भारत में कार्टून: मनोरंजक या अपमानजनक?

मेरठ

 03-07-2018 05:14 PM
द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

पिछले वर्ष भारत में अंग्रेज़ी का एक शब्द सबकी जुबां पर छा गया था, ‘इनटॉलेरेंस’ (Intolerance) अर्थात असहिष्णुता। पूरे देश भर में वाद-विवाद चल रहे थे कि क्या भारत एक ऐसा देश बनता जा रहा है जहाँ किसी ना किसी बात से कोई ना कोई व्यक्ति या समूह नाराज़ हो जाता है और कुछ कदम उठाने लगता है? चिंता मत कीजिये, हम आज फिर से ये मुद्दा नहीं उठाने वाले। आज हम इसी से मिलते-जुलते एक विषय में बात करने जा रहे हैं।

हर तरह की भावना को व्यक्त करने का या कोई सन्देश पहुँचाने का एक बहुत ही प्रभावशाली तरीका होता है हास्य व्यंग्य और हास्य व्यंग्य करने के लिए कार्टून से बेहतर क्या हो सकता है। कार्टून कई बार सिर्फ हास्य पैदा करने के लिए बनाये जाते हैं लेकिन वे कुछ अहम मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए और एक हलके रूप में समाज को कुछ समझाने के लिए भी बहुत लाभदायक साबित होते हैं। कार्टून के माध्यम से अक्सर आलोचना करने का कार्य भी किया जाता है परन्तु बहुत होशियारी से, ताकि बात भी समझ आ जाये और किसी को अपमानित भी महसूस ना हो। परन्तु कई बार इन कार्टूनों से कई लोग नाखुश हो बैठते हैं और उसके अन्दर छिपे सन्देश और हास्य को नहीं समझ पाते हैं।

‘इंडियन ओपिनियन’ (Indian Opinion) नामक अखबार जिसे गांधीजी दक्षिण अफ्रीका में सम्पादित किया करते थे, उसमें कई बार गांधीजी अंग्रेज़ी कार्टून भी शामिल किया करते थे और साथ ही उनके अर्थ पर लम्बी टिप्पणियाँ भी देते थे। इन कार्टूनों की व्याख्या देकर गांधीजी भारतियों को अंग्रेज़ों के दिमाग और उनके सोचने के तरीके की एक झलकी देना चाहते थे। भारत लौटने के बाद भी उन्होंने चित्रकार शंकर द्वारा बनाये गए कार्टूनों पर अपनी नज़र बनाये रखी और साथ ही कार्टून के इरादे और अर्थ पर हुए विवादों में अपनी बुद्धिमत्ता दान की।

मशहूर लेखक चार्ल्स डिकन्स (टेल ऑफ़ टू सिटीज़, ग्रेट एक्सपेक्टेशंस, आदि) ने अपने जर्नल ‘ऑल दि इयर राउंड’, 1862 (All the year round, 1862) में भारत में प्रकाशित हो रही अंग्रेज़ी कार्टून मैगज़ीन ‘पंच’ के संदर्भ में लिखा था, “भारत में पंच। विचार थोड़ा निराशात्मक लगता है। एक सोचा-समझा नपा-तुला मज़ाक भी उन लोगों के लिए बहुत अटपटा होगा जिनको कॉमेडी (Comedy: हास्य) की समझ ही नहीं है। एशियाई लोगों का स्वभाव गंभीर है और उन्हें हंसी-मज़ाक और मस्ती से कोई आनंद प्राप्त नहीं होता है।

प्रस्तुत चित्र भी गांधीजी द्वारा सम्पादित इंडियन ओपिनियन से ली गयी है। चित्र में एक सपेरा एक कोबरा के आगे बीन बजा रहा होता है। ध्यान से देखने पर पता चलता है कि कोबरा को ‘इंडियन कम्युनिटी’ (Indian Community) अर्थात भारतीय समुदाय का नाम दिया गया है। चित्र के नाम से यह सन्देश मिलता है कि कोबरा को सपेरे की बीन सुनने में कोई मज़ा नहीं आ रहा है। यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि सपेरा असल में कार्टून और हास्य का रूपक है और कोबरा यानी कि भारतीय समुदाय को उसमें कोई दिलचस्पी नहीं है।

एक ही कार्टून से कुछ लोग क्रोधित हो उठते हैं तो कुछ को कोई फर्क नहीं पड़ता तो कुछ ठहाके लगाते हैं तो वहीँ कुछ लोग उसमें छिपा सन्देश ढूंढ लेते हैं। एक बहुत अच्छा कथन है कि ‘सुन्दरता तो देखने वाले की आँखों में होती है’ और इसी अनुसार हर व्यक्ति का नज़रिया अलग अलग होता है। परन्तु यदि किसी भी चीज़ में उसकी बुराई छोड़कर उसकी अछे से कुछ सीखा जा सकता है तो क्यों ना सीखा जाए।

संदर्भ:
1.http://blogs.lse.ac.uk/southasia/2015/06/10/book-review-caricaturing-culture-in-india-cartoons-and-history-in-the-modern-world/



RECENT POST

  • क्या हैं भूकप के कारण, प्रकार एवं उसके माप
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     17-01-2019 01:47 PM


  • क्या होती है ये क्लाउड कंप्यूटिंग?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     16-01-2019 02:32 PM


  • नई प्रतिभा को मौका देती आईडिएट फॉर इंडिया प्रतियोगिता
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     15-01-2019 12:38 PM


  • मकर संक्रांति पर खेला जाने वाला एक दुर्लभ खेल, पिट्ठू
    हथियार व खिलौने

     14-01-2019 11:15 AM


  • सन 1949 से आया एकता का सन्देश
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     13-01-2019 10:00 AM


  • कैसेट्स और सीडी का सफर
    संचार एवं संचार यन्त्र

     12-01-2019 10:00 AM


  • फोटोग्राफी में करियर बनाने की असीम संभावनाएं
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     11-01-2019 11:41 AM


  • रोज़गार की तलाश में बढ़ते प्रवासन के आंकड़े
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     10-01-2019 12:11 PM


  • हाल ही में शुरू की गई यूपीआई भुगतान प्रणाली और इसके उपयोग
    संचार एवं संचार यन्त्र

     09-01-2019 01:01 PM


  • आखिर क्‍या है भारत के युवाओं के लिए विवाह की उचित आयु
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     08-01-2019 11:51 AM