विश्व के विभिन्न देशों की हैं विभिन्न शिक्षा प्रणाली

मेरठ

 07-08-2018 02:22 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

किसी देश का विकास और उसका भविष्‍य वहां की शिक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है, क्योंकि देश की उन्नति तथा अर्थव्यवस्था को सुचारू से चलाने के लिए प्रत्‍येक नागरिक ज़िम्मेदार होता है। सभी देशों की अपनी शिक्षा प्रणाली होती है किंतु यह कहना मुश्किल है कि कौन सी प्रणाली बेहतर है क्‍योंकि प्रत्‍येक के अपने फायदे और कमियां होती हैं। यदि किसी भी देश की शिक्षा प्रणाली की तुलना अन्‍य देश से करते हैं, तो वहां अवश्‍य ही कुछ समानताएं और कुछ भिन्‍ताएं देखने को मिलेंगी।

भारत की शिक्षा प्रणाली पाश्चात्य -- अर्थात औपनिवेशिक काल की शिक्षा प्रणाली से ली गयी है। आधुनिक युग की भारतीय शिक्षा में हाल में विभिन्न परिवर्तन देखे जा हैं, जैसे ई-लर्निंग (E-learning) व पाठ्यक्रम में परिवर्तन। भारत में शैक्षिक विभाजन व्यापक रूप से निम्नलिखित श्रेणियों में किया गया है: पूर्व प्राथमिक, प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, स्नातक, एवं स्नातकोत्तर है, तथा यहाँ 10+2+3 पैटर्न का अनुसरण होता है। इसमें और अन्य देशों में साधारणत: अंतर है।

अमरीका तीन स्तर पैटर्न का पालन करता है: प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च विद्यालय, और उसके बाद कॉलेज। जर्मनी में शैक्षिक विभाजन के मुख्य चरण प्री-स्कूल, प्राथमिक स्तर, और माध्यमिक स्तर की शिक्षा हैं, तथा युनाइटेड किंग्डम अथवा यू के (UK) में शैक्षिक विभाजन चार मुख्य भागों: प्राथमिक, माध्यमिक, भावी शिक्षा और उच्च शिक्षा में किया गया है।

भारत की शिक्षा प्रणाली इन देशों की शिक्षा प्रणाली से काफ़ी बिन्दुओं पर भिन्न है। भारतीय शिक्षा सिध्दांतो पर अधिक केंद्रित है, और यहाँ का शैक्षिक मानक ऊंचा है। इसके विपरीत, विदेशों में, वे व्यावहारिक कौशल पर अधिक ध्यान देते हैं। जर्मनी में खासकर, व्यापक शिक्षा एवं व्यक्तिगत कौशल योग्यता पर अधिक ध्यान दिया जाता है। अमरीका में सार्वजनिक या ‘पब्लिक’ सस्कूलों को बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ अच्छी तरह से बनवाया जाता है, और आधारिक संरचना अच्छे से अनुरक्षित है, परन्तु भारत के अधिकांश सरकारी स्कूल की स्थिति खराब बनी हुई है। भारत में हर स्तर को पार करने के लिए बच्चों का इम्तेहान देना होता है, और अमरीका में छोटे क्लासों में परीक्षा नहीं होती; परन्तु इस हिसाब से, हर स्तर पर पूर्व क्लास से क्रमश: प्रगति है।

अतः विभिन्‍न शिक्षा प्राणालियों का विश्‍लेषण करके हम इस निश्‍कर्ष पर पहुंचते हैं कि हम उन शिक्षा प्रणालियों की विशेषताओं को एकत्रित कर अपनी शिक्षा प्रणाली में कुछ परिवर्तन लाने तथा आधुनिकता के साथ जोड़ने पर चर्चा कर सकते हैं।

संदर्भ:
1.चित्र: Designed by Freepik
2.http://www.hometuitionbangalore.com/blogs/difference-between-indian-and-us-education-system
3.http://pezzottaitejournals.net/pezzottaite/images/ISSUES/V4N3/IJASMPV4N304.pdf
4.http://www.studyin-uk.in/uk-study-info/uk-india-education-systems/
5.https://www.quora.com/What-is-the-difference-between-studying-in-India-and-studying-in-any-other-place-like-the-US-UK-Australia



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