क्यों पीते हैं पौधे इतना पानी?

मेरठ

 11-10-2018 01:26 PM
शारीरिक

भगवान की बनाई हुई इस सृष्टि में कई अद्भुत रचनाएं शामिल हैं। जिनमें सबसे अद्भुत रचनाएं जीवित चीजें (जानवर, मानव और पौधे) हैं। इन सबको जीवित रहने के लिए खाने के साथ-साथ पानी की अधिक आवश्यकता होती है। जैसे मनुष्य और जानवर को गर्मी में अधिक प्यास लगती है वैसे ही पेड़-पौधों को भी गर्मी में अधिक प्यास लगती है। हालांकि, पौधों को कई जीवित चीजों की तुलना में अधिक पानी की आवश्यकता होती है, क्योंकि उनमें लगभग 90% पानी होता है, जिसमें से 80-95% तक पानी पौधों के प्रोटोप्लाज्म (Protoplasm) में उपस्थित होता है।

यदि पौधों को पर्याप्‍त पानी नहीं मिल पाता है तो वे सिकुड़ने लग जाते हैं, जो कि तब होता है जब कोशिकाओं में कम पानी के परिणामस्वरूप कोशिकाओं में उपस्थित टर्गर (Turgor) का दबाव कम होने लगता है। पानी पौधे के तने के माध्यम से उसकी पत्तियों में प्रवेश करता है। वैसे तो हम जान चुकें हैं कि पौधे अधिकतम पानी से ही बने होते हैं, लेकिन इसके अतिरिक्‍त उन्हें पानी निम्न गतिविधियों को करने के लिए भी चाहिए होता है।

अंकुरण :-
अंकुरण वो गतिविधि है जिसमें बीज का पौधे में रूपांतरण होता है। बीज के एंजाइमों (Enzymes) को सक्रिय करने के लिए पानी की आवश्यकता होती है जो अंकुरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करती है। अवशोषित पानी बीज को नरम बनाता है और बीज से पौधे को बाहर आने की मदद करता है।

प्रकाश संश्लेषण :-
पौधों को पानी की आवश्यकता सिर्फ खुद को मज़बूत बनाने के लिए नहीं होती है। इसे प्रकाश संश्लेषण के लिए भी पानी की अवश्यकता होती है। प्रकाश संश्लेषण पौधे के विकास के लिए प्रकाश ऊर्जा, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी के संयोजन से पौधे के लिए भोजन बनाता है।

पोषक स्थानांतरण :-
मिट्टी से पोषक तत्वों को जड़ों तक स्थानांतरित करने के लिए पानी एक आवश्यक संवाहक है। इसके बिना, मिट्टी के पोषक तत्वों को पौधों द्वारा अवशोषित नहीं किया जा सकता।

वाष्पोत्सर्जन :-
मिट्टी से जिस जल का अवशोषण पौधे करते हैं, उसके केवल थोड़े से अंश का ही पौधे के शरीर में उपयोग होता है, शेष जल को वे वाष्प के रूप में शरीर से बाहर निकाल देते हैं। जो उसे हवा से कार्बन डाइऑक्साइड का सेवन और ठंडा करने में मदद करता है।

यदि आप शुष्क जगह में सूखे मटर गेहूं के बीज को एक अनिश्चित काल तक एक पैकेट में रखते हैं तो इन परिस्थितियों में न तो मटर और न ही गेहूं के अनाज अंकुरित होंगे। वहीं यदि आप इन्हें मिट्टी में उगाते हैं तो ये अंकुरित हो जाएंगे, जिसकी प्रक्रिया को आप जान ही चुके हैं।

संदर्भ:
1.http://www.growinganything.com/why-do-plants-need-water.html
2.http://scienceline.ucsb.edu/getkey.php?key=3551



RECENT POST

  • क्यों मनाते है ‘गुड फ्राइडे’ (Good Friday)?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-04-2019 09:41 AM


  • तीन लोक का वास्तविक अर्थ
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     18-04-2019 12:24 PM


  • यिप्रेस (Ypres) के युद्ध में मेरठ सैन्य दल ने भी किया था सहयोग
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     17-04-2019 12:50 PM


  • मेरठ का खूबसूरत विवरण जॉन मरे के पुस्तक में
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     16-04-2019 04:10 PM


  • पतन की ओर बढ़ता सर्कस
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     15-04-2019 02:37 PM


  • 'अतुल्य भारत' की एक मनोरम झलक
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     14-04-2019 07:20 AM


  • रामायण और रामचरितमानस का तुलनात्मक विवरण
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-04-2019 07:30 AM


  • शहीद-ए-आज़म उद्धम सिंह का बदला
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-04-2019 07:00 AM


  • टेप का संक्षिप्‍त इतिहास
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     11-04-2019 07:05 AM


  • क्या तारेक्ष और ग्लोब एक समान हैं?
    पंछीयाँ

     10-04-2019 07:00 AM