मेरठ वस्त्र उद्योग में इस्तेमाल हो सकता है चीन का पारम्परिक पैचवर्क

मेरठ

 22-11-2018 12:40 PM
स्पर्शः रचना व कपड़े

मानव के द्वारा मौसम, सुन्दरता और स्वास्थ्य एवं उपयोगिता की दृष्टि से भिन्न-भिन्न प्रकार के वस्त्रों का उत्‍पादन किया जाता है। समय के साथ व्यक्ति विभिन्न प्रकार के वस्त्रों - सूती, ऊनी, रेशम आदि से परिचित होता गया। वहीं वस्त्र इतिहास और संस्कृति का भौतिक साक्ष्य हैं और यह व्यापार, धर्म, परंपराओं, प्रवासन, समुदायों और व्यक्तियों के बारे में हमें बहुत कुछ बताता है। साथ ही हम इनको देख दूसरे समुदायों के कपड़े बनाने के डिज़ाइन (Design) के बारे में काफ़ी कुछ सीख सकते हैं। ऐसे ही मेरठ के हथकरघा कारीगर चीन की पारंपरिक रज़ाई और बेडकवर (Bedcover) बनाने के डिज़ाइनों से कुछ अलग सीख सकते हैं।

3000 से अधिक वर्षों से दक्षिणी-पश्चिमी चीन के पारंपरिक बेडकवर और अन्य घरेलू सामानों को विशेष रूप से तैयार किया जाता है, जिसमें, कपड़े के छोटे-छोटे से टुकड़ों को सजावटी ढ़ंग से एक साथ कलात्मक तरीके से वस्त्रों पर लगाया जाता है। क्विल्टिंग (Quilting) या पैचिंग (Patching) में कई वर्गों (ज्यादातर वर्ग या हीरे के आकार) को एक साथ रखा जाता है।

लेकिन चीन के इन सुंदर बेडकवर और रज़ाई की ओर विद्वानों, संग्राहकों और संग्रहालयों में से किसी का ध्यान नहीं गया, इसलिए इन्हें सार्वजनिक या निजी संग्रह में बहुत कम प्रदर्शित किया गया है। दक्षिणी-पश्चिमी चीन की पारंपरिक रज़ाई का उद्भूत और लोगों के समक्ष प्रथम प्रवेश 2015 में मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी (Michigan State University) संग्रहालय में हुआ था। और अंतर्राष्ट्रीय रज़ाई अध्ययन केंद्र और संग्रहालय द्वारा प्रदर्शनी के संस्करण में आई.क्यू.एस.सी.एम. (IQSCM) संग्रह, यूनान नेशनलिटीज़ (Yunnan Nationalities) संग्रहालय, गुआंग्शी नेशनलिटीज़ (Guangxi Nationalities) संग्रहालय और गुइझोऊ नेशनलिटीज़ (Guizhou Nationalities) संग्रहालय के कुछ नमूने शामिल किए गये। यह प्रदर्शनी इन संस्थानों के सहयोग के बिना संभव नहीं थी। इस प्रदर्शनी में विभिन्न गैर-हान जातीय समूहों से संबंधित महिलाओं द्वारा ग्रामीण चीन में बनी रज़ाइयाँ, जूते, तहबंद, टोपी आदि पेश किए गए और कई अन्य कलात्मक चिजों को भी दर्शाया गया।

हॉलैंडर संग्रह 1500 से अधिक पोशाक, आभूषण और सजावट के साथ दुनिया के सबसे पूर्ण और व्यापक समूहों में से एक है। जो चीन के जनजातियों के सांस्कृतिक जीवन और नृवंशविज्ञान विरासत को एकत्र कर दर्शाता है। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

• आयताकार सजावटी पैनल (Panel) या शोल्डर क्लोथ (Shoulder Cloth, कंधे को ढकने वाला कपड़ा) पर वर्गों की सजावट और वर्गों के अंदर आठ त्रिकोण बने हुए हैं।


• अंतिम संस्कार में पहने जाने वाले वस्‍त्र।


• हस्त बुनाई कपास का ओवर गारमेन्ट या ट्यूनिक (Tunic), नीले और भूरे रंग में बड़े मोर्चे और छोटे बैक पैनलों वाला इंडिगो में बाटिक (Batik)।


• कुछ अन्य उदाहरण:


संदर्भ:
1.http://www.tmurrayarts.com/special-exhibitions-top/special-exhibitions/roger-hollander-chinese-minority-primary-collection-2/yi-minority/
2.https://themagsantafe.com/quilts-of-southwest-china/
3.https://www.youtube.com/watch?v=Wv8oD2z6xMA
4.http://www.internationalfolkart.org/exhibition/2890/quilts-of-southwest-china



RECENT POST

  • निरर्थक नहीं वरन् पर्यावरण का अभिन्‍न अंग है काई
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     12-12-2018 01:24 PM


  • विज्ञान का एक अद्वितीय स्‍वरूप जैव प्रौद्योगिकी
    डीएनए

     11-12-2018 01:09 PM


  • पौधों के नहीं बल्कि मानव के ज़्यादा करीब हैं मशरूम
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     10-12-2018 01:18 PM


  • रेडियो का आविष्कार और समय के साथ उसका सफ़र
    संचार एवं संचार यन्त्र

     09-12-2018 10:00 PM


  • सर्दियों में प्रकृति को महकाती रहस्‍यमयी एक सुगंध
    व्यवहारिक

     08-12-2018 01:18 PM


  • क्या कभी सूंघने की क्षमता भी खो सकती है?
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     07-12-2018 12:03 PM


  • क्या है गुटखा और क्यों हैं इसके कई प्रकार भारत में बैन?
    व्यवहारिक

     06-12-2018 12:27 PM


  • मेरठ की लोकप्रिय हलीम बिरयानी का सफर
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     05-12-2018 11:58 AM


  • इतिहास को समेटे हुए है मेरठ का सेंट जॉन चर्च
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     04-12-2018 11:23 AM


  • प्राचीन समय में होता था नक्षत्रों के माध्यम से खगोलीय घटनाओं का पूर्वानुमान
    जलवायु व ऋतु

     03-12-2018 05:15 PM