एक अनोखी विदेशी टोपी

मेरठ

 02-08-2018 02:14 PM
स्पर्शः रचना व कपड़े

टोपी पहनने का प्रचलन कब, कहां और कैसे प्रारंभ हुआ इसका हमारे पास कोई लिखित प्रमाण तो नहीं है किंतु मिस्र से प्राप्‍त लगभग 3200 ईस्‍वी पूर्व की तस्‍वीरों में टोपी का प्रयोग दर्शाया गया है। मध्‍यकाल में टोपी का उपयोग विश्‍व स्‍तर पर, खास कर ग्रेट ब्रिटेन, दक्षिण अमेरिका, भारत आदि में अपने चरम पर था। टोपी शाही घरानों और उच्‍च पदों का प्रतीक बन चुकी थी। पुरूष ही नहीं वरन शाही घरानों की महिलाएं अपनी टोपियों पर विभिन्‍न प्रकार के डिज़ाइन (Design) बनवाकर पहनती थीं। मध्‍यकाल में टोपियों के विभिन्‍न स्‍वरूप उभरकर सामने आये। इनका उपयोग मात्र शोभा बढ़ाने के लिए ही नहीं वरन सुरक्षा की दृष्टि से भी किया गया, जिनमें से एक है ‘पिथ हेलमेट’ (Pith Helmet)। तो चलिए जानें थोड़ा इसके बारे में।

शुष्‍क और आर्द्र मौसम से बचाने वाले इस पिथ हेलमेट का प्रयोग प्रमुखतः औपनिवेशिक काल के दौरान प्रारंभ हुआ। इसका निर्माण इस प्रकार से किया गया कि यह कड़ी धूप में भी मनुष्‍यों के सिर को ठंडा रख सके। यह शीर्ष से गोल और ऊंचा था जिससे सिर और टोपी के मध्‍य एक रिक्‍त स्‍थान बना रहता था। साथ ही इसके शीर्ष पर एक छिद्र बनाया गया जहां से सिर की गर्मी बाहर तथा बाहर की ठंडी हवा अंदर तक आ सके। इसकी घेरेदार ढलान चेहरे को धूप और पानी से भी बचाती थी। यह एक सख्त-खोल और चौड़ी ढलान वाला हेलमेट था जो ‘सोला’ नाम के पौधे से निकले ‘पिथ’ (लकड़ी का नर्म अंदरूनी भाग) से बनाया गया था, इस कारण इसे ‘सोला टोपी भी कहा जाता है।

पिथ हेलमेट का सर्वप्रथम उपयोग स्पेन की सेना द्वारा किया गया। बाद में फ्रांस की सेना द्वारा भी इसे धारण कर लिया गया तथा धीरे-धीरे यह औपनिवेशिक काल का प्रतीक बन गया। इसका दो रंगों में उत्‍पादन होने ल,गा सफेद रंग की टोपी को साधारण या औपचारिक समारोह पर महिलाओं एवं पुरूषों द्वारा पहना जाता था तथा खाकी टोपियां सैन्‍य गतिविधियों के दौरान सेना द्वारा पहनी गईं। किंतु आधुनिक युग तक आते-आते इसकी उपयोगिता घट गयी।

मेरठ में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कैंटोनमेंट होने के कारण यह कहना मुश्किल नहीं है कि यहाँ भी इस हेलमेट का बड़ी मात्रा में प्रयोग हुआ होगा। पिछ्ले कुछ वर्षों में पिथ हेलमेट ने अपनी प्रारंभिक खूबियों के साथ पुनः वर्तमान समाज में प्रवेश कर लिया है। आज इसका उपयोग बागवानी, लंबी पैदल यात्रा, सफारी और अन्य बाहरी गतिविधियों के दौरान किया जा रहा है।

संदर्भ:
1. http://www.historyofhats.net/hat-history/who-invented-hats/
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Pith_helmet
3. http://www.throughouthistory.com/?p=3153
4. http://www.britain-magazine.com/features/history-of-hats/



RECENT POST

  • लिडियन नाधास्वरम (Lydian Nadhaswaram) के हुनर को सलाम
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     21-04-2019 07:00 AM


  • अपरिचित है मेरठ की भोला बियर की कहानी
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     20-04-2019 09:00 AM


  • क्यों मनाते है ‘गुड फ्राइडे’ (Good Friday)?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-04-2019 09:41 AM


  • तीन लोक का वास्तविक अर्थ
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     18-04-2019 12:24 PM


  • यिप्रेस (Ypres) के युद्ध में मेरठ सैन्य दल ने भी किया था सहयोग
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     17-04-2019 12:50 PM


  • मेरठ का खूबसूरत विवरण जॉन मरे के पुस्तक में
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     16-04-2019 04:10 PM


  • पतन की ओर बढ़ता सर्कस
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     15-04-2019 02:37 PM


  • 'अतुल्य भारत' की एक मनोरम झलक
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     14-04-2019 07:20 AM


  • रामायण और रामचरितमानस का तुलनात्मक विवरण
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-04-2019 07:30 AM


  • शहीद-ए-आज़म उद्धम सिंह का बदला
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-04-2019 07:00 AM