Machine Translator

शिव पार्वती की प्रतिमा देती है दिवाली पर जुआ न खेलने का सन्देश

मेरठ

 07-11-2018 12:31 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

दिवाली रोशनी का हिंदू त्यौहार है। यह पूरे भारत और दक्षिणी एशिया के अन्य हिस्सों के साथ-साथ दुनिया भर के कई अन्य स्थानों में पांच दिनों के लिए मनाया जाता है। यह साल का सबसे बड़ा हिंदू त्यौहार और सबसे महत्वपूर्ण हिंदू अवकाश है। दिवाली के दौरान, लोग सफाई अनुष्ठान करते हैं, अपने घर सजाते है तथा विशेष उत्सवों के लिए इकट्ठा होते हैं। दिवाली में प्रत्येक रसम रिवाज का अनुसरण होता है लेकिन कुछ लोग दिवाली पे जुआ भी खेलते है इस प्रथा के साथ भगवान शंकर तथा पार्वती के जुआ खेलने के प्रसंग को भी जोड़ा जाता है, जिसमें भगवान शंकर पराजित हो गए थे।

शिव और पार्वती का यह पासे के खेल की कहानी को स्पष्ट रूप से कुछ 1500 से 2000 साल पहले लोकप्रियता प्राप्त हुई और यह एलोरा गुफाओं(Ellora Caves), एलिफंटा गुफाओं(Elephanta Caves) और प्रारंभिक शिव मूर्तियों में दिखाई देती है लेकिन फिर भी, यह पासे के खेल की कहानी शिव पुराण में बिल्कुल दिखाई नहीं देती है। आई.आई.एम(IIM) के विद्वान प्रोफेसर सी पांडुरंगा भट्टा की माने तो यह खेल का उल्लेख उपपुराण में है। पुराण व् उपपुराण को कालक्रम में बांधना मुश्किल है लेकिन यह बात निश्चित तोर पर कही जा सकती है कि पुराण उपपुराण से प्राचीन है। कुछ मंदिरों के मूर्तिकला में शिव पुराण का भी उल्लेख है। महाकुता मंदिर उन मंदिरों में से एक है जहा शिव पुराण अपने मूल अनुक्रम में जीवित हैं। वहा इस जुआ के खेल का कोई उल्लेख नहीं है। इससे पता चलता है कि आज की यह जुआ खेलने की प्रथा मूल शिवपुराण से नहीं आती बल्कि इसके नए परिवर्तित रूप से आती है।

प्राचीन भारतीय साहित्य और यहां तक कि यह कहानी वास्तव में जुआ को मंजूरी नहीं देती है। राजा हरिश्चंद्र की बात करें या प्रसिद्ध महाभारत का पासे के खेल से लेकर राजसुया अनुष्ठान तक, साहित्य वास्तव में जुए की मूर्खता पर चेतावनियों से भरा हुआ है। धर्म वास्तव में इसे मंजूरी नहीं देता है। दिवाली वह पवित्र दिवस है जब रामायण में भगवान राम और सीता रावण को पराजित करने के बाद आपनी सेना के साथ अयोध्या वापस लौटते हैं। दिवाली वह शुभ दिवस है जहा राजा अशोक बौध धर्म में परिवर्तित हुए। आज ही के दिन जैनों के 24 तिर्थान्कारा महावीर को महानिर्वाण की प्राप्ति हुई थी । दिवाली के ही इस पावन उस्तव पर ही गुरु हरगोबिन्द जी की वापसी हुई थी। आज ही के दिन बंगाल के कुछ हिस्सों में कलि माँ की पूजा भी की जाती है । दीवली एक ऐसा पावन दिवस है जो बहुत सारी खुशियाँ साथ लाता है । दिवाली अनेक धर्मो एवं अनेक समुदायों में बड़ी धूम धाम से मानाने वाला दिवस है और इस पावन अवसर पर कोई समुदाय या धर्म जुआ खेलने की अनुमति नहीं देता ।

कहानी के अनुसार शिवा अपनी पत्नी पारवती के साथ एक पासे का खेलते थे जिसे मराठी में सरिपट नाम से जाना जाता है और हिंदी में चतुरंग कहा जाता है ।इस खेल में शिव पारवती से हार गए, जिससे शिव उदास हो गए और शिवजी को उदास देख कर विष्णू जी ने दोबारा खेल दिवाली के शुभ अवसर पर आयोजित किया। माना जाता है जब शिव ने अपने भुजाओ से पासा फेका तो शिवजी खुद पासे में समां गए और पारवती वह खेल हार गयी । उनके निराश होने पर विष्णु ने शिवजी के जीतने का राज़ बताया और साथ में यह भी बताया कि शिव इस खेल के हारने की वजह से बहुत निराश थे जिससे दुनिया भर में अशांति फ़ैल सकती है और विष्णू ने चीजों को व्यवस्तित करने के लिए यह कदम उठाया। यह सुनकर पारवती मुस्कुराई और मानव जाति को वरदान के साथ-साथ आशीर्वाद देते हुए अपनी हार को स्वीकार किया। "सही समय पर मौका / भाग्य का खेल खेलना शायद खिलाडी के लिए शुभ हो सकता है लेकिन उस खेल को भगवन के साथ नहीं जोड़ना चाहिए ।

सन्दर्भ:

1.http://jaisinh.blogspot.com/2010/04/blog-post.html?fbclid=IwAR3xQEYMhBxj_AMxfr7ee-9vLUXIixe_G9u2xkkOrqLisKtLyoL0jedPDxM
2.http://www.sacred-destinations.com/india/ellora-caves?fbclid=IwAR3Oa2G0rBLJaoQVkIrrRvx-NdkZIsm6pLFPtO2nacLhRgMS444apuY9jBg



RECENT POST

  • मेरठ के औघड़नाथ मंदिर का स्वयंभू शिवलिंग एवं अन्य प्रकार के शिवलिंग
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     20-11-2018 01:14 PM


  • जातिप्रथा, सतिप्रथा, अशिक्षा आदि के विरुद्ध खड़ा रामकृष्ण मिशन
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     19-11-2018 12:07 PM


  • बॉलीवुड में जैज़ का आगमन
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     18-11-2018 11:55 AM


  • हिंदी कविताओं और यहाँ तक कि हिंदी भाषा को प्रभावित करने वाले रूमी
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-11-2018 05:50 PM


  • फैनी पार्क्स की यात्रावृत्‍तांत में 1822 के मेरठ का वर्णन
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     16-11-2018 03:27 PM


  • मेरठ के लोगों द्वारा विस्मृत हुए अफगानी सरधना के नवाब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     15-11-2018 06:07 PM


  • इंडोनेशिया और भारत के सदियों पुराने नाते
    छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

     14-11-2018 12:55 PM


  • लक्ष्‍मी और अष्‍ट लक्ष्‍मी के दिव्‍य स्‍वरूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-11-2018 12:30 PM


  • प्रथम विश्‍व युद्ध के दौरान भारतीय सेना की यूरोप में स्थिति
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-11-2018 05:41 PM


  • कैसे खड़ी हो एक महिला कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ़
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     11-11-2018 10:00 AM