Machine Translator

मेरठ में इन्टरनेट

मेरठ

 06-04-2018 12:10 PM
संचार एवं संचार यन्त्र

प्रारंग इन्टरनेट के माध्यम से भारत के विभिन्न शहरों के सम्माननीय जनों से जुड़ रहा है तथा अपने पाठकों के लिए उनके शिक्षा व स्थान से जुड़ी जानकारियां प्रदान कर रहा है। प्रारंग उच्च मात्रा में शहर केंद्रित, स्थानीय भाषा में शोध विषयों को इन्टरनेट के माध्यम से भेजता है। 1 साल में 300 दैनिक शोध किये हुए विषयों के साथ प्रारंग शहर के मुख्य द्वार के रूप में उभर रहा है। प्रारंग का उद्देश्य है शहर के प्रत्येक इन्टरनेट उपयोगकर्ता के पास पहुँचना।

इन्टरनेट एक महत्वपूर्ण खोज है जिसके जरिये व्यक्ति संपूर्ण विश्व से संपर्क बनाये रह सकता है। भारत इस समय एक बड़े इन्टरनेट प्रयोगकर्ता देश के रूप में निकल कर सामने आ रहा है। यदि आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि भारत की एक बड़ी आबादी (31%) आज इन्टरनेट का प्रयोग कर रही है। भारत में इन्टरनेट का प्रयोग मुख्य रूप से मोबइल के जरिये होता है। यदि इन्टरनेट क्या है और इसकी खोज कैसे हुयी जैसे तथ्यों पर नज़र डालें तो कई बातें हमारे सामने आती हैं- इंटरनेट की खोज के पीछे कई लोगों का हाथ था। सबसे पहले लियोनार्ड क्लाइनरॉक (Leonard Kleinrock ) ने इंटरनेट बनाने की योजना बनाई। बाद में 1962 में जे.सी.आर. लिकलाइडर (J.C.R. Licklider) ने उस योजना के साथ, रोबर्ट टेलर (Robert Taylor) की मदद से एक जाल (Network) बनाया जिसका नाम अरपानेट (ARPANET) था। अरपानेट को टेलीनेट (TELENET) नाम से 1974 में व्यावसायिक रूप से उपयोग में लाया गया। भारत में इन्टरनेट सर्वप्रथम 80 के दशक में आया था।

इन्टरनेट पहले इस स्वरुप में बिलकुल नहीं था जिस स्वरुप में इसे आज हम देखते हैं। शुरुआत में, इंटरनेट वैज्ञानिक, शैक्षिक, और सैन्य अनुसंधान के लिए कड़ाई से इस्तेमाल किया गया था। सन 1991 में व्यवसायों और उपभोक्ताओं को भी आपस में जोड़ने की अनुमति देने के लिए नियमों को बदल दिया गया। उस समय के बाद से इंटरनेट तेजी से बढ़ गया है और अब पूरे विश्व भर में फ़ैल गया है। रोज़ाना इन्टरनेट के जरिये नई प्रौद्योगिकियों को लगातार विकसित किया जा रहा है ताकि इंटरनेट को आसान और अधिक आकर्षक बनाया जा सके। मानव जीवन में इन्टरनेट शिक्षा, शोध, मनोरंजन, सन्देश, अंतरिक्ष अध्ययन आदि के लिए प्रयोग में लाया जाता है। मेरठ में यदि आंकड़ों को देखें तो भारत स्तर पर यहाँ के गावों में करीब 16% आबादी इन्टरनेट का प्रयोग करती है और शहरों में करीब 60% आबादी इन्टरनेट प्रयोग करती है। इन्टरनेट का प्रमुख उपयोग शिक्षा सम्बन्धी है तथा यह घर बैठे ही व्यक्ति को शिक्षित करने में कारगर है।

1.http://www.livemint.com/Industry/QWzIOYEsfQJknXhC3HiuVI/Number-of-Internet-users-in-India-could-cross-450-million-by.html
2.https://economictimes.indiatimes.com/tech/internet/internet-penetration-in-rural-india-abysmal-report/articleshow/60881137.cms
3. http://www.thehindu.com/business/how-many-indians-have-internet/article17668272.ece



RECENT POST

  • मेरठ के फोटोग्राफर द्वारा दिखाई गयी आजादी से पहले के शाही राजघरानों की तस्वीरें
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     21-11-2018 01:57 PM


  • मेरठ के औघड़नाथ मंदिर का स्वयंभू शिवलिंग एवं अन्य प्रकार के शिवलिंग
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     20-11-2018 01:14 PM


  • जातिप्रथा, सतिप्रथा, अशिक्षा आदि के विरुद्ध खड़ा रामकृष्ण मिशन
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     19-11-2018 12:07 PM


  • बॉलीवुड में जैज़ का आगमन
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     18-11-2018 11:55 AM


  • हिंदी कविताओं और यहाँ तक कि हिंदी भाषा को प्रभावित करने वाले रूमी
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-11-2018 05:50 PM


  • फैनी पार्क्स की यात्रावृत्‍तांत में 1822 के मेरठ का वर्णन
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     16-11-2018 03:27 PM


  • मेरठ के लोगों द्वारा विस्मृत हुए अफगानी सरधना के नवाब
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     15-11-2018 06:07 PM


  • इंडोनेशिया और भारत के सदियों पुराने नाते
    छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

     14-11-2018 12:55 PM


  • लक्ष्‍मी और अष्‍ट लक्ष्‍मी के दिव्‍य स्‍वरूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-11-2018 12:30 PM


  • प्रथम विश्‍व युद्ध के दौरान भारतीय सेना की यूरोप में स्थिति
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-11-2018 05:41 PM