1770 का नक्शा जिसमें चिह्नित है हमारा मेरठ

मेरठ

 30-06-2018 03:34 PM
मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

हमारे मेरठ की 1857 की क्रांति के बारे में कौन नहीं जानता। करीब डेढ़ सौ साल पहले हुई इस घटना पर आज भी हम मेरठवासी गर्व करते हैं। इतिहास वास्तव में एक स्थान के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। हमें और किसी स्थान के बारे में पता हो या न हो लेकिन वह स्थान जहाँ हम अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण साल गुज़ारते हैं, उसके अतीत के बारे में हमें अवश्य ही जानकारी होनी चाहिए। तो चलिए आज बात करते हैं मेरठ के भौगोलिक इतिहास के बारे में।

आज हम आपके सामने एक नायाब नक्शा पेश करने जा रहे हैं। चित्र में दिखाया गया नक्शा बनाया गया था सन 1770 में। इसके रचयिता थे फ़्रांसीसी कर्नल जीन-बैप्टिस्ट-जोसफ-जेंटील। कर्नल जेंटील ने भारत में काफी समय बिताया था। प्रस्तुत नक्शा एक 21 नक्शों के समूह में से एक है जो उन्होंने फैज़ाबाद में रहते हुए 1770 में बनाये थे। सभी नक्शे आधारित थे अबुल फज़ल द्वारा बादशाह अकबर के लिए बनाये गए ऐन-ए-अकबरी पर जिनका अध्ययन कर्नल जेंटील ने अवध में रहते हुए किया था। साथ ही उन्होंने डी एंविल द्वारा बनाये गए नक्शों की भी मदद ली थी। 18वीं शताब्दी के नक्शों में से किसी नक्शे में इतने स्थानों का नाम मौजूद नहीं था जितना कि कर्नल जेंटील के नक्शों में था। ऐसा कहा जाता है कि भौगोलिक दृष्टि से ये नक्शे इतने सटीक नहीं थे क्योंकि उस समय विश्व के बहुत कम स्थानों का सर्वेक्षण हुआ था। उस समय के भारत के ज़्यादातर नक्शे कही-सुनी-लिखी-पढ़ी बातों पर ही आधारित होते थे।

नक्शे में हम मेरठ को साफ़-साफ़ देख सकते हैं। इसे बिलकुल दिल्ली के उत्तर में चिह्नित किया गया है। यह भी देखा जा सकता है कि उस समय अंग्रेज़ी में मेरठ का नाम आज से भिन्न तरीके से लिखा जाता था। नक्शे की बायीं और दायीं ओर ऊपर और नीचे कुछ फ़्रांसीसी लिखावट और कुछ चिह्न हमें दिखते हैं। ऊपरी बाएं भाग में लिखा है ‘मुग़ल साम्राज्य की प्रतिष्ठा’, और दायें भाग में लिखा है ‘संगीत के वाद्य यंत्र’, निचले दायें भाग में कुछ चिह्न हैं जो सिर्फ सम्राट के पद के लिए हैं जैसे सम्राट की गद्दी, उनके आभूषण और उनके नौकर। निचले बाएं भाग में दिए गए चित्र एक हिन्दू मंदिर और हिन्दू देवी-देवताओं को दिखाते हैं।

संदर्भ-

1. मैप्स ऑफ़ मुग़ल इंडिया – सूसन गोल



RECENT POST

  • मेरठवासियों के लिए सिर्फ 170 किमी दूर हिल स्टेशन
    पर्वत, चोटी व पठार

     18-12-2018 11:58 AM


  • लुप्त होने के मार्ग पर है बुनाई और क्रोशिया की कला
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     17-12-2018 01:59 PM


  • दुनिया का सबसे ठंडा निवास क्षेत्र, ओयम्याकोन
    जलवायु व ऋतु

     16-12-2018 10:00 AM


  • 1857 की क्रांति में मेरठ व बागपत के आम नागरिकों का योगदान
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     15-12-2018 02:10 PM


  • मिठास की रानी चीनी का इतिहास
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     14-12-2018 12:12 PM


  • वृक्षों का एक लघु स्वरूप 'बोन्साई '
    शारीरिक

     13-12-2018 04:00 PM


  • निरर्थक नहीं वरन् पर्यावरण का अभिन्‍न अंग है काई
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     12-12-2018 01:24 PM


  • विज्ञान का एक अद्वितीय स्‍वरूप जैव प्रौद्योगिकी
    डीएनए

     11-12-2018 01:09 PM


  • पौधों के नहीं बल्कि मानव के ज़्यादा करीब हैं मशरूम
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     10-12-2018 01:18 PM


  • रेडियो का आविष्कार और समय के साथ उसका सफ़र
    संचार एवं संचार यन्त्र

     09-12-2018 10:00 PM