मॉलिवुड : मेरठ का फिल्म उद्योग

मेरठ

 30-09-2018 10:37 AM
द्रिश्य 2- अभिनय कला

क्या आप जानते है के मेरठ का अपना सिनेमा है जिसे हम मॉलिवुड के रूप म जानते है मेरठ ने अपना खुद का लोकप्रिय सिनेमा उद्योग विकसित किया है, जिसे स्थानीय लोग मॉलिवुड के रूप में संदर्भित करते हैं। बॉलीवुड के विपरीत यहाँ, फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज़ नहीं किया जाता है बल्कि सीडी के रूप में बाजार में वितरित किया जाता है। एक सीडी की कीमत 25 रुपये से 40 रुपये के बीच होती है। ये फिल्म हरियाणवी बोली में बने हैं, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में बेहद लोकप्रिय हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और राजस्थान के कुछ इलाकों में हरयाणवी बोली का अधिक रूप से इस्तेमाल के कारण यहाँ इनकी काफी लोकप्रियता है।

दिलचस्प बात यह है कि बड़ी स्क्रीन रिलीज के बिना भी, मोलिवुड को अच्छा कारोबार मिलता है, जो कई लाख रुपए तक होता है। शायद स्थानीय लोग स्थानीय कलाकारों के अभिनय का स्थानीय बोली में बहुत ज्यादा आनंद लेते है। विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि सिनेमाघरों में इन फिल्मों को रिलीज़ नहीं किया गया है, इसलिए व्यापार कारोबार की गणना करना मुश्किल है।

यह सब ऑडियो टेप पर दर्ज कॉमेडी कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ, जो 1990 के दशक में क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। 20 वीं शताब्दी के अंत तक, ऑडियो टेप को सीडी द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था। सीडी के आगमन के साथ, कॉमेडी ऑडियो बिजनेस ने एक पेशेवर मोड़ लिया और फिल्म और संगीत उत्पादन कंपनियों जैसे टी-सीरीज़ और मोसर बायर शामिल हो गए।

2004 में, फिल्म धाकड़ छोरा को रिलीज किया गया था (सीडी पर) और एक बड़ी हिट बन गई। यह उद्योग के संक्षिप्त इतिहास में एक मील का पत्थर था और अक्सर इस मोलिवुड फिल्म को शोले से तुलना की जाती है। यह आज फिल्मों की सफलता को मापने के लिए एक मानक बन गया है। अभिनेता उत्तर कुमार और सुमन नेगी स्थानीय युवाओं के लिए प्रतिमा बन गए, उनकी लोकप्रियता की तुलना बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान और ऐश्वर्या राय के साथ की गई थी।

हालांकि, 2006 तक, चीजें बदलना शुरू हो गयी। सीडी के दाम सस्ता हो गए और इस प्रकार बाजार में सीडियों की मात्र बड गई। वीडियो, सीडी प्रतिलिप होने लगी और फिल्मों की अवैध प्रतियों को स्वतंत्र रूप से प्रसारित किया जा रहा था। वितरकों ने व्यवसाय खोना शुरू कर दिया और उन्होंने फिल्मों की खरीद कीमत में कमी आई।

सन्दर्भ:
1. https://thewire.in/culture/meerut-film-industry-mollywood
2. https://timesofindia.indiatimes.com/city/meerut/Piracy-has-snuffed-life-out-of-Meerut-film-industry/articleshow/45321294.cms
3. https://www.youtube.com/watch?v=FcQt7nZBBUw


RECENT POST

  • भारत में महत्वपूर्ण पर्यावरण संरक्षण अधिनियम क्या हैं?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     22-01-2019 02:41 PM


  • डिजिटल भारत का महत्वाकांक्षी उपग्रह जीसैट-11
    संचार एवं संचार यन्त्र

     21-01-2019 01:58 PM


  • जब तोड़ दी गयी 140 कि.मी लम्बी बर्लिन की दीवार
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-01-2019 10:00 AM


  • आखिर क्या है ये स्मॉग, जिससे हो रही हैं अनेक बीमारियां
    जलवायु व ऋतु

     19-01-2019 01:00 PM


  • कैसे पैदा की जाती है जल से बिजली?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-01-2019 12:00 PM


  • क्या हैं भूकप के कारण, प्रकार एवं उसके माप
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     17-01-2019 01:47 PM


  • क्या होती है ये क्लाउड कंप्यूटिंग?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     16-01-2019 02:32 PM


  • नई प्रतिभा को मौका देती आईडिएट फॉर इंडिया प्रतियोगिता
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     15-01-2019 12:38 PM


  • मकर संक्रांति पर खेला जाने वाला एक दुर्लभ खेल, पिट्ठू
    हथियार व खिलौने

     14-01-2019 11:15 AM


  • सन 1949 से आया एकता का सन्देश
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     13-01-2019 10:00 AM