Machine Translator

गणेश चतुर्थी व गणेश विसर्जन का असल भाव

मेरठ

 23-09-2018 12:11 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला एक बड़ा त्यौहार है। इस त्यौहार को हिन्दू धर्म के लोग गणेश जी के जन्म का समारोह मानते हैं। यह त्यौहार कुल 10 दिन तक मनाया जाता है और इसकी शुरुआत भाद्रपद माह के चौथे दिन से की जाती है। इस त्यौहार में गणेश जी की मूर्तियाँ घरों, पंडालों एवं मंदिरों में स्थापित की जाती हैं और गणपति उपनिषद् का पाठ भी किया जाता है। मोदक लड्डू को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। गणेश चतुर्थी शुरू होने के दसवें दिन गणेश जी की मूर्तियों को नदियों में विसर्जित कर दिया जाता है।

गणेश चतुर्थी सबसे धूम धाम से महाराष्ट्रा में मनाई जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि यह त्यौहार थाईलैंड, नेपाल, कंबोडिया, इंडोनेशिया, अफ़ग़ानिस्तान व चीन में भी मनाया जाता है। इस त्यौहार की शुरुआत कब से हुई, यह तो अब तक स्पष्ट नहीं है। लेकिन इस त्यौहार को सार्वजनिक रूप से मनाये जाने की प्रथा छत्रपति शिवाजी के समय से है। अंग्रेज़ी शासन के समय भारतियों को किसी भी सामाजिक या राजनीतिक मुद्दे के लिए एकत्रित होने की अनुमति नहीं थी। उस समय लोकमान्य तिलक ने इस पर रौशनी डालने का और इसे फिर से उजागर करने का निर्णय लिया। साथ ही इसके ज़रिये वे राजनीतिक सक्रियता, नाटकों, सनीत कार्यक्रम और लोक नृत्य आदि को भी बढ़ावा देते थे। उन्होंने इस त्यौहार को सार्वजनिक तौर से मनाये जाने में एक अहम भूमिका निभाई।

सन 2004 में मद्रास उच्च न्यायलय ने गणेश जी की मूर्तियों को नदियों में विसर्जित करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया। इसका कारण मूर्तियों में पाए जाने वाले हानिकारक रसायन थे, जो कि नदियों के पानी को प्रदूषित करते हैं। इसी कारण गणेश विसर्जन के दौरान विसर्जित किये जाने वाली मूर्तियाँ अब परम्परागत चिकनी मिट्टी से बनायीं जाने लगी हैं।

गणेश विसर्जन का त्यौहार एक तरीके से हमें संसार के नियमों और जन्म-मरण के चक्र का ज्ञान भी देता है। जैसे बप्पा की मूर्ती मिट्टी से बनाई जाती है और अपने 10 दिन की आयु पूर्ण कर वह फिर उसी मिट्टी में मिल जाती है, ठीक वैसा ही भाग्य मनुष्यों समेत सभी जीवित प्राणियों का भी है। क्योंकि जीवन क्षणिक होता है और एक बार जब आत्मा हमारे शरीर से निकलती है, तो हमारा भौतिक रूप तब नष्ट होकर प्राकृतिक तत्वों में मिल जाता है और बाद के जीवन चक्र में किसी अन्य शरीर में पुनर्निर्मित होता है।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Ganesh_Chaturthi
2.https://www.indiatoday.in/who-is-what-is/story/what-is-ganesh-chaturthi-why-is-it-celebrated-263324-2015-09-16



RECENT POST

  • क्या हम अपने जीवन में करते हैं उपयोगितावाद का अनुसरण?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     12-12-2019 10:23 AM


  • विभिन्न देशों में भ्रष्टाचार के स्तर को मापता है भ्रष्टाचार बोध सूचंकाक
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     11-12-2019 11:29 AM


  • जानवरों के उपयोग पर लगे प्रतिबंध से बदल गए सर्कस
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     10-12-2019 12:49 PM


  • विलुप्त होने की स्थिति में है दुर्लभ समुद्री रेशम
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     09-12-2019 12:55 PM


  • विलुप्त हो रही है, कठपुतलियों की कला
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     08-12-2019 12:23 PM


  • क्या है जलवायु और भू-राजनीति और क्यों है जलवायु निति में बदलाव की आवश्यकता?
    जलवायु व ऋतु

     07-12-2019 11:32 AM


  • मृदा स्वस्थ्य कार्ड से जानी जा सकती है मिट्टी की गुणवत्ता
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-12-2019 12:03 PM


  • क्या है, निजी और सार्वजनिक इक्विटी?
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     05-12-2019 01:55 PM


  • बहुमुखी गुणों से भरपूर है महुआ के फल, फूल, पत्तियां
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     04-12-2019 11:37 AM


  • प्राकृतिक गैस के उपयोग से भारत को हो सकता है आर्थिक लाभ
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     03-12-2019 12:32 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.