इंडोनेशिया और भारत के सदियों पुराने नाते

मेरठ

 14-11-2018 12:55 PM
छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि इंडोनेशिया की भाषा, कला, साहित्य, यहां तक कि शिल्प शैली में भी सनातन हिंदू धर्म का प्रभाव दिखता है। भारत के निकटवर्ती देशों में से इंडोनेशिया एक ऐसा देश है, जिसका जावा द्वीप हिंदू संस्कृति खासकर कि महाभारत की खुशबू से सराबोर है। जावा द्वीप ने अपने आंचल में महाभारत की ऐतिहासिक संस्कृति को समेटे हुआ है। भारत की हिंदू सभ्यता यहां पूरी तरह जीवंत है।

महाभारत का एक दूसरा रूप इंडोनेशिया के मध्य जावा द्वीप में डिएंग (Dieng) पठार में स्थित है। यहाँ आपको 7वीं या 8वीं शताब्दी के महाभारत के मुख्य पात्रों के मंदिरों के समूह भी देखने को मिलेंगे जो कि डिएंग मंदिरों के नाम से जाने जाते हैं। आप ये भी कह सकते हैं कि भारत के प्राचीन राज्य हस्तिनापुर (मेरठ) का एक प्रतिरूप जावा द्वीप में डिएंग पठार में स्थित है।

यह पठार आठ छोटे हिंदू मंदिरों का समूह है जो जावा में बने सबसे पुराने जीवित धार्मिक संरचनाओं में से एक हैं। ये इंडोनेशिया का सबसे प्राचीन हिंदू मंदिर है तथा इन भवनों के निर्माण का आरम्भ कलिंग साम्राज्य से हुआ है। इन मंदिरों में भारतीय हिंदू मंदिरों की वास्तुकला की कई विशेषताएं आप साफ-साफ देख सकते हैं। इन मंदिरों के निर्माण से जुड़े शिलालेखों की कमी के कारण इनका इतिहास, निर्माता, मंदिरों के वास्तविक नाम आदि जैसे प्रश्नों के उत्तर अभी भी अज्ञात हैं। परंतु यहां के स्थानीय लोगों ने प्रत्येक मंदिर को महाभारत के पात्रों के अनुसार नाम दिया है।

इस मंदिर परिसर को तीन समूहों में बाँधा गया है: अर्जुन समूह, द्वारवती समूह तथा घटोत्कच समूह।

1. अर्जुन मंदिर समूह:

अर्जुन मंदिर समूह, जो मुख्य मंदिरों में से एक है लगभग 4 वर्ग मीटर के क्षेत्र में एक घन आकार में फैला हुआ है। यह डिएंग पठार के केंद्रीय क्षेत्र में स्थित है। इस समूह में क्रमशः पांच मंदिर शामिल हैं:
• अर्जुन मंदिर
• श्रीकंडी मंदिर
• पुंटादेव मंदिर
• सेमबद्रा मंदिर
• सेमार मंदिर

अर्जुन मंदिर उत्तर छोर पर स्थित है, फिर दक्षिण में क्रमशः श्रीकंडी, पुंटादेव और सेमबद्रा मंदिर हैं जिनमें भगवान विष्णु, शिव और ब्रह्मा की छवियां हैं, ये त्रिमूर्तियां-क्रमशः उत्तर, पूर्व और दक्षिण की ओर है। अर्जुन मंदिर के ठीक सामने सेमार मंदिर खड़ा है।

2. घटोत्कच मंदिर समूह:

घटोत्कच मंदिर समूह में भी पांच मंदिर शामिल हैं:
• घटोत्कच मंदिर
• सेत्याकी मंदिर
• नकुल मंदिर
• सहदेव मंदिर
• गारेंग मंदिर

वर्तमान में केवल घटोत्कच मंदिर ही बचा हुआ है, अन्य चार मंदिर खंडहर हो चुके हैं। घटोत्कच मंदिर की इमारत ऐतिहासिक कथाओं की इमारत के जैसी नज़र आती है क्योंकि छत का आकार लगभग मंदिर की इमारत के आकार के समान ही है। इसकी दीवार के दूसरी तरफ एक विशिष्ट सजावटी कलमकारी है तथा यह मंदिर 4.5 x 4.5 वर्ग मीटर में फैला हुआ है। वर्तमान में इसकी छत को नष्ट कर दिया गया है इसलिये ये अब अपने मूल रूप जैसा नहीं दिखता है।

