Machine Translator

मुर्गियों के जीवन का क्रमिक विकास

मेरठ

 03-01-2019 11:11 AM
पंछीयाँ

अक्‍सर हम एक प्रश्‍न से रूबरू होते हैं, वह है "मुर्गी पहले आयी या अण्‍डा"। यह प्रश्‍न अपने आप में काफी रोचक भी है और रहस्‍यमय भी। हम इस प्रश्‍न का स्‍पष्‍ट उत्‍तर तो नहीं दे सकते, किंतु आज तो यह सर्वविदित है कि पहले अण्‍डा आता है और फिर मुर्गी, तो चलिए जानते हैं इन्‍हीं के क्रमिक विकास के बारे में। जिसमें इनके विकास के प्रमुखतः तीन चरण होते हैं-अण्‍डा चूजा और मुर्गी।

प्रथम चरण:

20 सप्‍ताह की आयु में मुर्गी अण्‍डा देना प्रारंभ कर देती है तथा एक मुर्गी 20-27 घण्‍टे के भीतर 1 निषेचित अण्‍डा देती है। अण्‍डे का विकास मुर्गी के अंदर अंडे के पीतक से प्रारंभ होता है, पीतक का निर्माण अण्‍डोत्‍सर्ग नामक प्रक्रिया से मुर्गी के अण्‍डाशय में होता है। इस स्‍तर पर पीतक को अंडक कहा जाता है। यह पीतक मुर्गी की डिंबवाहिनी के नीचे आती है, जिन्‍हें मुर्गों द्वारा निषेचित किया भी जा सकता है और नहीं भी। यह पीतक, पीतक झिल्‍ली से ढक जाते हैं, जहां पर अण्‍डे का सफेद भाग विकसित होता है तथा धीरे-धीरे बाह्य खोल तैयार होता है। इस संपूर्ण प्रक्रिया में लगभग 20 घण्‍टे का समय लगता है। एक पूर्ण विकसित अण्‍डे को सुविधाजनक स्‍थान पर दे देती है।

द्वीतीय चरण:

इन अण्‍डों को मुर्गी द्वारा लगभग 21 दिनों तक निरंतर सेका जाता है, और इन्हें वह अपनी चोंच से नियमित रूप से घुमाती रहती है, यदि इन अण्‍डों में कोई अण्‍डा प्रगति नहीं करता तो उन्‍हें वह समूह से बाहर निकाल देती है। अण्‍डे के भीतर चूजा पीतक से पोषण प्राप्‍त करता है, यह पोषण चूजे को 24-72 घण्‍टे तक जीवित रख सकता है। 21 दिनों की ऊष्‍मायन अवधि के बाद चूजा खोल तोड़कर दुनिया में प्रवेश करता है, जो प्रारंभ में गिला होता है। अण्‍डे से तुरंत निकलने के बाद ये खूबसूरत रंग-बिरंगे रोंएदार चूजे चलने लगते हैं। मुर्गे द्वारा निषेचित अण्‍डे ही चूजे में परिवर्तित हो सकते हैं। माता पिता की भांति दांत के अभाव में ये भोजन के छोटे छोटे टुकड़े करने के लिए गिजर्ड या पेषणी का उपयोग करते हैं। इन छोटे चूजों को ऊष्‍मा की आवश्‍यकता होती है जो इन्‍हें अपनी माता के पंखों के भीतर से मिलती है।

चूजों को कृत्रिम ऊष्‍मा के माध्‍यम से जीवित रखा जा सकता है, इसके लिए उस स्‍थान विशेष (जहां चूजों को रखा जाएगा) के तापमान को विद्युतीय उपकरण या अन्‍य किसी ऊष्‍मीय उपकरण की सहायता से इनके अनुकुल बनाया जाये तथा इनके भोजन (चूजे को प्रो‍टीन युक्‍त प्रारंभिक चारा), पानी (ना ज्‍यादा गर्म और ना ठंडा) की उचित व्‍यवस्‍था की जाए। इनकी स्‍वच्‍छता पर विशेष ध्‍यान दिया जाना चाहिए।

तृतीय चरण:

दूसरे सप्‍ताह के भीतर चूजों के पंख निकलना प्रारंभ हो जाते हैं। तीन से चार सप्‍ताह के भीतर इनके पंख और आकार तीव्रता से बढ़ने लगते है। पंख विकसित होने के बाद इन्‍हें विशेष ऊष्‍मा देने की आवश्‍यकता नहीं होती है, अब वे स्‍वयं को वातानुकुल ढाल सकते हैं। 6 महीने की अवधि में यह चूजे पूर्ण वयस्‍क हो जाते हैं। वयस्‍क मुर्गा और मुर्गी में शारीरिक भिन्‍नता देखने को मिलती है। मुर्गियां प्रतिवर्ष अपने पुराने और क्षतिग्रस्‍त पंखों को गिरा देती हैं तथा उनमें नये पंख विकसित हो जाते हैं। वयस्‍क मुर्गी पुनः अण्‍डे देना प्रारंभ कर देती है और इनका जीवन चक्र ऐसे ही चलता रहता है।

नस्ल के आधार पर मुर्गियां 3-20 साल तक जीवित रह सकती हैं। 20 साल की मुर्गियां दुर्लभ हैं किंतु वे मौजूद हैं। औसतन इनकी आयु 5-8 वर्ष के मध्‍य ही होती है, उम्र बढ़ने के साथ इनमें बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगते हैं इनके शरीर में ऊर्जा होने के साथ साथ इनके पैर और पंजे मोटे होने लगते हैं। मुर्गियां अण्‍डे देना बंद कर देती हैं।

लोगों द्वारा मुर्गी पालन बहुद्देश्‍य से किया जाता है, कोई इनका पालन मांस के लिए, कोई अण्‍डे के लिए कोई खेतों में कीट या खरपतवार को समाप्‍त करने के लिए करता है। मुर्गियां पृथ्वी व्यापक रूप से पाए जाने वाले घरेलू जीवों में से एक हैं।

संदर्भ:
1.https://www.thehappychickencoop.com/chicken-life-cycle/
2.https://animalsake.com/life-cycle-of-chicken



RECENT POST

  • कैसे उत्पन्न होता है टिड्डी का झुंड
    तितलियाँ व कीड़े

     10-07-2020 05:29 PM


  • एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय विश्व समूह है, रूस-भारत-चीन समूह
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     08-07-2020 06:44 PM


  • मेरठ के आलमगीरपुर का समृद्ध इतिहास
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     08-07-2020 07:41 PM


  • भाषा स्थानांतरण के फलस्वरूप गुम हो रही हैं विभिन्न क्षेत्रीय बोलियां
    ध्वनि 2- भाषायें

     07-07-2020 04:50 PM


  • मेरठ और चिकनी बलुई मिट्टी के अद्भुत उपयोग
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-07-2020 03:34 PM


  • क्या अन्य ग्रहों में होते हैं ग्रहण
    जलवायु व ऋतु

     04-07-2020 07:22 PM


  • भारत के शानदार देवदार के जंगल
    जंगल

     03-07-2020 03:12 PM


  • विभिन्न संस्कृतियों में हंस की महत्ता और व्यापकता
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     02-07-2020 11:08 AM


  • विभिन्न सभ्यताओं की विशेषताओं की जानकारी प्रदान करते हैं उत्खनन में प्राप्त अवशेष
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     01-07-2020 11:55 AM


  • मेरठ का शहरीकरण और गंध
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     01-07-2020 01:20 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.