शाहपीर का मकबरा आधुनिक और ऐतिहासिक चित्रों में

मेरठ

 11-09-2018 01:34 PM
द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

आज आये दिन सोशल मिडिया पर लाखों तस्‍वीरें डाली जाती हैं, जिन पर देश दुनिया के लोग अपनी क्रिया प्रतिक्रिया देते हैं। एक ऐसी ही अनोखी डिजिटल तस्‍वीर मेरठ के शाहपीर मकबरे की कुछ समय पहले दिल्‍ली के प्रसिद्ध फोटोग्राफर अमित पसरीचा द्वारा अपने फेसबुक पेज ‘इंडिया लोस्‍ट एण्‍ड फाउंड’ में डाली गयी जिन्‍हें हज़ारों दर्शकों द्वारा सराहा गया।


17वीं सदी में बनाए गये इस मकबरे का निर्माण वास्‍तविकता में पूरा नहीं हुआ। जिसका इतिहास आप प्रारंग के एक पुराने लेख में पढ़ सकते हैं (http://meerut.prarang.in/180129828)। इस मकबरे तथा उसके आसपास का एक चित्र 1843 में फ्रेडरिक पीटर लेयर्ड द्वारा पेंसिल से तैयार किया गया। यह हाथ से बनाया गया चित्र उस समय के लिए काफी स्पष्ट था।


परन्तु आज टेक्नोलॉजी (Technology) में प्रगति होने के साथ इस मकबरे की छोटी से छोटी बारीकी को भी आसानी से चित्रों में कैद किया जा सकता है। नीचे दिए गए कुछ चित्र इस मकबरे की ऐसी ही बारीकियाँ दर्शाते हैं:



पिछले 167 साल से अपरिवर्तित रहे इस मकबरे में पहले की तुलना में आज अधिक पर्यटक घूमने आते हैं। जिस कारण यह अधिक प्रसिद्ध होता जा रहा है। निर्माण पूरा न होने के कारण शाह पीर की कब्र खुले आकाश के नीचे रह गयी। गुंबद विहीन यह मकबरा लाल पत्‍थरों से तैयार किया गया है। इसके आसपास की दीवारों में सुन्‍दर मेहराब भी बनाए गये हैं जो इसकी सुन्दरता को और अधिक बढ़ा देते हैं।

संदर्भ:
1.http://meerutup.tripod.com/p1-6.htm
2.http://www.bl.uk/onlinegallery/onlineex/apac/other/zoomify68438.html
3.http://www.bl.uk/onlinegallery/onlineex/apac/other/019wdz000004363u00000000.html
4.https://www.facebook.com/IndiaLostFound/photos/a.653506534832641/926056377577654/?type=3&theater



RECENT POST

  • मेरठवासियों के लिए सिर्फ 170 किमी दूर हिल स्टेशन
    पर्वत, चोटी व पठार

     18-12-2018 11:58 AM


  • लुप्त होने के मार्ग पर है बुनाई और क्रोशिया की कला
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     17-12-2018 01:59 PM


  • दुनिया का सबसे ठंडा निवास क्षेत्र, ओयम्याकोन
    जलवायु व ऋतु

     16-12-2018 10:00 AM


  • 1857 की क्रांति में मेरठ व बागपत के आम नागरिकों का योगदान
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     15-12-2018 02:10 PM


  • मिठास की रानी चीनी का इतिहास
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     14-12-2018 12:12 PM


  • वृक्षों का एक लघु स्वरूप 'बोन्साई '
    शारीरिक

     13-12-2018 04:00 PM


  • निरर्थक नहीं वरन् पर्यावरण का अभिन्‍न अंग है काई
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     12-12-2018 01:24 PM


  • विज्ञान का एक अद्वितीय स्‍वरूप जैव प्रौद्योगिकी
    डीएनए

     11-12-2018 01:09 PM


  • पौधों के नहीं बल्कि मानव के ज़्यादा करीब हैं मशरूम
    फंफूद, कुकुरमुत्ता

     10-12-2018 01:18 PM


  • रेडियो का आविष्कार और समय के साथ उसका सफ़र
    संचार एवं संचार यन्त्र

     09-12-2018 10:00 PM