फर्जी विदेशी नौकरियों का प्रस्ताव दे कर वीज़ा शुल्क के नाम पर ठगी

मेरठ

 29-09-2018 04:22 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही देशान्तरण या माइग्रेशन (Migration) एक तरफ तो गरीबी, युद्ध, अपराध, राजनीतिक अस्थिरता और फसल की विफलता जैसे मुद्दों को प्राभावित करता है, वहीं दूसरी ओर बेहतर रोजगार के अवसर, राजनीतिक सुरक्षा, बेहतर सेवाओं के अवसर प्रदान करता है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओ.ई.सी.डी) द्वारा जारी किए गए नए आंकड़ों से पता चलता है कि ओ.ई.सी.डी से संबंधित समृद्ध देशों (अमीर देशों) में प्रवास करने वाले भारतीयों की संख्या सदी के अंत के बाद से दोगुनी हो गई है।

हाल ही में समृद्ध राष्ट्रों के समूह ओ.ई.सी.डी द्वारा प्रकाशित इंटरनेशनल माइग्रेशन आउटलुक (International Migration Outlook) 2018 से पता चलता है कि 2016 में ओ.ई.सी.डी. देशों में आने वाले लोगों के बीच भारतीय नागरिक विश्व स्तर पर चौथे स्थान पर रहे। चीन ने 5 लाख से अधिक प्रवासियों के साथ सूची में शीर्ष स्थान पाया है, इसके बाद रोमानिया और सीरिया हैं। 2016 में ओ.ई.सी.डी देशों में 2,71,503 प्रवासियों के साथ भारत चौथे स्थान पर रहा, जबकि 2000 में यह संख्या 1,13,082 थी।

प्रवासियों का एक हिस्सा है जो कमाई के मकसद से देश छोड़ता है। इसमें ज़्यादातर अकुशल मजदूर तथा कुशल इंजिनियर होते हैं जो सऊदी अरब या संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शहरों तथा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, लंडन और अमेरिका का रुख करते हैं। वहीं एक दूसरा बड़ा हिस्सा छात्रों का है जो शिक्षा के मकसद से अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में जाते हैं। प्रवासन नमूने के विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय पहले की तुलना में कहीं अधिक देशों में प्रवास करने लगे हैं। 2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय अमेरिका और ब्रिटेन में अधिक प्रवास करते थे परंतु 2016 तक आते-आते यह प्रतिशत घट गया है, तथा ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे देशों में भारत से प्रवास बढ़ गया है जिसे आप नीचे दिये गये आंकड़ो में देख सकते हैं।

भारतीयों के ओ.ई.सी.डी देशों में प्रवास के आंकड़े


जैसा कि हम आपको पहले भी बता चुके हैं कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, भारत में माइग्रेशन के साथ-साथ वीज़ा (VISA) घोटालों या वीज़ा फ्रॉड करने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। फर्जी वीज़ा के माध्यम से कई लोग विदेशों में नौकरी या विदेशी वीज़ा दिलाने के नाम पर मासूम लोगों को लूट रहे हैं। हाल ही में H-1B वीज़ा धोखाधड़ी मामले में अमेरिका में 'डाइवेंसी' और 'एज़ीइमेट्री' नामक दो कंपनियों के भारतीय मालिक को वीज़ा धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह फर्जी दस्तावेजों की मदद से 200 विदेशी नागरिकों को H-1B वीज़ा दिलाने के आरोपी हैं। उन्हें नौकरी दिलाये बगैर वीज़ा के बदले विदेशी कर्मचारियों से लगभग 5,000 डॉलर वसूलने के लिए आरोपी ठहराया गया है।

इसी प्रकार न्यूजीलैंड में फर्जी नौकरी का प्रस्ताव दे कर वीज़ा शुल्क के लिए धन का अनुरोध करने वाले भी कई मामले सामने आए हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग ने सोमवार 20 अगस्त को दिल्ली में वीज़ा घोटालों के मामलों में भारतीयों को चेतावनी दी थी, क्योंकि 50 से ज़्यादा लोगों को ऑस्ट्रेलियाई वीज़ा के नाम पर लाखों रुपये से ठगा गया था। वहीं कुछ पीड़ितों ने बाताया कि अनाधिकृत क्लिनिक में चिकित्सा जांच के लिए उन्होंने 50,000 रुपये का भुगतान भी किया है।

