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  1. हमारे शहर सलाहकार परिषद में शामिल होने के लिए विशिष्ट लेख और विषयों पर टिप्पणी को हम तक पहुँचायें।
  2. विज्ञापन दें।
  3. मुफ्त ज्ञान और एक या अधिक शहरों की सामयिक लेखों के लिए हमारे दैनिक सोशल मीडिया फ़ीड की सदस्यता लें।
  4. महाविद्यालयों, विद्यालयों में प्रारंग द्वारा आयोजित संगोष्ठियों एवं नौकरी मेलों में प्रस्तुतियों, सर्वेक्षणों में भाग लें व उन्हें हमारे वीडियोज़ में देखें।
  5. हमारे फेसबुक के मुख पृष्ठ पर हमें फॉलो करें।
    • शहर के भागीदार
    • राज्य के भागीदार
    • राष्ट्र स्तरीय भागीदार
    • अपने शहर में प्रारंग को लाने के लिये (एक भाषा) आप हमारे साथ व्यक्तिगत रूप से या एक छोटे संगठन के रूप में सहयोगी बन सकते हैं। 30 दिन की संविदा के अंदर प्रारंग का प्रक्षेपण भारत के वृहद्तम 6000 शहरों में कर सकते हैं। शोध का कार्य (छवी, तथ्य, किताबें व डिजिटल सामग्री) हमारे नोयडा के अनुसंधान केंद्र किया जायेगा। इसके पश्चात् तय अवधि के लिये दैनिक ज्ञानवर्धक और विषयिक लेखों का निर्माण उस शहर की स्थानीय भाषा में शुरू होगा। लेखों के प्रकाशन के 60 दिन बाद, एक गठित मार्केटिंग अभियान शुरू किया जायेगा जिसका मूल उद्देश्य शहर के इंटरनेट सक्रिय 40% नागरिकों को प्रारंग से जोड़ना होगा।

      चयनित शहर के भागीदार समझौते की अवधि तक शहर सलाहकार परिषद के सदस्य बने रहेंगे। शहर के लिये चुने गये वार्षिक और मासिक विषयों को परिषद के सदस्यों के साथ साझा किया जायेगा और उनके द्वारा दिये गये सुझावों को शोधकर्ताओं एवं लेखकों द्वारा दैनिक लेखों में सम्मिलित किया जायेगा।

    • आप भारत के किसी भी राज्य के न्यूनतम 5 से लेकर अधिकतम 50 शहरों के भागीदार बन सकते हैं। भागीदारी एक शहर में एक भाषा के लिए है। द्वि-भाषी या त्रि-भाषी शहर प्रत्येक भाषा के लिए, अलग शहरों के रूप में गिने जाएँगे। मशीन-अनुवाद निश्चित रूप से गूगल के साथ साझेदारी में मुफ्त में आता है। शहर के भागीदारों को दिये गये सभी लाभ राज्य के भागीदारों को भी उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, राज्य के "आर्थिक भूगोल" की अर्धवार्षिक समीक्षा के लिए एक "राज्य परिषद" का भी गठन किया जाएगा। राज्य के सभी शहरों के पाठकों के बीच एक वार्षिक राज्य स्तरीय स्तरीय सर्वेक्षण भी चलाया जायेगा। यह उस राज्य के शहर-परिषदों में दर्ज किया जायेगा जिससे वहाँ की शिक्षा के प्रभाव और पाठक संतुष्टि की समीक्षा की जायेगी।

    • आप हमारे साथ कम से कम 5 राज्यों में फैले 50 शहरों के लिए भागीदार बन सकते हैं। भागीदारी एक शहर में एक भाषा के लिए है।

      शहर के परिषद भागीदारों को दिए गए उपरोक्त सभी लाभ, राष्ट्र स्तरीय भागीदारों के लिए भी उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा, चयनित शहरों के जिलों के "आर्थिक भूगोल" की त्रैमासिक समीक्षा, राष्ट्र स्तरीय भागीदारों के साथ की जाएगी। चयनित शहरों के सभी पाठकों के बीच चुने गए शहर/जिले के लिए एक गहन त्रैमासिक सर्वेक्षण तथा देश के लिए एक वार्षिक सर्वेक्षण का भी आयोजन किया जाएगा। यह सर्वेक्षण शहर-परिषदों में दर्ज किया जायेगा जिससे वहाँ की शिक्षा के प्रभाव और पाठक संतुष्टि की समीक्षा की जायेगी।

    एक शहर की भागीदारी (एक भाषा में) वर्तमान में सिर्फ ₹ १००,००० प्रति माह पर उपलब्ध है। इसकी न्यूनतम अवधि एक साल है। . सभी प्रकार की भागीदारियों के लिए अग्रिम भुगतान की आवश्यकता है।

    भागीदारी के लिए, query@prarang.in पर हमें लिखें।

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