3. द्वारवती मंदिर समूह:

द्वारवती मंदिर समूह में चार मंदिर शामिल हैं:
• द्वारवती मंदिर
• अबियासा मंदिर
• पांडु मंदिर
• मार्गसरी मंदिर

वर्तमान में इस समूह में केवल द्वारवती मंदिर है जो बचा हुआ है, बाकी के शेष मंदिर खंडहर हो गये हैं। द्वारवती मंदिर डिएंग पठार मंदिर परिसर में एक अनूठा मंदिर है। यह मंदिर डिएंग कुलोन गांव की उपजाऊ भूमि से घिरा हुआ है। यह एकमात्र मंदिर है जिसका नाम महाभारत के पात्रों के नाम पर नहीं रखा गया है।

इन मंदिरों के अलावा एक एकल मंदिर है जो एक पहाड़ी पर स्थित है जिसे ‘बीम मंदिर” के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर डिएंग मंदिरों से अलग है तथा यहाँ के मंदिर परिसर की सबसे बड़ी और सबसे ऊंची इमारत है जो कि दक्षिणी परिसर में स्थित है। मंदिर की छत 5 स्तरों में बनी हुई है। इस मंदिर की वास्तुकला भारतीय मंदिरों से काफी मिलती है, विशेष रूप से इसकी तुलना उड़ीसा के भुवनेश्वर में स्थित परशुरामेश्वर मंदिर (650 ईस्वी) से की गई है। सिरपुर में स्थित 7वीं शताब्दी का लक्ष्मण मंदिर भी इससे काफी मिलता है।

भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते हज़ारों साल पुराने हैं। भारत के व्यापारी वहां सदियों से व्यापार कर रहे हैं। यही कारण है कि इंडोनेशिया और भारत में काफ़ी सारी सांस्कृतिक समानताएं देखने को मिलती हैं। यहां तक कि यदि आप इंडोनेशिया में महाभारत की बात करेंगे तो वे कहेंगे कि ये तो हमारा ग्रंथ है। दोनों महाभारत में बस कुछ प्रसंगों की भिन्नता है, जैसे कि शिखंडी जोकि भारत की महाभारत में एक औरत है जो अपने वयस्क जीवन में एक लड़का बन जाती है परंतु इंडोनेशिया की महाभारत में शिखंडी एक औरत ही है और अर्जुन की पत्नी है, आदि। महाभारत यहां भी उतनी ही लोकप्रिय है जितनी की भारत में।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Dieng_temples
2.https://www.facebook.com/groups/331575973297/permalink/10154081324118298/
3.https://harindabama.com/2016/02/13/dieng-dawn-of-javanese-hindu-temples/
4.https://www.jogjacompasstours.com/dieng-plateau-oldest-hindu-temple/

RECENT POST

  • भारत में हमें इलेक्ट्रिक ट्रक कब दिखाई देंगे?
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-05-2022 09:23 AM


  • हिन्द महासागर के हरे-भरे मॉरीशस द्वीप में हुआ भारतीय व्यंजनों का महत्वपूर्ण प्रभाव
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:28 AM


  • देखते ही देखते विलुप्त हो गए हैं, मेरठ शहर के जल निकाय
    नदियाँ

     25-05-2022 08:12 AM


  • कवक बुद्धि व जागरूकता के साक्ष्य, अल्पकालिक स्मृति, सीखने, निर्णय लेने में हैं सक्षम
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:35 AM


  • मेरे देश की धरती है दुर्लभ पृथ्वी खनिजों का पांचवां सबसे बड़ा भंडार, फिर भी इनका आयात क्यों?
    खनिज

     23-05-2022 08:43 AM


  • जमीन पर सबसे तेजी से दौड़ने वाला जानवर है चीता
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:34 PM


  • महान गणितज्ञों के देश में, गणित में रूचि क्यों कम हो रही है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:18 AM


  • आध्यात्मिकता के आधार पर प्रकृति से संबंध बनाने की संभावना देती है, बायोडायनामिक कृषि
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:02 AM


  • हरियाली की कमी और बढ़ते कांक्रीटीकरण से एकदम बढ़ जाता है, शहरों का तापमान
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:45 AM


  • खेती से भी पुराना है, मिट्टी के बर्तनों का इतिहास, कलात्मक अभिव्यक्ति का भी रहा यह साधन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:46 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id