24 PM


  • यिप्रेस (Ypres) के युद्ध में मेरठ सैन्य दल ने भी किया था सहयोग
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     17-04-2019 12:50 PM