Machine Translator

कैरम की उत्पत्ति एवं लोकप्रियता

मेरठ

 20-08-2018 01:13 PM
हथियार व खिलौने

आप लोगों को शायद अभी तक यही लगता होगा कि कबड्डी या खो-खो की तरह ही कैरम भारतीय उप महाद्वीप में ही खेले जाने वाला एक खेल है, तो आप बिलकुल गलत हैं। कैरम पूरे दक्षिण पूर्वी एशिया (भारत, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, जापान, मलेशिया और इंडोनेशिया) में फैला हुआ है तथा इन देशों में कैरम कैफे(Cafe) भी हैं और वे नियमित रूप से कैरम प्रतियोगिताओं को आयोजित करते हैं। यह बहुत प्रचलित खेल है। गोटियों का रोचक खेल बच्चे तो बच्चे, जवान और बूढ़े, हर आयु वर्ग के लिए वक्त बिताने का भी अच्छा जरिया है।

कैरम कुछ-कुछ बिलियर्ड्स(Billiards) या स्नूकर(Snooker) के समान है, लेकिन यह गेंद और छड़ी से नहीं खेला जाता है। यह प्लाईवुड का एक चौकोर बोर्ड होता है और इस बोर्ड के चारों ओर चार छेद होते हैं। इसे दो, तीन या चार खिलाड़ी खेल सकते हैं। इसमें नौ-नौ काली और सफेद गोटियाँ तथा एक लाल रंग की गोटी (रानी) होती है। एक स्ट्राइकर होता है जिससे माध्यम से खिलाड़ी को इन चारों छेदों में ही गोटियां डालनी होती हैं।

कई आधुनिक खेलों की तरह ही, कैरम की सटीक उत्पत्ति अज्ञात है, ऐसा माना जाता है कि यह 18 वीं शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप में उद्भूत हुआ था। कई लोगों का यह मानना है कि यह महाराजाओं के द्वारा रुपांकित किया गया था, इसका साक्ष्य पटियाला के महलों में स्थित एक सुंदर ग्लास टॉप में मिलता है। इसकी कई अंतराष्ट्रीय और राष्ट्रीय चैंपियनशिप भी खेली जा चुकी हैं। वर्ष 1988 में अंतरराष्ट्रीय कैरम महासंघ कि स्थापना चेन्नई, भारत में हुई। इसी वर्ष इस खेल के औपचारिक नियमों को प्रकाशित किया गया और यह धीरे धीरे अन्य देशों में लोकप्रिय होता हुआ, पूरी दुनिया में फैल गया।

ऑल इंडिया कैरम फेडरेशन (एआईसीएफ) का गठन 4 मार्च 1956 को चेन्नई में मद्रास, सौराष्ट्र, बॉम्बे, दिल्ली, मध्य प्रदेश और हैदराबाद के साथ संबद्ध इकाइयों के रूप में हुआ था।फेडरेशन को भारत सरकार / खेल परिषद द्वारा 26 अक्टूबर 1970 को मान्यता मिली थी और सरकार से राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए नियमित अनुदान सहायता भी प्राप्त हुई। भारत सरकार ने फेडरेशन के सहायक सचिव पद की मंजूरी भी उसी वक़्त मंज़ूर की। भारतीय ओलंपिक संघ ने अक्टूबर 1997 के दौरान फेडरेशन को मान्यता दी।

यहां तक कि भारत में बॉलिवुड भी कैरम की प्रसिद्धि से आछुता नही रहा है। 'स्ट्राइकर', 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' जैसी फिल्मों में जाने -माने कलाकारों को कैरम खेलते दिखाया गया है। मुन्ना भाई एमबीबीएस में तो दिखाया गया है कि कैरम एक बुजुर्ग (जो एक बीमारी से परेशान है) को बिस्तर से उठने की ताकत देता है। फिल्म में इस बुजुर्ग का किरदार बहुत अहम रहा है।

अतः यह रोचक खेल भी अन्‍य खेलों की भांति ही लोगों के मध्‍य काफी प्रसिद्ध‍ि पा चुका है। इसकी एक सबसे बड़ी खासियत है, कि यह समूह में खेला जाता है तथा आज के समय में स्‍वकेंद्रित होती दुनिया में भी लोगों के मध्‍य पारस्पिरिक संबंधों को बढ़ाता है।

संदर्भ:

1.http://www.indiancarrom.co.in/national-champions/
2.http://visionlaunch.com/who-invented-the-carrom-board/
3.http://www.carrom.org/game/?subcat=10
4.https://en.wikipedia.org/wiki/Carrom
5. http://www.indiancarrom.co.in/overview-federation/



RECENT POST

  • कैसे बना सकते है, घर में ही गुड़हल की बोन्साई
    बागवानी के पौधे (बागान)

     16-02-2020 10:04 AM


  • मौसम परिवर्तन को प्रभावित करती हैं कॉस्मिक किरणें (Cosmic Rays)
    जलवायु व ऋतु

     15-02-2020 01:30 PM


  • कैसे हुई प्रेम के प्रतीक के रूप में दिल की विचारधारा की उत्पत्ति
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     14-02-2020 04:11 AM


  • आखिर साइबर क्राइम (Cyber Crime) है क्या और इससे कैसे बचे ?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     13-02-2020 02:30 PM


  • कैसे किया जा सकता है, मेरठ में भी वृक्ष प्रत्यारोपण?
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     12-02-2020 02:00 PM


  • बौद्ध धर्म ग्रंथों से मिलता है परलोक सिद्धांत का वर्णन
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     11-02-2020 01:45 PM


  • हड़प्पा सभ्यता के समकालीन थी गेरू रंग के बर्तनों की संस्कृति
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     10-02-2020 01:00 PM


  • कैसा होता है जापानी बुंराकू कठपुतली का खेल
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     09-02-2020 05:13 AM


  • भगवान विष्णु की सवारी गरुण है विलुप्त होने की कगार पर
    पंछीयाँ

     08-02-2020 06:50 AM


  • फसलों के भारी नुकसान का कारण बनते हैं टिड्डे
    तितलियाँ व कीड़े

     07-02-2020 09:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.