कैसे खड़ी हो एक महिला कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ़

मेरठ

 11-11-2018 10:00 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

महिलायें वर्षों से यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना की शिकार होती आयी हैं। घर हो या कार्यस्थल महिलाओं को कभी घरेलू हिंसा तो कभी कार्यस्थल पर यौन अपराध की मार झेलनी पड़ती है। इन सब अपराधों से महिलाओं को बचाने के लिये ही कई कानून बनाये गए हैं लेकिन महिलाओं को इनकी जानकारी न होने के कारण वो अपने साथ होने वाले अपराधों के खिलाफ अपनी आवज़ प्रकट नहीं कर पाती है, आईये जानते हैं कार्यस्थल यौन शोषण कानून के बारे में, इसकी शुरुआत 1992 में राजस्थान की राजधानी जयपुर के गॉव भटेरी से हुई। जहाँ बाल विवाह के विरोध में अभियान चला रही भवरी देवी नाम की महिला के साथ बलात्कार किया गया। भवरी देवी को इन्साफ और अन्य महिलाओं के बचाव में क़ानून बनाने के लिये विशाखा और अन्य संगठनों ने कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। जनहित याचिका में कोर्ट से कामकाजी महिलाओं के लिए संविधान की धारा 14,19 और 21 के तहत अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग की गयी। कोर्ट ने कामकाजी महिलाओं को यौन उत्पीड़न, हिंसा और प्रताड़ना से बचने के लिये विशाखा के दिशा, निर्देशों को जानने को कहा जिससे महिलायें अपना बचाव कर सकती थी। 1997 में कोर्ट ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की परिभाषा दी।

किन स्थियों में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत की जा सकती है:

1. यदि कार्यस्थल पर कोई सहकर्मी, सीनियर (Senior) और जूनियर (Junior) शारारिक सम्पर्क के लिये दबाव बनाता है या अन्य तरीकों से ऐसा करने के लिये दबाव बनाता है।
2. यदि कार्यस्थल पर कोई सहकर्मी और सीनियर यौन सम्बन्ध बनाने का अनुरोध या दबाव बनाता है।
3. यदि ऑफिस में कोई पुरूष महिला पर या उनके कपड़ों पर गंदा या अभद्र टिप्पणियां करता है।
4. यदि कार्यस्थल पर कोई मौखिक या अमौखिक तरीके से अभद्र टिप्पणियां करता है।

क्या कहता है कार्यस्थल यौन उत्पीड़न एक्ट 2013

कार्यस्थल यौन उत्पीड़न एक्ट 2013 के अनुसार दफ्तरों को आंतरिक शिकायत समिति यानि आईसीसी का बनाना जरुरी है। इस कमेटी में महिलाओं की संख्या आधी से ज्यादा होनी चाहियें साथ ही इस कमेटी की मुख्या भी एक महिला ही होगी। इस कमेटी में एक बाहरी सदस्य का होना भी जरुरी है। यदि कोई महिला शिकायत ले कर कमेटी के पास जाती है तो कमेटी को उसका निवारण 90 दिनों के भीतर करना होगा। यदि कमेटी 90 दिनों में शिकायत का समाधान नहीं कर पाती है तो समय बढ़ाया जा सकता है। एक्ट की धारा 26 (1) के अनुसार यदि कोई इम्प्लॉयर नियमों का पालन नहीं करता है, तो उस पर 50 हज़ार रुपयें का जुर्माना और कंपनी का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

सन्दर्भ:

1. https://indianexpress.com/article/explained/sexual-harassment-at-workplace-vishaka-guidelines-metoo-5394486/
2. https://www.onlymyhealth.com/health-slideshow/how-to-handle-sexual-and-mental-harassment-at-work-in-hindi-1453119320.html
3. https://hindi.oneindia.com/news/features/law-against-sexual-harassment-at-the-workplace-in-india-380141.html



RECENT POST

  • विकलांग बच्चों को समाज में बराबर दर्जा दिया जाना चाहिए
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     03-12-2020 02:26 PM


  • कुछ सावधानियों को ध्यान में रखकर कम की जा सकती है सुनामी के दुष्प्रभावों को
    पर्वत, चोटी व पठार

     02-12-2020 09:55 AM


  • माइक्रोलिथ्स के विकास द्वारा चिन्हित किया जाता है, मध्यपाषाण युग
    ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तक

     01-12-2020 11:23 AM


  • मौसमी फल और सब्जियों के सेवन से हैं अनेकों फायदे
    साग-सब्जियाँ

     30-11-2020 09:18 AM


  • सदियों से फैशन के बदलते रूप को प्रदर्शित करती हैं, फ़यूम मम्मी पोर्ट्रेट्स
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     28-11-2020 07:10 PM


  • वृक्ष लगाने की एक अद्भुत जापानी कला बोन्साई (Bonsai)
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     28-11-2020 09:03 AM


  • गंध महसूस करने की शक्ति में शहरीकरण का प्रभाव
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     27-11-2020 08:34 AM


  • विशिष्ट विषयों और प्रतीकों पर आधारित है, जैन कला
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     26-11-2020 09:05 AM


  • सेना में बैंड की शुरूआत और इसका विस्‍तार
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     25-11-2020 10:26 AM


  • अंतिम ‘वस्तुओं’ के अध्ययन से सम्बंधित है, ईसाई एस्केटोलॉजी
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     24-11-2020 08:13 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id