Machine Translator

हम आरती क्यों करते हैं ?

मेरठ

 13-04-2018 12:00 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

जब भी भजन या पूजा का समापन होता है तब हम आरती किया करते हैं। आरती उस पवित्र आत्मा को दर्शाती है जो घर में पूजा के दौरान प्रस्थान करती है। घंटी बजाकर या भजन-कीर्तन कर आरती की जाती है।आरती पूजा का 16वां पड़ाव है जिसे शोदशा उपचार कहते हैं। आरती को दायें हाथ में रख कर दक्षिणावर्त दिशा में देवता के सामने घुमाते हैं, यह देवता के एक अंश या पूरे अंश को दर्शाता है। जब आरती की जा रही होती है तब हम मन में मंत्र पढ़ते हैं या जोर से उसका उच्चारण करते हैं; माना जाता है कि मंत्र के उच्चारण से बुरी शक्तियाँ दूर रहती है। अंत में हम अपने हाथों से आरती की अग्नि को छूकर अपने सिर और आखों को छूते हैं, यह प्रक्रिया बुद्धि को धारण करने को दर्शाती है। जब हम अभिषेक करते हैं तब देवता की तस्वीर या मूर्ती को सजाते हैं और बस उस देवता के ऊपर अपना सारा ध्यान केन्द्रित कर देते हैं, इससे हमें देवता की ख़ूबसूरती और महिमा का अहसास होता है। अर्चना के दौरान मंत्र पढ़ने या कीर्तन करने से पवित्रता का भाव जागरूक होता है।

हमेशा आरती और कपूर को एक ही थाली में रखा जाता है और इस प्रक्रिया से आत्मा का महत्व समझ आता है। जैसे ही कपूर अग्नि के संपर्क में आता है वह तुरंत जल जाता है और पीछे कोई भी अवशेष नहीं छोड़ता और यह हमारे अन्दर की इच्छाओं को दर्शाता है। ज्ञान का प्रकाश हमारे अहंकार को जलाता है और देवता से हमें जोड़ता है। जब भी कपूर जलता है वह एक सुगंध का उत्सर्जन करता है , और यह हमारी आत्मा की प्रगति को दर्शाता है। आरती का दार्शनिक मान बहुत आगे तक का है, इसमें सूर्य, चाँद, तारे, बिजली और प्रकृति से मिलने वाले सूत्र भी शामिल हैं। देवता अन्तरिक्ष के इस अद्भुत सूत्र का केंद्र हैं और जब भी हम देवता को आरती की अग्नि देते हैं तब पूरे वातावरण में शान्ति की भावना उत्पन्न हो जाती है और यह ज्ञान एवं जीवन को दर्शाता है।

1. इन इंडियन कल्चर व्हाई डू वी... – स्वामिनी विमलानान्दा, राधिका कृष्णकुमार
2. हिन्दू राइट्स एंड रिचुअल्स, के. वी. सिंह



RECENT POST

  • सबका पहला आदर्श - पिता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • सफलता के लिये अपनाएं ये सात आध्यात्मिक नियम
    व्यवहारिक

     15-06-2019 10:58 AM


  • भारतीय किसानों पर बढ़ता विदेशी आयातों का संकट समझाती है ये पुस्तक
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 11:01 AM


  • मेरठ में मौजूद हैं औपनिवेशिक भारत के कुछ पुराने क्लब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:42 AM


  • 20वीं सदी के कला आंदोलन का भारतीय स्‍वतंत्रता आंदोलन पर प्रभाव
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 12:01 PM


  • मेरठ की जामा मस्जिद उत्तर भारत की सबसे पहली जामा मस्जिद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2019 11:08 AM


  • प्राकृतिक एयर कंडीशनर बन सकते हैं पेड़ और उनकी बेलें
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     10-06-2019 12:37 PM


  • भारत के पांच जादुई मंदिर, जहाँ रोज़ होते हैं चमत्कार
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-06-2019 10:05 AM


  • अमर चित्र कथा से पहले एक मुस्लिम ने शुरू की थीं पौराणिक कथाओं पर आधारित कॉमिक
    ध्वनि 2- भाषायें

     08-06-2019 11:30 AM


  • अकबर का शक्तिशाली हाथी, हवाई
    स्तनधारी

     07-06-2019 11:40 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.