Machine Translator

क्यों हुआ सेक्शन-497 गैर संवैधानिक?

मेरठ

 05-10-2018 02:08 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

हम अभी भी समाज की पुरुषवादी मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। अभी भी महिलाओं को ‘पतियों की संपत्ति’माना जाता है। परंतु ये सोच हमारी कानून-व्यवस्था में नज़र आये, ये बात आश्चर्य के साथ-साथ शर्मनाक भी है। क्या आप जानते हैं कि अडल्टरी (शादीशुदा लोगों का व्यभिचार) कानून एक ऐसा नारी विरोधी कानून था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट का ध्यान हाल ही में गया।

महिला और पुरुष के बीच विवाहेतर संबंध से जुड़ी भारतीय दंड संहिता (आई.पी.सी.) की धारा-497 को सुप्रीम कोर्ट ने गैर संवैधानिक करार दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों (मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम. खानविलकर, जस्टिस आर.एफ. नरीमन, जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा) की पीठ ने 27 सितंबर 2018 को एकमत से इस फैसले को सुनाया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस खानविलकर ने अपने फैसले में कहा कि अडल्टरी तलाक का आधार हो सकता है लेकिन यह अपराध नहीं माना जाएगा।

इस कानूनी धारा 497 के तहत कहा गया था कि यदि किसी शादीशुदा महिला के साथ कोई गैर पुरुष संबंध बनाता है, तो उस पुरुष के खिलाफ केस किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए ये जरूरी है कि शिकायत शादीशुदा महिला के पति की तरफ से किया जाए। लेकिन वो अपनी पत्नी के खिलाफ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। साथ ही इस मामले में शामिल पुरुष की पत्नी भी महिला के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं करवा सकती है। उस महिला को शिकायत का कोई अधिकार नहीं है, जिसके पति ने किसी और से संबंध बनाए।

हम कमियों को सुधारने, दूर करने के लिए कानून का सहारा लेते है, लेकिन जब किसी कानून में ही कमियों की भरमार हो, तो ऐसे कानून का दुरुपयोग होने लगता है। ये बात व्यभिचार कानून के साथ भी कुछ इसी तरह से लागू होती है। परंतु कैसे? आइए इसे समझते हैं:

1. शिकायत का अधिकार सिर्फ मर्द के पास
ये कानून कहता है कि कि अडल्टरी मामले के तहत सिर्फ पुरुष को शिकायत करने का अधिकार है, जिसकी पत्नी किसी और से संबंध बनाती है। लेकिन उस महिला को शिकायत का कोई अधिकार नहीं है, जिसके पति ने किसी और से संबंध बनाए। इसके साथ ही यह कानून संविधान के अनुच्छेद-15 ("राज्य किसी भी नागरिक के खिलाफ धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा।") के खिलाफ है। अगर किसी अपराध के लिए मर्द को केस दर्ज करने का अधिकार है, तो फिर महिला को क्यों नहीं?

2. अपराध पत्नी के खिलाफ, शिकायत का हक पति को
इस कानून के तहत महिला के पति को ऐसे संबंध से कोई आपत्ति नहीं है, तो महिला से संबंध बनाने वाले पुरुष के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती। लेकिन इस धारा की सबसे बड़ी विसंगति यह थी कि अगर उस शादीशुदा पुरुष की पत्नी यदि अपने पति या उस महिला के खिलाफ मामला दर्ज करवाना चाहे तो उसे ये अधिकार नहीं है। उस महिला की शिकायत के ऐसे में कोई मायने नहीं रखती। मतलब कानून इस भावना को उजागर करता है कि महिलाओं की भावनाओं पर 'मालिकाना' हक उसके पति के पास होता है।

3. समानता का सवाल
ये कानून एक ऐसी मानसिकता को मजबूत करता है, जो ये कहती है कि 'अपराधी सिर्फ पुरुष' हो सकते हैं और 'महिला सिर्फ शिकार'। क्योंकि इस कानून के तहत महिला के खिलाफ केस दर्ज नहीं होता, जिसने ऐसे संबंध बनाने के लिए सहमति दी। ये कानून संविधान के अनुच्छेद-14 यानी समानता की भावना के खिलाफ है। अगर किसी अपराध के लिए मर्द के खिलाफ केस दर्ज हो सकता है, तो फिर महिला के खिलाफ क्यों नहीं?

कोर्ट ने इस व्यभिचार कानून को पुरातन करार देते हुए कहा कि ये संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 15 का उल्लंघन करता है। इसलिये 158 साल पुराने व्यभिचार कानून को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। चीफ जस्टिस ने अपने फैसले में कहा कि पति अपनी पत्नी का मालिक नहीं हो सकता है। महिला से असमान बर्ताव असंवैधानिक है। अब समय आ गया है कि समाज यह माने कि एक महिला हर मामले में पुरुष के बराबर होती है। उन्हें भी समानता का अधिकार है। अतः इसी समानता की भावना को ध्यान में रखते हुए यह भी समझा जाये कि अपराधी सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिला भी हो सकती है।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Adultery_law_in_India
2.https://www.bbc.com/news/world-asia-india-45404927
3.https://qz.com/india/1404196/adultery-no-longer-crime-in-india-rules-supreme-court/
4.https://goo.gl/SbNgCa



RECENT POST

  • कैसे सम्बन्ध है मेरठ और संगीत के पटियाला घराने में
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     21-09-2019 12:23 PM


  • गंध और शहरीकरण के बीच संबंध
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     20-09-2019 12:14 PM


  • भारतीय खेल पच्चीसी और चौपड़ का इतिहास एवं नियम
    हथियार व खिलौने

     19-09-2019 11:59 AM


  • भारतीय स्वास्थ्य सेवा द्वारा एंटीबायोटिक प्रतिरोध से लड़ने की पहल
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     18-09-2019 11:08 AM


  • क्या सम्बन्ध है आगरा की शान, पेठा और ताजमहल में
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     17-09-2019 11:09 AM


  • क्या हैं अनुवांशिक बीमारियां और उनके कारण?
    डीएनए

     16-09-2019 01:35 PM


  • आखिर कौन हैं भारत के मेट्रोमेन (Metroman)
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     15-09-2019 02:27 PM


  • यमुना नहर से है आई.आई.टी. रुड़की का गहरा संबंध
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     14-09-2019 10:30 AM


  • मेरठ शहर और इसमें फव्वारों का इतिहास
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-09-2019 01:42 PM


  • क्या हैं मछलियों की आबादी में आ रही गिरावट के प्रमुख कारण
    मछलियाँ व उभयचर

     12-09-2019 10:30 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.