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मेरठ में अपना हवाई अड्डा अभी तक क्यों नहीं ?

मेरठ

 30-08-2018 02:34 PM
य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था पर यातायात के साधनों से बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है, यातायात के चार प्रकार हैं सड़क यातायात, रेल यातायात, जल यातायात और वायु यातायात। चलो जानें वायु यातायात के आर्थिक फायदे। किसी भी हवाई अड्डे का निर्माण उसके आसपास के शहरों की काया पलट देता है - जैसे उसके आसपास के क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि, स्कूलों, अस्पतालों, शॉपिंग मॉल इत्यादि का निर्माण तीव्रता से होता है। मौजूदा समय में भारत में कई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के नवम्बर 2016 में जारी डाटा के अनुसार भारत में कुल मिलाकर 486 हवाई अड्डे, हवाई जहाज़, उड़ान स्कूल और सैन्य अड्डे शामिल हैं। जिनमें से 34 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं।

ऐसा माना जाता है कि हवाई अड्डे का निर्माण केवल महानगरों जो आर्थिक रूप से समृद्ध होते हैं वहीं किया जाता है। एक शहर में हवाई अड्डे का होना या ना होना उस शहर की जनसंख्या के आकार और आर्थिक उत्पादन पर निर्भर करता है। दूसरे शब्दों कहा जाये तो बड़े, धनी और अधिक रचनात्मक महानगरों में हवाई अड्डों के होने की संभावना अधिक होती है। यदि यह धारणा सही है तो प्रश्न ये उठता है कि आर्थिक रूप से समृद्ध मेरठ में अभी तक हवाई अड्डे क्यों नही हैं। मेरठ ने राजस्व उत्पादन के मामले में अच्छी संख्या दिखायी है, 2005-06 में, मेरठ द्वारा 10,306 करोड़ रुपये का योगदान दे कर पांचवें स्थान पर कब्जा कर लिया। वहीं 2006-07 में, राजस्व संग्रह 11,203 करोड़ रुपये के लक्ष्य से 18 % कम होकर छठे स्थान पर आ गया, और आयकर विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक, मेरठ ने 2007-08 में राष्ट्रीय खजाने के लिए 10,089 करोड़ रुपये का योगदान दिया, कुल मिलाकर यह लखनऊ, जयपुर, भोपाल, कोच्चि और भुवनेश्वर के साथ 9वें स्थान पर रहा है।

मेरठ में हवाई अड्डे की मांग बहुत पुरानी है। क्या मेरठ में हवाई अड्डा होना चाहिए? इस संबंध में प्रयास किये जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ में हवाई अड्डे के विकास के लिए फरवरी 2014 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ एक ज्ञापन समझौते पर हस्ताक्षर किए है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने शुरुआत में मेरठ में परतापुर हवाई पट्टी (बी. आर. अम्बेडकर हवाई अड्डा) का निर्माण किया है यह 80 मीटर चौड़ी और 1800 मीटर लंबी है और 47 एकड़ में फैली हुई है। इसका उपयोग अभी क्षेत्रीय उड़ानों के लिए किया जाता है। यह बात अलग है कि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से तैयार नहीं है परंतु यह तो तय है कि मेरठ से हवाई उड़ान निश्चित है।

संदर्भ:

1.https://www.citylab.com/transportation/2012/05/airports-and-wealth-cities/855/
2.https://www.ozy.com/fast-forward/will-the-cities-of-the-future-be-giant-airports/77068
3.https://timesofindia.indiatimes.com/india/Meerut-9th-in-top-10-tax-paying-cities/articleshow/3182693.cms
4.https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_airports_in_India
5.https://www.usatoday.com/story/travel/flights/2016/03/30/airport-workers-employees/82385558/
6.https://en.wikipedia.org/wiki/Meerut_Airport



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