वर्तमान मेरठ में पुनर्चक्रण की ज़रूरत

मेरठ

 06-06-2018 12:01 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

मेरठ एक औद्योगिक क्रांति का शहर है। यहाँ पर छोटे कुटीर उद्योगों से लेकर बड़े स्तर के उद्योगों की उपलब्धता है। उद्योगों की ही उपलब्धता के कारण यह शहर औद्योगिक क्रांति के शहर के रूप में जाना जाता है। उद्योगों से बड़े पैमाने पर कबाड़ व अन्य सामान भी निकलता है जिसका प्रयोग विभिन्न छोटे स्तर के कुटीर उद्योग करते हैं। इन्हीं उद्योगों में से मेरठ की कैंची का भी उद्योग शामिल है जिसका निर्माण विभिन्न लोहे आदि के कबाड़ का पुनर्चक्रण कर के किया जाता है।

मेरठ में इन कबाड़ों और कचरों की समस्या अत्यंत खतरनाक आकार ले चुकी है। कारण कि ये सामान विभिन्न प्रकार की समस्याएं खड़ी करता है जिससे यहाँ के वातावरण में कई दिक्कतें आनी शुरू हो जाती हैं। मेरठ में कचरे का पुनर्चक्रण करना अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है क्यूंकि इन कचरों में मात्र लोहे, प्लास्टिक आदि ही नहीं हैं बल्कि इनमें आधुनिक उपकरण जैसे टी.वी., फ्रिज, मोबाइल आदि भी शामिल हैं। इन वस्तुओं के पुनर्चक्रण से कई समस्याओं का हल निकल सकता है। मेरठ में पुनर्चक्रीकरण की प्रक्रिया का सूत्रपात हो चुका है परन्तु इसको बड़े स्तर पर पहुँचने में समय लग रहा है।

मेरठ को अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ के आधार पर बनाया जा रहा है जो कि भारत का सबसे स्वच्छ शहर है और जहाँ एक भी कचरे का टीला नहीं है। वहां पर उपस्थित समस्त कचरे का पुनर्चक्रीकरण किया जाता है। यदि इसी आधार पर मेरठ में कार्य कर दिया जाए तो यह भी सबसे साफ़ शहरों की सूची में शामिल हो कचरा मुक्त शहर बन जाएगा। जैसे मेरठ की कैंची पुनर्चक्रण से प्राप्त धातुओं के आधार पर बनाई जाती है वैसे ही अन्य कितने ही उत्पाद इन कचरों से बनाये जा सकते हैं। दिल्ली के गाज़ीपुर फूल मंडी में बचे हुए फूलों के ग्रीटिंग कार्ड व अन्य वस्तुएं बनायीं जाती हैं जो कि पुनर्चक्रीकरण का ही एक उदाहरण है।

1.https://timesofindia.indiatimes.com/city/meerut/inspired-by-pm-teens-set-up-e-waste-management-firm/articleshow/57965062.cms
2.http://www.escrapzone.com/e-waste-recycling-meerut.html
3.https://swachhindia.ndtv.com/inspired-by-chhattisgarhs-ambikarpur-meerut-steps-up-its-waste-management-initiatives-will-hire-more-than-2000-sanitation-workers-10413/
4.http://www.petrecycling.in/pet-recycling-in-india/

RECENT POST

  • जगन्नाथ रथ यात्रा विशेष: दुनिया के सबसे बड़े रथ उत्सव से जुडी शानदार किवदंतियाँ
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     01-07-2022 10:22 AM


  • भारत के सबसे बड़े आदिवासी समूहों में से एक, गोंड जनजाति की संस्कृति व् परम्परा, उनके सरल व् गूढ़ रहस्य
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     30-06-2022 08:35 AM


  • सिंथेटिक कोशिकाओं में छिपी हैं, क्रांतिकारी संभावनाएं
    कोशिका के आधार पर

     29-06-2022 09:19 AM


  • मेरठ का 300 साल पुराना शानदार अबू का मकबरा आज बकरियों का तबेला बनकर रह गया है
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     28-06-2022 08:15 AM


  • ब्लास्ट फिशिंग से होता न सिर्फ मछुआरे की जान को जोखिम, बल्कि जल जीवों को भी भारी नुकसान
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:25 AM


  • एक पौराणिक जानवर के रूप में प्रसिद्ध थे जिराफ
    शारीरिक

     26-06-2022 10:08 AM


  • अन्य शिकारी जानवरों पर भारी पड़ रही हैं, बाघ केंद्रित संरक्षण नीतियां
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:49 AM


  • हम में से कई लोगों को कड़वे व्यंजन पसंद आते हैं, जबकि उनकी कड़वाहट कई लोगों के लिए सहन नहीं होती
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     24-06-2022 09:49 AM


  • भारत में पश्चिमी शास्त्रीय संगीत धीरे-धीरे से ही सही, लेकिन लोकप्रिय हो रहा है
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     23-06-2022 09:30 AM


  • योग शरीर को लचीला ही नहीं बल्कि ताकतवर भी बनाता है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     22-06-2022 10:23 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id