दुनिया भर में कैनेडियन प्रवासन अधिकारियों को प्रवासन घोटालों का सबसे ज़्यादा सामना करना पड़ता है। वीज़ा पाने के लिये कई लोग विवाहित होने का दावा करते हैं जो कि झूठ होता है। कई लोग तो नकली पासपोर्ट और जाली नौकरी के प्रस्तावों, या पत्रकार होने का नाटक करके वीज़ा पाने की कोशिश तक करते हैं।

आज ऐसे बहुत से मामले सामने आ रहे हैं जहां विदेशों में फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर वीज़ा शुल्क के रूप में लोगों से लाखों रुपये की ठगी की जा रही है और कई लोग तो जाली दस्तावेजों के माध्यम से वीज़ा पाने की कोशिश तक कर रहे हैं। इसलिये यदि आपको ऐसे प्रस्ताव आते हैं तो सतर्क रहिये, किसी भी चीज़ का भुकतान करने से पहले जिस कंपनी के लिए ऑफर है, पहले उसके बारे में कुछ शोध कर लें तथा प्रवासन वीज़ा आधिकारियों से जानकारी व परामर्श लें। जानकारी के लिये हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।

संदर्भ:
1.https://www.livemint.com/Politics/0b0oYL9rqcYYGwJPd96a1N/Indians-migrating-to-lesstravelled-shores-OECD.html
2.https://www.firstpost.com/long-reads/visualising-migration-which-countries-do-indians-migrate-to-and-who-migrates-to-india-3451884.html
3.https://www.thequint.com/news/india/australian-high-commission-warns-of-visa-scam-in-delhi
4.https://www.immigration.govt.nz/about-us/media-centre/news-notifications/job-offer-scams-common-in-india-and-south-asia
5.https://qz.com/india/1377844/h-1b-visa-fraud-indian-ceo-accused-of-duping-us-immigration/
6.https://economictimes.indiatimes.com/nri/visa-and-immigration/uk-launches-review-of-immigration-scandal-indians-may-be-hit/articleshow/64004223.cms

RECENT POST

  • मेरे देश की धरती है दुर्लभ पृथ्वी खनिजों का पांचवां सबसे बड़ा भंडार, फिर भी इनका आयात क्यों?
    खनिज

     23-05-2022 08:43 AM


  • जमीन पर सबसे तेजी से दौड़ने वाला जानवर है चीता
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:34 PM


  • महान गणितज्ञों के देश में, गणित में रूचि क्यों कम हो रही है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:18 AM


  • आध्यात्मिकता के आधार पर प्रकृति से संबंध बनाने की संभावना देती है, बायोडायनामिक कृषि
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:02 AM


  • हरियाली की कमी और बढ़ते कांक्रीटीकरण से एकदम बढ़ जाता है, शहरों का तापमान
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:45 AM


  • खेती से भी पुराना है, मिट्टी के बर्तनों का इतिहास, कलात्मक अभिव्यक्ति का भी रहा यह साधन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:46 AM


  • भगवान गौतम बुद्ध के जन्म से सम्बंधित जातक कथाएं सिखाती हैं बौद्ध साहित्य के सिद्धांत
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:49 AM


  • हमारे बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक देश में शैक्षिक जगत से विलुप्‍त होता भाषा अध्‍ययन के प्रति रूझान
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:06 AM


  • अपघटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, दीमक
    व्यवहारिक

     15-05-2022 03:31 PM


  • भोजन का स्थायी, प्रोटीन युक्त व् किफायती स्रोत हैं कीड़े, कम कार्बन पदचिह्न, भविष्य का है यह भोजन?
    तितलियाँ व कीड़े

     14-05-2022 10:11 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id