मक्‍के का भी इस्तेमाल हो सकता है औषधि के रूप में

मेरठ

 17-09-2018 02:47 PM
व्यवहारिक

‘मक्‍के दी रोटी और सरसों दा साग’ पंजाब में काफी प्रसिद्ध है। यह मक्‍का मात्र स्‍वाद में ही नहीं वरन् स्‍वास्‍थ्‍य लाभ की दृष्टि से भी अत्‍यंत उपयोगी है। मोटे अनाज के रूप में मक्‍के (रोटी, पोपकॉर्न, भुट्टा, उबले हुए मक्‍के के रस) का उपभोग लगभग संपूर्ण भारत में किया जाता है। चलिए जानें इसके प्रमुख स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में।

मकई के स्वास्थ्य लाभ-

1. भुट्टे में पाए जाने वाले फ़ास्फ़रोस (Phosphorous), मैग्नीशियम (Magnesium), मैंगनीज (Manganese), जिंक (Zinc), आयरन (Iron), कॉपर (Copper) आदि शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

2. यह कम रक्तचाप की समस्या और मधुमेह जैसी बीमारी से रोकथाम के लिए भी प्रयोग किया जाता है।

3. यह गर्भवती महिलाओं के लिए भी अत्यंत लाभदायक है, इसलिये गर्भवती महिलाओं को इसे अपने आहार में ज़रुर शामिल करना चाहिये। इसमें फोलिक एसिड (Folic Acid) पाया जाता है, जिसकी कमी से होने वाला बच्चा कम वजन का हो सकता है और कई अन्य बीमारियों से पीड़ित भी।

4. इसका प्रयोग वज़न बढ़ाने के लिए भी किया जाता है क्योंकि 100 ग्राम मकई में लगभग 342 कैलोरी पाई जाती हैं|

5. कॉर्नेल विश्वविद्यालय में किए गए अध्ययनों के अनुसार, मकई एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) का एक समृद्ध स्रोत है जो कैंसर पैदा करने वाले मुक्त कणों से लड़ता है। बैंगनी मक्का में पाए जाने वाले एंथोसायनिन (Anthocyanin), कैंसर पैदा करने वाले मुक्त कणों के शिकारी के रूप में कार्य करते हैं।

6. मकई विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया को रोकने में मदद करता है। 7. पीला मक्का बीटा कैरोटीन (Beta-Carotene) का एक समृद्ध स्रोत है, जो शरीर में विटामिन ए (Vitamin A) बनाता है और अच्छी दृष्टि और त्वचा के रखरखाव के लिए आवश्यक है।

इसको विभिन्न भाषाओं में विभिन्न नामों से जाना जाता है:

तेलुगु – मोक्‍का जान्ना
तमिल – मक्‍का चोलम
मलयालम – चोलम
कन्‍नड़ – मेक्केजोला
गुजराती – मक्‍करी
मराठी – मका
बंगाली – जानर
असमी – गोम्धन
उड़िया – बूटा
संस्कृत – यावानाला
सिन्धी – मकई

मकई में फैटी एसिड की बड़ी मात्रा होती है, इसलिए उन लोगों के लिए इसका अधिक सेवन काफी खतरनाक साबित हो सकता है जो पहले से ही हृदय रोगों से ग्रस्त हैं। यह ज्यादा मोटापे का कारण भी बन सकता है, इसलिए इसका कम मात्रा में उपयोग किजिए। साथ ही इसका ज्यादा सेवन आपके रक्त शर्करा के स्तर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसलिए इसका उचित मात्रा में उपयोग ही लाभदायक होता है।

संदर्भ:
1. अंग्रेज़ी पुस्तक: Kurian, J. C. (1995) Plants that Heal, Oriental Watchman Publishing House
2. https://www.botanical-online.com/english/maize_medicinal_properties.htm
3. https://www.organicfacts.net/health-benefits/cereal/health-benefits-of-corn.html

RECENT POST

  • भारत में हमें इलेक्ट्रिक ट्रक कब दिखाई देंगे?
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-05-2022 09:23 AM


  • हिन्द महासागर के हरे-भरे मॉरीशस द्वीप में हुआ भारतीय व्यंजनों का महत्वपूर्ण प्रभाव
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:28 AM


  • देखते ही देखते विलुप्त हो गए हैं, मेरठ शहर के जल निकाय
    नदियाँ

     25-05-2022 08:12 AM


  • कवक बुद्धि व जागरूकता के साक्ष्य, अल्पकालिक स्मृति, सीखने, निर्णय लेने में हैं सक्षम
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:35 AM


  • मेरे देश की धरती है दुर्लभ पृथ्वी खनिजों का पांचवां सबसे बड़ा भंडार, फिर भी इनका आयात क्यों?
    खनिज

     23-05-2022 08:43 AM


  • जमीन पर सबसे तेजी से दौड़ने वाला जानवर है चीता
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:34 PM


  • महान गणितज्ञों के देश में, गणित में रूचि क्यों कम हो रही है?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:18 AM


  • आध्यात्मिकता के आधार पर प्रकृति से संबंध बनाने की संभावना देती है, बायोडायनामिक कृषि
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:02 AM


  • हरियाली की कमी और बढ़ते कांक्रीटीकरण से एकदम बढ़ जाता है, शहरों का तापमान
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:45 AM


  • खेती से भी पुराना है, मिट्टी के बर्तनों का इतिहास, कलात्मक अभिव्यक्ति का भी रहा यह साधन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:46 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id