Machine Translator

आयुर्वेद प्रणाली की बुनियाद

मेरठ

 28-04-2018 01:47 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

मानव शरीर एक मंदिर के सामान है तथा इसमें कई प्रणालियाँ पायी जाती हैं जो कि शरीर को चलने और कार्य करने में सहायक होती हैं| प्राचीन भारतीय ग्रन्थ आयुर्वेद मानव के शरीर की संरचना और उनके विकारों की एक व्यवस्थित जानकारी देता है| आयुर्वेद में जीवन की कल्पना शरीर, आत्मा, होश और दिमाग के मिलन से होती है| एक जीवित व्यक्ति तीन शारीरिक द्रवों के मिलन से बनता है और वे हैं :-

* वात (Vata)
* पित्त (Pitta)
* कफ (Kapha)

मानव शरीर में कुल सात बुनियादी ऊतक होते हैं और वे हैं :-
* रस (Rasa)
* रक्त (Rakta)
* मांस (Mansa)
* मेदा (Meda)
* अस्थि (Asthi)
* मज्जा (Majja)
* शुक्र (Shukra)

और मानव शरीर का कचरा (Waste Product) मल, मूत्र और स्वेद होते हैं| और इसी तरह पूरा मानव शरीर शारीरिक द्रव, ऊतक और शरीर के कचरे से बनता है| इस शारीरिक मैट्रिक्स के बढ़ने या सड़ने से जो घटक बचते हैं वे इन द्रव और ऊतकों द्वारा संसाधित कर लिए जाते हैं| खाने में अंतर्ग्रहण (Ingestion), पाचन (Digestion), चयापचय (Metabolism), अवशोषण (Absorption) और परिपाक (Assimilation) का एक अपना ही अनोखा महत्त्व है , और यह शारीरिक तंत्रों के चलने में मदद करते हैं|

पंचमहाभूत-
आयुर्वेद के अनुसार ब्रह्माण्ड की हर वस्तु पांच बुनियादी तत्वों से बनी है और उन्हें पंचमहाभूत कहते हैं| इनमें धरती, जल, अग्नि, वायु और शून्यक हैं| शरीर के हर हिस्से को अच्छे ढंग से चलने के लिए इन पांच तत्वों का संतुलित रूप में होना आवश्यक है| शरीर की बनावट और विकास पोषण पर निर्भित है| भोजन में यह पाँचों तत्व मौजूद हैं जो अग्नि की प्रक्रिया के बाद शारीर का पोषण करते हैं और शरीर को स्वस्थ रूप से चलने में मदद मिलती है| शरीर के सभी ऊतक और द्रव पंचमहाभूतों के मिलन से बनते है|

1. https://ayush.gov.in/about-the-systems/ayurveda/bodymatrix
2. https://ayush.gov.in/about-the-systems/ayurveda/panchamahabhutas



RECENT POST

  • क्या चक्रवात अम्फान है, ऊष्मा लहरों का कारण
    जलवायु व ऋतु

     05-06-2020 10:35 AM


  • मेरठ शहर और 120 साल पुराने शिकारी खेल में है, अनोखा सम्बन्ध
    हथियार व खिलौने

     04-06-2020 02:30 PM


  • इंडो पार्थियन युग के जीवन को दर्शाते हैं राजा गोंडोफेरस के सिक्के
    धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

     03-06-2020 03:10 PM


  • क्या है, हमारे जीवन में कीटों का महत्व ?
    तितलियाँ व कीड़े

     02-06-2020 10:50 AM


  • विभिन्न उद्यमों ने किया है सरकार से मजबूत राहत पैकेज का अनुरोध
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     01-06-2020 11:25 AM


  • बाम्बिनो नामक लड़के की प्यारी सी कहानी है, ला लूना
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     31-05-2020 11:50 AM


  • एक मार्मिक चित्र जिसने 1857 की क्रांति के दमन को दर्शाया
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     30-05-2020 09:25 AM


  • आज भी आवश्यकता है एक प्राचीन रोजगार “नालबंद” की
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     29-05-2020 10:20 AM


  • भारत के पश्तून/पठानों का इतिहास
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     28-05-2020 09:40 AM


  • ब्रह्मांड की उत्पत्ति, इसके विकास और अंतिम परिणाम की व्याख्या करता है धार्मिक ब्रह्मांड विज्ञान
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     27-05-2020 01:00 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.