Machine Translator

पहले विश्व युद्ध में मेरठ का योगदान

मेरठ

 05-08-2018 11:37 AM
उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

पहला विश्व युद्ध सन 1914 से लेकर सन 1918 तक लड़ा गया था तथा इसे इतिहास के सबसे घातक संघर्षों में से एक माना जाता है। इसी के करीब 20 वर्ष बाद दुसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हुई। लेकिन आज के लेख को पहले विश्व युद्ध तक ही सीमित रखते हैं। तो क्या आपने कभी सोचा है कि पहले विश्व युद्ध के दौरान भारत में क्या चल रहा था, या फिर भारत का इसमें क्या योगदान था। शायद आप नहीं जानते होंगे लेकिन भारत ही नहीं बल्कि हमारे मेरठ का भी पहले विश्व युद्ध से सीधा ताल्लुक है।

पहले विश्व युद्ध में भारत को जर्मनी के विरुद्ध इस्तेमाल किया गया था। सन 1914 में जब जर्मनी की फ़ौज फ्रांस और बेल्जियम की ओर बढ़ी तो पश्चिमी मोर्चे पर अधिक सैनिकों की मांग हुई। भारतीय सेना में उस समय 1,61,000 सैनिक शामिल थे और इन्हें इस्तेमाल करना एक सही फैसला माना गया। लाहौर और मेरठ इन्फेंट्री (Infantry) को यूरोप में सेवा प्रदान करने के लिए चुना गया। अक्टूबर में ही इन्हें एक संघर्ष का हिस्सा बना दिया गया जिसमें इस सेना को भारी हानि सहनी पड़ी। औपनिवेशिक युद्ध के अभ्यस्त सैनिकों के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका था। एक सैनिक ने घर भेजी एक चिट्ठी में लिखा, “ये युद्ध नहीं है, ये संसार का अंत है”।

भारतीय सैनिकों को ऐसे युद्ध के लिए प्रशिक्षित नहीं किया गया था। अधिकतर भारतीय पलटनें हल्की खाकी पोशाकों में थे और 1914-1915 की ठण्ड सहना उनके लिए काफी मुश्किल था। इस वजह से ब्रिटेन में भारतीय सैनिकों के लिए गर्म कपड़े इकट्ठे करने की गुहार लगायी गयी। ज़रुरत की चीज़ों में ऊनी दस्ताने, मफलर, मोज़े, जलरोधक कपड़े और चादर थे। इन चीज़ों की प्रार्थना एक मुद्रित पुस्तिका के माध्यम से की गयी थी जिसे नीचे दिए गए चित्र में दर्शाया गया है:

इसके बाद लाहौर और मेरठ की पलटनों को सन 1917-18 के करीब तुर्कियों से युद्ध करने के लिए फिलिस्तीन भेज दिया गया था। प्रस्तुत चित्र में भारतीय फ़ौज को फिलिस्तीन के रेगिस्तानों से गुज़रते हुए देखा जा सकता है:

संदर्भ:
1.http://www.bbc.co.uk/history/worldwars/wwone/india_wwone_01.shtml
2.https://collection.nam.ac.uk/detail.php?acc=1983-10-275-1
3.https://collection.nam.ac.uk/detail.php?q=searchType%3Dsimple%26resultsDisplay%3Dlist%26simpleText%3Dmeerut&pos=10&total=28&page=1&acc=1994-05-138-841
4.https://collection.nam.ac.uk/detail.php?q=searchType%3Dsimple%26resultsDisplay%3Dlist%26simpleText%3Dmeerut&pos=6&total=28&page=1&acc=2002-05-1-28



RECENT POST

  • जातिप्रथा, सतिप्रथा, अशिक्षा आदि के विरुद्ध खड़ा रामकृष्ण मिशन
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     19-11-2018 12:07 PM


  • बॉलीवुड में जैज़ का आगमन
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     18-11-2018 11:55 AM


  • हिंदी कविताओं और यहाँ तक कि हिंदी भाषा को प्रभावित करने वाले रूमी
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-11-2018 05:50 PM


  • फैनी पार्क्स की यात्रावृत्‍तांत में 1822 के मेरठ का वर्णन
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     16-11-2018 03:27 PM


  • मेरठ के लोगों द्वारा विस्मृत हुए अफगानी सरधना के नवाब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     15-11-2018 06:07 PM


  • इंडोनेशिया और भारत के सदियों पुराने नाते
    छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

     14-11-2018 12:55 PM


  • लक्ष्‍मी और अष्‍ट लक्ष्‍मी के दिव्‍य स्‍वरूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-11-2018 12:30 PM


  • प्रथम विश्‍व युद्ध के दौरान भारतीय सेना की यूरोप में स्थिति
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-11-2018 05:41 PM


  • कैसे खड़ी हो एक महिला कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ़
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     11-11-2018 10:00 AM


  • प्रवास के समय पक्षियों की गति प्रभावित करने वाले कारक
    पंछीयाँ

     10-11-2018 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.